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रीवा: स्नान के बाद बीमार पड़े भगवान जगन्नाथ, 15 दिनों तक चलेगा राजवैद्य का इलाज, 16 जुलाई को रथयात्रा

Lord Jagannath fell ill after the ritual bath in Rewa.Lord Jagannath fell ill after the ritual bath in Rewa.

Lord Jagannath fell ill after the ritual bath in Rewa.

रीवा। मध्य प्रदेश के रीवा जिले के प्रसिद्ध लक्ष्मणबाग संस्थान में भगवान जगन्नाथ स्वामी के बीमार पड़ने की सदियों पुरानी ऐतिहासिक परंपरा इस वर्ष भी निरंतर जारी है। ज्येष्ठ मास की पूर्णिमा पर पवित्र स्नान के बाद भगवान एकांतवास में चले गए हैं, जहाँ अगले 15 दिनों तक उनका उपचार किया जाएगा।

108 कलशों से स्नान के बाद आया ‘बुखार’

लक्ष्मणबाग संस्थान के सदस्य दीनानाथ शास्त्री ने बताया कि हर वर्ष की तरह इस बार भी ज्येष्ठ पूर्णिमा पर भगवान जगन्नाथ का विशेष अभिषेक किया गया। प्रभु को 108 कलशों के जल से स्नान कराया गया। अत्यधिक जल के संपर्क में आने के कारण भगवान को ‘बुखार’ आ गया है। इसके चलते भक्तों के लिए मंदिर के कपाट बंद कर दिए गए हैं।

पुरी से रीवा आई थी भगवान की यह प्रतिमा

स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, इस परंपरा का नाता रीवा राजघराने से है। रीवा के तत्कालीन महाराजा रघुराज सिंह जूदेव भगवान जगन्नाथ की इस प्रतिमा को एक स्वर्ण रथ में सम्मानपूर्वक उड़ीसा के पुरी से रीवा लाए थे। तब से लक्ष्मणबाग में पुरी के जगन्नाथ मंदिर की तर्ज पर ही सभी धार्मिक अनुष्ठान और परंपराएं निभाई जाती हैं।

राजवैद्य पिलाएंगे काढ़ा, 16 जुलाई को नगर भ्रमण

अगले 15 दिनों तक राजवैद्य एकांत में भगवान जगन्नाथ की विशेष सेवा करेंगे। इस दौरान प्रभु को ठीक करने के लिए आयुर्वेदिक काढ़ा, फलों का रस और विभिन्न औषधियाँ अर्पित की जाएंगी। आषाढ़ मास की अमावस्या या उसके अगले दिन पूर्ण रूप से स्वस्थ होने पर प्रभु भक्तों को दर्शन देंगे। इसके बाद आगामी 16 जुलाई को शहर में भगवान की भव्य रथयात्रा निकाली जाएगी।

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