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रीवा : वैद्य की ठंडई से ठीक हुए भगवान जगन्नाथ, लक्ष्मण बाग में बीमार जगन्नाथ जी को पिलाई गई औषधि

Lord Jagannath Recovered Through Medicine in RewaLord Jagannath Recovered Through Medicine in Rewa

Lord Jagannath Recovered Through Medicine in Rewa

रीवा। विंध्य क्षेत्र में सदियों पुरानी जगन्नाथ परंपरा का निर्वहन करते हुए रविवार को रीवा के ऐतिहासिक लक्ष्मण बाग स्थित जगन्नाथ मंदिर में एक अनोखी और श्रद्धापूर्ण रस्म निभाई गई। यहाँ ज्येष्ठ पूर्णिमा के महास्नान के बाद ‘लू’ लगने से बीमार चल रहे भगवान जगन्नाथ के उपचार के लिए पारंपरिक वैद्य पहुंचे। वैद्य जी ने बीमार महाप्रभु की नाड़ी जांची और लू के प्रकोप से राहत दिलाने के लिए उन्हें विशेष रूप से तैयार की गई शीतल ठंडई और जड़ी-बूटियों से निर्मित औषधि का भोग लगाया।

15 दिनों से एकांतवास में हैं भगवान, भक्तों को दर्शन का इंतजार

वैद्य जी ने बताया कि ज्येष्ठ पूर्णिमा के शाही स्नान के दौरान अत्यधिक जल अर्पित किए जाने के कारण भगवान जगन्नाथ को लू लग गई थी और वे अस्वस्थ हो गए थे। इसी वजह से पिछले 15 दिनों से मंदिर के कपाट आम भक्तों के लिए पूरी तरह बंद हैं और भगवान एकांतवास में रहकर स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं। वैद्य द्वारा दी गई इस पारंपरिक औषधि और ठंडई के सेवन के बाद अब उम्मीद जताई जा रही है कि अगले दो दिनों के भीतर भगवान पूरी तरह स्वस्थ हो जाएंगे, जिसके बाद मंदिर के कपाट दोबारा खोले जाएंगे।

रीवा राजघराने के समय से चली आ रही परंपरा, पुरी की तर्ज पर निकलेगी भव्य रथ यात्रा

लक्ष्मण बाग संस्थान में निभाई जाने वाली यह अनूठी परंपरा रीवा राजघराने के समय से अनवरत चली आ रही है। ओडिशा के पुरी में आयोजित होने वाली विश्व प्रसिद्ध जगन्नाथ रथ यात्रा की तर्ज पर ही विंध्य क्षेत्र के रीवा में भी भगवान जगन्नाथ की भव्य और ऐतिहासिक रथ यात्रा निकाली जाती है। पूरे 15 दिनों तक बीमार रहने और स्वास्थ्य लाभ लेने के बाद जब महाप्रभु पूरी तरह स्वस्थ होते हैं, तो वे अपनी बहन सुभद्रा और भाई बलभद्र के साथ विशाल रथ पर सवार होकर नगर भ्रमण पर निकलते हैं। इस बार 16 जुलाई को रथ यात्रा निकाली जाएगी।

श्रद्धालुओं में भारी उत्साह, लीला मानकर निभाते हैं रस्म

भगवान के बीमार होने से लेकर उनके ठीक होने और फिर रथ यात्रा के जरिए प्रजा का हाल जानने निकलने की इस पूरी परंपरा को स्थानीय लोग भगवान की मानवीय लीला मानते हैं। इस दिव्य परंपरा को लेकर पूरे रीवा और आसपास के क्षेत्रों में श्रद्धालुओं के बीच भारी उत्साह और गहरी श्रद्धा का माहौल है। भगवान जगन्नाथ के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना के साथ ही अब पूरा विंध्य क्षेत्र महाप्रभु के दर्शन और आगामी भव्य रथ यात्रा के स्वागत की तैयारियों में जुट गया है।

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