एमपी विधानसभा। मध्यप्रदेश विधानसभा का बजट सत्र 16 फरवरी से शुरू हो रहा है। 18 मार्च को एमपी का बजट पेश होगा। 19 दिन का यह बजट सत्र 6 मार्च तक चलेगा। इस अवधि में होली का त्योहार पड़ रहा है। जिसे देखते हुए शांति समितियों के साथ बैठक कर आवश्यक प्रबंध सुनिश्चित किए जा रहे है।
मोहन सरकार का यह तीसरा बजट
ज्ञात हो कि मध्यप्रदेश की मोहन यादव सरकार 18 फरवरी 2026 को विधानसभा में अपना तीसरा बजट पेश करेगी, जिसे वित्त मंत्री और उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा पेश करेंगे। जानकारी के तहत राज्य का अनुमानित बजट 4.63 लाख करोड़ रुपए के आसपास हो सकता है। जो पिछले बजट से करीब 10 फीसदी अधिक होगा।
इन पर हो सकता है फोकस
एमपी के इस बजट में सरकार किसानों पर फोकस कर सकती है, क्योकि यह वर्ष कृर्षि वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। ऐसे में कृर्षि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को समृद्ध बनाने वालीे योजनाओं पर सरकार ज्यादा ध्यान दे रही है। रोजगार सृजन में अनुमान जताया जा रहा है कि लगभग 50 हजार सरकारी नौकरियां निकाली जा सकती है। इसके लिए सरकार युवा और कौशल यानि कि तकनीकी कौशल, उद्यमिता और नौकरियों के अन्य अवसरों पर जोर देगी। सरकार का महिला सशक्तिकरण संबंधी योजनाओं पर भी फोकस हो सकता है, यानि कि महिला सशक्तिकरण से जुड़ी योजनाओं में वृद्धि की जा सकती है।
हंगामेदार हो सकती है विधानसभा
इस बार सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों तरफ से विधायकों ने भर-भरकर सवाल लगाए हैं, जिनके जवाब राज्य सरकार के मंत्री बजट के दौरान देंगे। खास बात यह है कि इस बार ऑफलाइन की अपेक्षा ऑनलाइन सवाल ज्यादा हैं। सदन में इस बार अलग-अलग मुद्दों पर सवाल पूछे गए हैं, ऐसे में सत्र हंगामेदार होने के आसार हैं।
विधायकों ने सवालों की कर ली है तैयारी
जो जानकारी आ रही है उसके तहत अब तक विधानसभा में कुल 3478 सवाल आए हैं, जिनमें से 2253 विधायकों ने इस बार ऑनलाइन प्रक्रिया के तहत पूछे हैं, जबकि 1225 प्रश्न ऑफलाइन लगाए गए है. माना जा रहा है कि अभी सवाल और बढ़ सकते हैं. सवालों के उत्तर मंत्रियों की तरफ से निर्धारित तिथियों पर सदन में दिए जाते हैं।
खास बात यह है कि इस बार कुल 132 ध्यानाकर्षण प्रस्ताव भी अब तक आ चुके हैं. इसके अलावा 8 स्थगन प्रस्ताव, शून्यकाल की सूचना में पढ़ने के लिए 45 प्रस्ताव, जबकि 21 अशासकीय संकल्प मिले हैं. जबकि विधायकों ने अभी तक नियम 139 के तहत चर्चा के लिए 2 प्रस्ताव भी विधानसभा सचिवालय के पास आए हैं. वहीं 14 याचिकाएं लगाई गई हैं, इन सभी पर नियम 139 के तहत जब सदन की कार्यवाही चल रही होती है, तब विधानसभा अध्यक्ष की तरफ से समय निर्धारित किया जाता है. ऐसे में विधानसभा सचिवालय की तरफ से बजट सत्र की तैयारियों को लेकर आखिरी रूप दिया जा रहा है।

