Madhya Pradesh Women Cricketer : साधारण परिवार की बेटी-पावा दुआरा गांव की निकिता का भारत “A” महिला क्रिकेट टीम तक का प्रेरणादायक सफर-मध्य प्रदेश के सीधी जिले की चुरहट तहसील के छोटे से गाँव पावा दुआरा से निकलकर अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचना आसान नहीं होता। लेकिन जब सपनों को मेहनत, अनुशासन और परिवार का मजबूत सहारा मिल जाए, तो असंभव भी संभव बन जाता है। ऐसी ही प्रेरणादायक कहानी है निकिता सिंह की, जिनका चयन India “A” Women’s Team-Asia Cup Rising Stars 2026 के लिए हुआ है। यह उपलब्धि न सिर्फ उनके परिवार बल्कि पूरे सीधी जिले और मध्य प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। सीधी जिले के पावा दुआरा गांव की बेटी निकिता सिंह का चयन India A Women’s Team में हुआ। जानिए उनके संघर्ष, परिवार और प्रेरणादायक क्रिकेट सफर की पूरी कहानी।
साधारण परिवार की असाधारण सोच
निकिता सिंह एक सामान्य, शिक्षित और संस्कारी परिवार से ताल्लुक रखती हैं। उनके पिता श्री दीनबंधु सिंह घरवार एक शिक्षक हैं, जिन्होंने हमेशा शिक्षा और संस्कार को प्राथमिकता दी। परिवार में तीन बहनें और एक भाई हैं, जिनमें निकिता सबसे छोटी हैं। उनकी मां और पिता ने सीमित संसाधनों के बावजूद बच्चों के सपनों को पंख देने में कोई कसर नहीं छोड़ी। यही कारण है कि सभी भाई-बहन आज अपने-अपने क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं।
निक्की को बचपन से था क्रिकेट का जुनून
निकिता को बचपन से ही क्रिकेट खेलने का गहरा शौक था। गांव के छोटे से माहौल से निकलकर बड़े सपनों की ओर कदम बढ़ाने के लिए परिवार ने उन्हें भोपाल भेजा, जहाँ उन्होंने बेहतर शिक्षा और क्रिकेट प्रशिक्षण प्राप्त किया। कोंग्रेसी वरिष्ठ नेता अजय सिंह-राहुल भैया के सहयोग से उनका प्रारंभिक दाखिला क्रिकेट अकादमी में हुआ। यहीं से उनके क्रिकेट करियर की मजबूत नींव पड़ी और उन्होंने भारतीय टीम में खेलने का लक्ष्य तय कर लिया।
मेहनत, लगन और संघर्ष से मिली सफलता
अपनी जुबानी निकिता ने बताया की उनकी कड़ी मेहनत, अनुशासन और निरंतर अभ्यास के दम पर निकिता ने जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन किया। अंततः उनकी प्रतिभा को पहचान मिली और उनका चयन India ‘A’ Women’s Team में Asia Cup Rising Stars 2026 के लिए हो गया। यह उपलब्धि केवल एक खिलाड़ी की नहीं, बल्कि उस पूरे परिवार की जीत है, जिसने सीमित साधनों में भी बड़े सपनों को संजोए रखा।
शिक्षित और प्रेरणादायक पारिवारिक पृष्ठभूमि
निकिता का परिवार शिक्षा और सेवा भावना का प्रतीक है-एक बहन ICICI बैंक, मुंबई में ब्रांच हेड हैं जबकि दूसरी बहन पहले Axis Bank में कार्यरत थीं और अब गृहिणी हैं। निकिता का भाई IAS की तैयारी कर रहे हैं। दोनों जीजा जी भारतीय सेना में उच्च पदों पर कार्यरत हैं-एक एयरफोर्स में और दूसरे नेवी में। यह पारिवारिक परिवेश निकिता के व्यक्तित्व और अनुशासन का मजबूत आधार है।
सीधी जिले और मध्य प्रदेश का गौरव
निकिता सिंह की यह सफलता सीधी जिले की बेटियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने यह साबित कर दिया कि प्रतिभा किसी संसाधन की मोहताज नहीं होती जरूरत होती है सही मार्गदर्शन, परिवार के सहयोग और अटूट विश्वास की।
निष्कर्ष (Conclusion)-पावा दुआरा गांव की बेटी निकिता सिंह का भारतीय महिला क्रिकेट टीम “A” में चयन यह संदेश देता है कि मेहनत, लगन और सकारात्मक सोच से किसी भी ऊँचाई को छुआ जा सकता है। उनका सफर हर उस बेटी के लिए प्रेरणा है जो छोटे कस्बों और गांवों से बड़े सपने देखती है। पूरा देश उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करता है।

