आइए करें ड्रीम वेडिंग का सपना साकार,पाँच महीने के परफेक्ट वेडिंग प्लान से !

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Dream Wedding Plan :शादी का ख्वाब तो देखना आसान है मगर सपनों जैसी शादी करना आसान नहीं है क्योंकि ड्रीम वेडिंग की ताबीर पाने के लिए बड़ी मेहनत लगती है कई महीनों पहले से प्लानिंग करनी पड़ती है ताकि हमारा ये ख़ास दिन ख़ूबसूरत और यादगार बन सकें तो चलिए आज सिलसिलेवार तरीक़े से शादी की तैयारियों पर बात करते हैं और शादी में चार चाँद लगाते हैं।

वक़्त के साथ बदल रहा है शादी का अंदाज़ :-

ज़माना जिस तेज़ी से बदल रहा है उसी तेज़ी से शादियों का अंदाज़ भी बदल रहा है इसलिए पहले तो ये समझें कि आप क्या चाहते हैं और क्या कर सकते हैं, इस इवेंट को अपने सपने जैसा सुन्दर बनाने के लिए ,सपनों में देखी गई शादी को हक़ीक़त में बदलने के लिए वैसे तो हर घर में काफी पहले से तैयारियाँ शुरू हो जाती हैं लेकिन इसके बावजूद शादी पक्की होने से लेकर रिसेप्शन तक सब यही सोचते रहते हैं कि हमारे इवेंट में कोई कमी न रह जाए इसलिए क़रीब 4 -5 महीने पहले से प्लानिंग करना बहोत ज़रूरी है ताकि सभी काम वक़्त पे पूरे हो सकें बिना किसी टेंशन के ,और हम सब शादी का मज़ा भी ले सकें।

सबसे पहले क्या करें :-

हमने कहा कि शादी के क़रीब पाँच महीने पहले से तैयारी करनी चाहिए तो चलिए बताते हैं कि सबसे पहले क्या करें इस दौरान सबसे पहले तो अपना बजट देखें फिर उसे अलग -अलग सेक्शन में बाँटें कि कहाँ कितना पैसा लगाना है ,हर एक काम के लिए बजट फिक्स करें जैसे – ज्वेलरी ,वेन्यू ,खाने का मैन्यू ,डेकोरेशन ,इन्विटेशन कार्ड प्रिंटिंग ,गिफ्ट, बैंड और फोटोग्राफर वगैरह।

फिर दूल्हा या दुल्हन की वो तैयारी करवाए जो बहोत महँगी हो यानी ज़ेवर वगैरह खरीदें जो बेटी को पहनने हों ,गिफ्ट देने हों या बहू के लिए ले जाने हों ये पहले कर लेना इसलिए ज़रूरी है क्योंकि वक़्त के साथ इसकी कीमतों में बढ़ोत्तरी होने की ज़्यादा संभावना होती है जिससे हमारा निर्धारित बजट कम पड़ सकता है।

अब अपने मेहमानों की लिस्ट बनाए वो भी उनकी जिन्हें बुलाना बहोत ज़रूरी है फिर अगर आपका बजट इजाज़त दे तो आप मेहमानों की फेहरिस्त बढ़ा लें नहीं तो रहने दें यहाँ ये बात याद रखें कि उतने ही लोगों को आमंत्रित करें जितनों की आव -भगत आप अच्छे से कर सकें, मेहमान खुश होके आए और खुश होके जाएँ भी किसी को शिकायत का मौका न मिले। क्या क्या खरीदना है इसके लिए शॉपिंग लिस्ट भी बना लें।

थीम डिसाइड कर लें :-

इसके बाद जहाँ से भी आपको शादी करना हो वो वेन्यू बुक करें और अगर आपका बजट कम हो तो अपने घर, पुश्तैनी घर या उस अपने के घर पर एक नज़र डाल लें जहाँ से शादी हो सकती है क्योंकि अब घर से शादी करना भी सबके बस की बात नहीं है और सही पूछिए तो कुछ लोग आज भी मिस करते हैं उन शादियों को जो घर से हुआ करती थीं या अपने और परायों के भी सहयोग से हुआ करती थीं इसलिए आप अपने बजट के हिसाब से थीम डिसाइड कर लें आप ग्रामीण परिवेश भी चुन सकते हैं बस सफाई और रौशनी का पूरा ख्याल रखें जिससे खूबसूरती बनी रहे। ये याद रखें कि कम बजट में भी आप अच्छे से अतिथियों का आदर सत्कार कर सकते हैं क्योंकि विवाह हमारे उन संस्कारों में शामिल है जिसमें पुण्य और आशीर्वाद प्राप्त करने की कामना की जाती है।

