LPG Crisis in India : ईरान और इजराइल-अमेरिका की जंग के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य तनाव का केंद्र बना हुआ है। यह युद्ध अब तेल के टैंकरों की खरीद व व्यापार को बाधित कर रहा है। ईरान ने ‘नो-मूव जोन’ घोषित किया है और होर्मूज से गुजर रहें दो तेल टैंकरों पर ड्रोन से हमला करने की जिम्मेदारी ली है, जिनमें सेवक गुजरात की ओर आ रहा था। गुरुवार को विदेश मंत्री जयशंकर ने ईरानी विदेश मंत्री आराघची से जहाजों की सुरक्षा और भारत की ऊर्जा सुरक्षा को लेकर बातचीत की है। इस दौरान ‘शेनलोंग’ नामक पहला क्रूड ऑयल टैंकर सुरक्षित रूप से सभी को चकमा देकर मुंबई पहुंचा गया, जिससे अब देश में एलपीजी की कमी कम होने की उम्मीद है।
जयशंकर ने ईरानी विदेश मंत्री को किया था कॉल
विदेश मंत्रालय ने बताया कि जयशंकर और ईरानी विदेश मंत्री आराघची के बीच इस संबंध में तीन बार बातचीत हुई है। विदेश मंत्री रणधीर जायसवाल ने कहा कि इन बैठकों में जहाजों की सुरक्षा और भारत की ऊर्जा सुरक्षा पर चर्चा की गई। खास तौर पर, 10 मार्च 2026 को हुई बातचीत में दोनों नेताओं ने मिडिल ईस्ट के तनाव के बीच भारत की ऊर्जा सुरक्षा और जल मार्ग की निर्बाध आवाजाही पर बात की। इस कूटनीति का ही परिणाम रहा कि ईरान ने भारतीय तेल टैंकरों को होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित गुजरने की मंजूरी दी, जो भारत के लिए बड़ी राहत है।
क्रूड ऑयल टैंकर के मुंबई पहुंचने से कम होगा LPG संकट
एक भारतीय कप्तान के नेतृत्व में लाइबेरियाई झंडा वाला टैंकर ‘शेनलोंग’ ने होर्मुज स्ट्रेट को पार कर मुंबई में दाखिल किया है। यह टैंकर सऊदी अरब के रास तनुरा बंदरगाह से क्रूड ऑयल लेकर आया था। इसमें लगभग 135,335 मीट्रिक टन तेल था। संघर्ष के बीच, इस हाई-रिस्क क्षेत्र को पार करते समय, इसने अपना ट्रैकिंग सिस्टम कुछ समय के लिए बंद कर दिया था। यह पहला क्रूड ऑयल टैंकर है, जो ईरान की मदद से सुरक्षित रूप से मुंबई पहुंचा है, जिससे एलपीजी की कमी खत्म होने की उम्मीद है। जयशंकर की पहल के बाद, ईरान ने भारतीय जहाजों को होर्मुज से गुजरने की अनुमति दी है।
भारत ने भी ईरान की बड़ी मदद की
अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच चल रही जंग के बीच भारत ने ईरान को 80 टन माल भेजा है। अमेरिका और इजराइल के बीच युद्ध के कारण, मध्य पूर्व में फूड की सुरक्षा खतरे में पड़ गई है क्योंकि जहाजों की आवाजाही कम हो गई है।
भारत ने ईरान के खाड़ी देशों में हमले की निंदा की
वहीं, भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में ईरान के खिलाफ प्रस्ताव का समर्थन किया है, जिसमें खाड़ी सहयोग परिषद के देशों और जॉर्डन द्वारा किए गए हमलों की निंदा की गई है। तेहरान में भारतीय दूतावास ने वहां रह रहे भारतीय नागरिकों के लिए चेतावनी जारी की है। दूतावास ने भारतीयों से कहा है कि वे बिना संपर्क और मार्गदर्शन के ईरान के किसी भी सीमा पर यात्रा न करें।
ईरान में फंसे भारतीय नागरिकों को ला रही सरकार
बताया जा रहा है कि केंद्र सरकार मिडिल ईस्ट में फंसे भारतीयों की मदद कर रही है। रणधीर जायसवाल ने कहा कि वे उन भारतीय नागरिकों की भी मदद कर रहे हैं जो अजरबैजान और आर्मेनिया जाना चाहते हैं और वहां से उड़ान लेकर घर लौटना चाहते हैं। भारत में करीब 9,000 भारतीय नागरिक हैं, जिनमें छात्र, नाविक, व्यवसायी, प्रोफेशनल और पर्यटक शामिल हैं। कई भारतीय नागरिक, खासकर छात्र, अपने देश लौट गए हैं। सरकार ने उन्हें सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया है।

