भोपाल। मध्यप्रदेश सरकार ने 2025-26 के लिए नई आबकारी नीति को मंजूरी दे दी है, जिसके तहत 19 धार्मिक और आध्यात्मिक स्थलों पर शराब की दुकानें बंद होंगी। मंगलवार को एमपी कैबिनेट की बैठक में लिए गए निणर्य की जानकारी देते हुए उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला ने बताया कि सरकार ने धार्मिक स्थलों से शराब दुकाने हटाने के साथ ही स्कूल-कॉलेज, मंदिर, हाइवे से शराब दुकानों की दूरी बढ़ाई गई है। सरकार ने श्लो-अल्कोहल बार यानि की बीयर, वाइन की शुरू की गई नई श्रेणी को अपनी सहमति दे दी है। इसी तरह पीओएस मशीन अनिवार्य कर दी गई है और शराब की दुकानों के आवंटन मूल्य में 20 प्रतिशत के वृद्धि का प्रस्ताव है, जो 1 अप्रैल 2025 से लागू है।
सिंचाई परियोजनाओं के लिए सरकार ने जारी किया बजट
उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला ने बताया कि सिंचाई परियोजना पर सरकार ने बड़ा बजट दिया है। जिसमे से राजगढ़ जिले की सहारनपुर परियोजना के लिए 600 करोड़, सुल्तानपुर सिंचाई परियोजना के लिए 115 करोड़ एवं बरेली के 386 करोड़ रूपए दिए गए है। उन्होने बताया कि एमपी में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए 200 सर्व सुविधा वाली सांदीपनी स्कूल के लिए 17 से 18 करोड़ की रूपए की स्वीकृत दी गई है। इसके साथ ही 322 करोड़ रूपए शिक्षकों की क्रमोन्नति के लिए दिए गए है।
इन प्रमुख बिदुंओं पर सरकार ने लिया निणर्य
सिंचाई परियोजना को मूर्त रूप देने के लिए सरकार ने बजट पर स्वीकृत दे दिया है। जिसके तहत राजगढ़ जिले की सहारनपुर तहसील की सिंचाई परियोजना 600 करोड़ की स्वीकृति दी गई है 11022 हेक्टेयर सिंचाई होगी।
सुल्तानपुर सिंचाई परियोजना 115 करोड़ की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है 5700 हेक्टेयर भूमि की सिंचाई होगी।
बरेली में 386 करोड़ स्वीकृति दी गई है 15000 कामों में पानी की सुविधा और सिंचाई का काम होगा।
सरकार के इस निणर्य से 20000 किसानों को इसका फायदा मिलेगा।
सरकार ने आबकारी नीति के लिए स्वीकृति दे दी है।
रामशरण गौतम एएस आई को एक करोड़ की सहायता सरकार के द्वारा दी गई है।
200 सर्व सुविधा सांदीपनी स्कूलों के लिए 17 से 18 करोड़ का बजट दिया गया है।
322 करोड़ रूपए का बजट शिक्षकों के क्रमोन्नति के लिए दिया है, इससे सवा तीन लाख शिक्षकों को फायदा मिलेगा।
शराब नीति पर लिए गए फैसले से लाभ
शराबबंदी वाले क्षेत्र- उज्जैन, ओंकारेश्वर, महेश्वर, मैहर, चित्रकूट, ओरछा, दतिया, अमरकंटक सहित कुल 19 धार्मिक स्थलों पर शराब की दुकानें बंद होंगी।
दूरी में वृद्धि- शराब की दुकानों की स्कूल, कॉलेज, मंदिर आदि से दूरी 75 मीटर से बढ़ाकर 150 मीटर की गई है।
श्लो-अल्कोहल बार- रेस्टोरेंट में केवल बीयर, वाइन और 10ः तक अल्कोहल वाले रेडी-टू-ड्रिंक पेय (स्पिरिट वर्जित) परोसने के लिए श्लो-अल्कोहल बारश् की नई श्रेणी शुरू की गई है।
पीओएस मशीन अनिवार्य- बिना पीओएस मशीन के शराब बेचने पर जुर्माना और लाइसेंस रद्द हो सकता है; सभी दुकानों पर इसे अनिवार्य किया गया है।
शराब की दुकानों के दाम- आवंटन मूल्य में 20 प्रतिशत तक की वृद्धि की गई है।
हेरिटेज शराब- आदिवासी समूहों द्वारा बनाई गई हेरिटेज शराब (महुआ से बनी) में छूट मिलती रहेगी और एयरपोर्ट पर भी बिक्री की अनुमति होगी।
वाइनरी- प्रदेश में उत्पादित फलों और शहद से बनी वाइन के उत्पादन और बिक्री को बढ़ावा दिया जाएगा, वाइनरी परिसर में वाइन टैवर्न की अनुमति होगी।
नीति का उद्देश्य
धार्मिक स्थलों के आसपास शराब की बिक्री बंद कर सामाजिक सद्भाव बढ़ाना।
शराब की दुकानों से होने वाले राजस्व में वृद्धि करना।
श्लो-अल्कोहल उत्पादों और वाइन उत्पादन को बढ़ावा देना।
