Employees’ Provident Fund Organisation (EPFO) ने PF Account मैनेजमेंट को आसान बनाने के लिए एक नया डिजिटल प्लेटफॉर्म लॉन्च करने की तैयारी शुरू की है। यह प्लेटफॉर्म पुराने और बंद पीएफ खातों को ट्रैक करने और उसे UAN से लिंक करने और सक्रिय करने में मदद करने वाला है। ये पहल खास तौर पर उन कर्मचारियों को लाभ देने वाली है जिनमें कई सारे पीएफ खाते हैं या जिनका पैसा लंबे समय से निष्क्रिय पड़ा हुआ है।
PF Account ट्रैकिंग में आएगी स्पष्टता
Employees’ Provident Fund Organisation के इस नए प्लेटफार्म का उद्देश्य पीएफ अकाउंट को अधिक स्पष्ट और उपयोगकर्ता अनुकूल बनाता है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार या सिस्टम आधार आधारित वेरिफिकेशन के जरिए उपयोगकर्ताओं को उनके पुराने खातों तक पहुंचने में मदद करेगा भले ही वह UAN से लिंक हो या ना हो। स्टॉक एक्सचेंज डाटा से अलग ये पहल सीधे कर्मचारियों की लाभ प्रणाली से जुड़ी हुई है जहां डिजिटल इंवॉल्वमेंट से प्रक्रिया को और भी ज्यादा भरोसेमंद बनाया जा सकता है।
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क्यों जरूरी था pf account का यह Digital Platform
भारत में नौकरी बदलने के प्रवृत्ति बढ़ने के कारण एक कर्मचारी के कई पीएफ अकाउंट बन जाते हैं 2014 से पहले यूनिवर्सल अकाउंट नंबर प्रणाली लागू नहीं होने के कारण लाखों खाते संगठित ही रह गए थे। विश्लेषकों के अनुसार बड़ी संख्या में पीएफ बैलेंस ऐसे खातों में जा फसा है जो निष्क्रिय हो चुके हैं या जिनका दावा भी नहीं किया गया है। इस डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए ऐसे खातों को पहचानना और एकीकृत करना अब संभव हो सकेगा।
इससे यूजर्स को क्या मिलेगा फायदा
PF Account प्लेटफार्म से कर्मचारियों को कई लेवल पर लाभ मिलेगा जैसे उनके पुराने खातों को आसानी से खोजने और जोड़ने की सुविधा मिलेगी, आधार आधारित डिजिटल वेरिफिकेशन की प्रक्रिया भी तेज होगी, कागजी कार्यवाही और नियोक्ता पर निर्भरता की कमी देखी जाएगी और साथ ही निष्क्रिय खातों को दोबारा सक्रिय करने का ऑप्शन भी मिलेगा। कंपनी के ऑफिशियल बयान में बताया गया है कि यह पहला डिजिटल इंडिया के तहत कर्मचारी सेवाओं को सरल और पारदर्शी बनाने के लिए महत्वपूर्ण है।
क्या होगा निवेशकों और कर्मचारियों पर प्रभाव
हालांकि यह पहला सीधे शेयर बाजार से जुड़ी हुई नहीं है लेकिन इस PF Account की बेहतर ट्रैकिंग से कर्मचारियों की फाइनेंसियल सुरक्षा मजबूत होगी। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार यह कदम कर्मचारियों को उनके लंबे समय के बचत फंड पर अधिक नियंत्रण दे पाएगा और अनक्लेमद फंड की समस्याओं को कम करेगा। या ध्यान रखना जरूरी है कि यह एक प्रशासनिक सुधार है ना कि निवेश का ऑप्शन, ये लेख किसी भी प्रकार की निवेश की सलाह नहीं है।
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इपीएफओ का आगे का आउटलुक
ईपीएफओ का यह डिजिटल प्लेटफॉर्म भारत के कर्मचारी भविष्य निधि सिस्टम में एक बड़ा बदलाव ला पाएगा। यदि इसे प्रभावित ढंग से लागू किया गया तो पीएफ अकाउंट प्रबंधन पूरी तरह से डिजिटल हो जाएगा। आने वाले समय में से क्लेम प्रोसेसिंग समय से हो जाएगी और उपयोगकर्ता का अनुभव भी बेहतर होगा।

