MP Today Weather: मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। शुक्रवार को प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में बारिश का सबसे ज्यादा असर रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग समेत 12 जिलों में Heavy Rain Alert जारी करते हुए अगले 24 घंटे में 4 इंच या उससे अधिक बारिश का अनुमान जताया है। वहीं भोपाल, इंदौर सहित 40 से ज्यादा जिलों में हल्की से तेज बारिश की संभावना है। फिलहाल प्रदेश में इस मानसून सीजन के दौरान अब तक सामान्य से करीब 12% कम बारिश (Rainfall Deficit) दर्ज की गई है।
MP Today Weather: मध्य प्रदेश में एक बार फिर मानसून (Monsoon) सक्रिय होता नजर आ रहा है। शुक्रवार को प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में बारिश का असर सबसे ज्यादा रहने का अनुमान है। मौसम विभाग ने जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग के कई इलाकों में भारी बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 घंटे के दौरान प्रदेश के 12 जिलों में 4 इंच या उससे अधिक बारिश (Heavy Rainfall) हो सकती है। इस दौरान कुछ क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति बनने के साथ नदी-नालों के जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी की आशंका है।
इन 12 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
जिन जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है, उनमें सागर, नर्मदापुरम, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, अनूपपुर, शहडोल, कटनी, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली शामिल हैं। इन क्षेत्रों में बारिश के दौरान स्थानीय प्रशासन और लोगों को निचले इलाकों में विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होगी।
40 से ज्यादा जिलों में बारिश का अनुमान
पूर्वी मध्य प्रदेश के अलावा प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी बारिश का दौर जारी रह सकता है। भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, अलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड और श्योपुर में भी बारिश के आसार हैं। इसके अलावा छिंदवाड़ा, सिवनी, पांढुर्णा, रीवा, सतना, मैहर, उमरिया, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में भी मौसम बदल सकता है। इन जिलों में कहीं तेज तो कहीं हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।
बंगाल की खाड़ी में बना सिस्टम बढ़ाएगा बारिश
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में 12 अगस्त की सुबह बना Low Pressure Area (निम्न दबाव क्षेत्र) 13 अगस्त की सुबह आगे बढ़कर दबाव वाले क्षेत्र में बदल गया। यह मौसम प्रणाली उत्तर-पश्चिम दिशा में पश्चिम बंगाल और झारखंड की ओर बढ़ रही है। इस Weather System के प्रभाव से मानसून की द्रोणिका भी सक्रिय बनी हुई है। यही वजह है कि मध्य प्रदेश में आने वाले कुछ दिनों तक बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। खासतौर पर प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में भारी बारिश के दौर देखने को मिल सकते हैं।
प्रदेश में सामान्य से 2.8 इंच कम बारिश
मध्य प्रदेश में इस मानसून सीजन में अब तक करीब 524.8 मिलीमीटर यानी 20.7 इंच बारिश दर्ज की गई है। जबकि इस अवधि तक सामान्य बारिश का आंकड़ा करीब 597 मिलीमीटर यानी 23.5 इंच रहता है। इस लिहाज से प्रदेश में अब तक सामान्य से करीब 2.8 इंच कम बारिश हुई है। कुल बारिश सामान्य औसत से लगभग 12 प्रतिशत कम है। पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश की कमी करीब 20 प्रतिशत और पश्चिमी हिस्से में लगभग 5 प्रतिशत दर्ज की गई है।
जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में भी सामान्य के मुकाबले करीब 19 प्रतिशत तक कम बारिश हुई है। बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, डिंडौरी, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सतना, सिवनी, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़ और उमरिया में सामान्य से 5 से 53 प्रतिशत तक कम बारिश रिकॉर्ड की गई है।
पश्चिमी हिस्से के कई जिले भी बारिश में पीछे
पश्चिमी मध्य प्रदेश में भी कई जिलों में अब तक बारिश का आंकड़ा सामान्य से कम है। आगर-मालवा, अलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, दतिया, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, मुरैना, मंदसौर, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, शाजापुर, श्योपुर, शिवपुरी, उज्जैन और विदिशा में सामान्य से करीब 3 से 47 प्रतिशत तक कम बारिश दर्ज हुई है। हालांकि, प्रदेश के कुछ जिले ऐसे भी हैं जहां बारिश ने सामान्य आंकड़े को पीछे छोड़ दिया है।
इन 12 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश
भोपाल, गुना, सीहोर, राजगढ़, ग्वालियर, अनूपपुर, भिंड, बुरहानपुर, देवास, बड़वानी, खंडवा और खरगोन में अब तक सामान्य से अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई है।
जून की बारिश की कमी अब भी बरकरार
इस मानसून सीजन की शुरुआत में जून में प्रदेश को बारिश की कमी का सामना करना पड़ा था। जून में सामान्य से करीब 14 प्रतिशत कम बारिश हुई थी। जुलाई की शुरुआत में हुई अच्छी बारिश से स्थिति में सुधार आया और महीने का बारिश कोटा पूरा हो गया। इसके बाद मानसून में दो बार Break (मानसून ब्रेक) की स्थिति बनी, जिसके चलते कई दिनों तक बारिश की गतिविधियां कमजोर रहीं। अब अगस्त में सक्रिय हुए नए मौसम तंत्र ने बारिश की रफ्तार बढ़ाई है। इसके बावजूद पूरे मानसून सीजन के हिसाब से मध्य प्रदेश अभी भी सामान्य बारिश से करीब 12 प्रतिशत पीछे चल रहा है।
प्रदेश में सामान्य मानसूनी बारिश करीब 37.3 इंच
मध्य प्रदेश में पूरे मानसून सीजन के दौरान औसतन करीब 37.3 इंच बारिश होती है। वहीं भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर जैसे प्रमुख शहरों में सामान्य मानसूनी बारिश लगभग 38 से 39 इंच के बीच रहती है। फिलहाल बंगाल की खाड़ी में सक्रिय मौसम प्रणाली और मानसून की द्रोणिका की सक्रियता से प्रदेश में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की उम्मीद है। ऐसे में आने वाले दिनों में अच्छी बारिश होने पर बारिश की मौजूदा कमी काफी हद तक कम हो सकती है।

