भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र की सोमवार को जोरदार और हंगामेदार शुरुआत हुई। कार्यवाही की शुरुआत छह छंदों में वंदे मातरम् के गायन से हुई, जिसके बाद राज्यपाल मंगु भाई पटेल ने सदन को संबोधित किया। राज्यपाल के अभिभाषण के बीच विपक्ष ने दूषित पानी, नल-जल योजना समेत अन्य बिदुओं पर आवाज लगाते हुए नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि इसे भाषण में क्यो नही शामिल किया गया। बढ़ते हंगामा को देखते हुए विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर ने विधानसभा की कार्रवाई एक दिन के लिए स्थागित कर दिए। उन्होने कहा कि राज्यपाल का शेष अभिभाषण पूरा माना जाएगा। अब मंगलवार को विधानसभा की दुबारा कार्रवाई शुरू होगी। ज्ञात हो कि मध्यप्रदेश का बजट 18 फरवरी को विधानसभा की पटल पर रखा जाएगा।
राज्यपाल ने बताई सरकार की उपलब्धियां
अपने संबोधन में राज्यपाल मंगू भाई पटेल ने सरकार की विकास योजनाओं, जनकल्याणकारी कार्यक्रमों और नीतिगत सुधारों का उल्लेख किया। उन्होंने संकल्प पत्र 2023 में किए गए वादों पर अब तक हुए कार्यों और आने वाले वर्षों के लक्ष्यों की जानकारी भी सदन के सामने रखी। साथ ही, विभिन्न राजनीतिक और सामाजिक हस्तियों के निधन पर पक्ष-विपक्ष के सदस्यों ने श्रद्धांजलि अर्पित की। इससे पहले विधानसभा पहुंचने पर मुख्यमंत्री मोहन यादव, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने राज्यपाल का स्वागत किया।
अमृत काल और विकास योजनाओं का जिक्र
राज्यपाल ने अपने भाषण में कहा कि देश इस समय उस दौर में प्रवेश कर रहा है, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘अमृत काल’ नाम दिया है। उन्होंने उद्योगों के लिए अनुकूल माहौल, निवेश को बढ़ावा, भोपाल में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट, वर्ष 2047 तक मध्य प्रदेश को 2 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य, कृषि वर्ष मनाने की योजना, पीएम जनमन योजना के तहत आवास निर्माण, शिप्रा नदी को स्वच्छ बनाने और नई शिक्षा नीति के तहत किए गए कार्यों की जानकारी दी।
विपक्ष का विरोध और नारेबाजी
भाषण के दौरान नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने हस्तक्षेप करते हुए नल-जल योजना और इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों का मुद्दा उठाया। उनका आरोप था कि इन गंभीर मामलों को राज्यपाल के अभिभाषण में शामिल नहीं किया गया। इसके बाद विपक्षी सदस्यों ने नारेबाजी शुरू कर दिए, हालांकि हंगामे के बीच राज्यपाल ने अपना भाषण जारी रखा।
कार्यवाही स्थगित
राज्यपाल के सदन से जाने के बाद कार्यवाही दोबारा शुरू हुई। विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि जो अंश पढ़ा नहीं जा सका, उसे पढ़ा हुआ माना जाएगा। इसके बाद सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी गई, ज्ञात हो कि विधानसभा का बजट सत्र 16 फरवरी से 6 मार्च तक चलेगा। पहले दिन राज्यपाल का अभिभाषण हुआ।
जाने बजट सत्र
3478 प्रश्न
236 ध्यानाकर्षण प्रस्ताव
10 स्थगन प्रस्ताव
41 अशासकीय संकल्प
शून्यकाल में 83 प्रश्न