कुछ नया करना हो तो वो भी प्लान करें :-

इसके बाद ये भी सोच लें कि रीत रिवाज कैसे निभाने हैं कुछ नया करना हो तो वो भी पहले ही प्लान कर लें ताकि उस हिसाब से सबको इन्विटेशन दें सकें और कार्ड के अलावा जिनको फोन करना हो उनकी भी लिस्ट बना लें ,मेहमानों की लिस्ट बनाते वक़्त ये भी लिखें कि कार्ड कैसे बँटेंगे उनकी दूरी के हिसाब से ये तय करें कि कौन किस रुट से जाएगा ताकि कम समय लगे, एक रुट में जाते वक़्त हमारे कितने मेहमानों का घर पड़ेगा ये भी याद रहे,उसी रास्ते से हमें कई बार न गुज़ारना पड़े और कार्ड आसानी से बँट जाएँ ताकि लास्ट में हड़बड़ी न हो। मैन्यू भी डिसाइड कर लें।

चार महीने पहले ये करें :-

वेन्यू देखने के बाद उसकी सजावट कैसी हो इस पर ग़ौर करें अपने बजट के हिसाब से फ्लोरिस्ट और डेकोरेटर तय करें। साथ ही रिश्तेदारों के ठहरने की जगह व खाने की व्यवस्था का इंतज़ाम करें,अलग-अलग रस्मों में खानपान के डिसाइडेड मैन्यू के मुताबिक हलवाई को भी बुक कर लें। फोटोग्राफर, बैंड की बुकिंग भी करा लें।

तीन महीने पहले क्या करें :-


कार्ड छपने को दे दें। घर की मरम्मत और रंग रोग़न करा लें पूरा घर व्यवस्थित हो जाने के बाद शॉपिंग पर निकलें और सबसे पहले दूल्हा -दुल्हन के आउटफिट की शॉपिंग कर लें फिर शादी से जुड़ी और ज़रूरी चीज़ें खरीदें और एक जगह ख़ास बना कर शादी का सामान रखें जिसे आप लॉक कर सकें ताकि ज़रूरत के वक़्त वो आसानी से मिल जाए, कोई और छेड़ छाड़ न करे ,हो सके तो एक रूम ही अलग कर दें। रसीदों को भी संभालकर एक जगह रखें ,इस दौरान कार्ड प्रिंट हो गए हों तो रिश्तेदारों को देना शुरू करें।

दो महीने पहले : सब चीज़ें कंफर्म करें:-


इवेंट के लिए पानी, जनरेटर, सेक्युरिटी , लाइट का इंतज़ाम दोबारा चेक करें ,कोई खरीदारी छूटी हो तो उसे पूरा करें ,मेहंदी और हल्दी की रस्मों पर ग़ौर करें मेहेंदी लगाने वाली और गजरे वगैरह की बुकिंग करा लें ,क़रीबिओं के लिए एक ब्यूटीशियन को तय कर लें। मेहमानों की लिस्ट भी दोबारा चेक कर लें देख लें कि कहीं कोई ख़ास न छूट गया हो। कुछ एक्स्ट्रा मेज़ कुर्सियाँ ,गद्दे, क्रॉकरी भी ऐड करवा लें।

एक महीने पहले: करें कुछ ख़ास इंतज़ाम :-


वो चीज़ें जो बाहर से खरीदनी हैं मगर ख़राब होने वाली हैं जैसे मिठाइयाँ वगैरह उनका भी ऑर्डर दे दें ताकि वो शादी वाले दिन ताज़ी आ सकें। डेकोरेटर, डीजे और कैटरर वगैरह जिन्हें पहले ऑर्डर दे चुके हैं उन्हें भी एक बार याद दिला दें शादी का दिन, कोई दिक्कत हो तो उसे हल कर लें ताकि बाद में कोई परेशानी न हो अब घर वालों की तैयारी देखें कैसी है ! सब तैयार हैं कोई कसर हो तो पूरी करें फिर सबके हिसाब से उनको कुछ अहम ज़िम्मेदारी सौंप दें जैसे मेहमानों को दिए जाने वाले गिफ्ट की पैकिंग ,नाम लिखना और स्वागत में कौन क्या करेगा, क्या देखेगा यहाँ तक कि डांस गाना धूम धड़ाका भी ताकि सब अपनी ज़िम्मेदारी बिना कहे उठाने को तैयार रहें और शादी सपनों की तरह सुन्दर और यादगार बन जाए।  

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