Lenskart Grooming Policy Controversy: TCS नासिक (TSC Nasik) में हुए लव जिहाद और कन्वर्जन कांड का खुलासा होने के बाद अब शार्क टैंक फेम पियूष बंसल (Peyush Bansal) की कंपनी लेंसकार्ट पब्लिक के निशाने में है. सोशल मीडिया में लेंसकार्ट ग्रूमिंग पॉलिसी की गाइडबुक (Lenskart Grooming Policy Book) वायरल है जिसे पढ़कर यकीन ही नहीं होता है कि ये कंपनी भारत में चल रही है या पाकिस्तान में.
लेंसकार्ट की ग्रूमिंग पॉलिसी में क्या है
दरअसल लेंसकार्ट की ग्रूमिंग पॉलिसी ऐसा नियम है जिसमे यहां काम करने वाले एम्प्लॉइज को यह बताया जाता है कि उन्हें ऑफिस कैसे आना है, क्या पहनकर आना है और क्या पहनकर नहीं आना है. इस रूलबुक में मुस्लिम्म महिलाओं को हिजाब पहनने की अनुमति है, सिखों को सिर्फ काले रंग की पगड़ी पहनने की अनुमति है लेकिन तिलक लगाने और हिन्दू महिलाओं को बिंदी लगाने की अनुमति नहीं है. इतना ही नहीं मांग में सिन्दूर कितना लगाना है ये भी कंपनी ने बताया है कि सिर्फ सिम्बॉलिक सिन्दूर लगाना है, वो भी छोटा सा.
यहीं से विवाद खड़ा हुआ, ऑफिस में धार्मिक पहचान को बढ़ावा न देने के लिए कंपनी ने तिलक और बिंदी को बैन किया मगर हिजाब को अनुमति देदी। यह सरासर हिन्दू विरोधी और मुस्लिमों को धार्मिक पहचान दिखाने की आजादी देने वाला था.
विवाद के बाद सफाई दी तो और बवाल
इस विवाद के बाद लेंसकार्ट के मालिक पियूष बंसल ने X में आकर सफाई दी और माफ़ी मांगी। उन्होंने कहा कि ये पुरानी गाइडलाइन है और नई ग्रूमिंग पॉलिसी में ऐसा कुछ नहीं है.
उन्होंने कहा- नमस्कार, सभी को। मैंने देखा है कि लेंसकार्ट के बारे में एक गलत नीति दस्तावेज वायरल हो रहा है। मैं स्पष्ट रूप से कहना चाहता हूँ कि यह दस्तावेज हमारे वर्तमान दिशानिर्देशों को प्रतिबिंबित नहीं करता है। हमारी नीति में किसी भी प्रकार की धार्मिक अभिव्यक्ति पर कोई प्रतिबंध नहीं है, जिसमें बिंदी और तिलक भी शामिल हैं, और हम नियमित रूप से अपने दिशानिर्देशों की समीक्षा करते रहते हैं।
हमारी ग्रूमिंग नीति वर्षों से विकसित हुई है और पुराने संस्करण आज हमारी पहचान को नहीं दर्शाते हैं। इस स्थिति से हुई भ्रम और चिंता के लिए हम क्षमा चाहते हैं। एक कंपनी के रूप में, हम निरंतर सीखते और विकसित होते रहते हैं। हमारी भाषा या नीतियों में किसी भी प्रकार की त्रुटि को दूर किया गया है और आगे भी किया जाता रहेगा।
भारत भर में हमारे हजारों कर्मचारी हैं जो प्रतिदिन हमारे स्टोर्स में अपने धर्म और संस्कृति को गर्व से प्रदर्शित करते हैं। वे ही लेंसकार्ट हैं। लेंसकार्ट की स्थापना भारत में, भारतीयों द्वारा, भारतीयों के लिए की गई है। हमारे लोगों द्वारा अपनाए जाने वाले प्रत्येक प्रतीक और प्रत्येक परंपरा हमारी कंपनी की पहचान का हिस्सा हैं। मैं इसे कभी भी खतरे में नहीं पड़ने दूँगा।
पियूष ने ये कहा कि जो पॉलिसी की गाइडबुक वायरल है वो वर्तमान की नहीं पुरानी है. लेकिन सवाल ये है कि नई हो या पुरानी ऐसी गाइडलाइन जारी की क्यों की गई जहां हिजाब अलाउड है और बिंदी पर बैन है? और ये गाइडलाइन कितनी पुरानी है? सिर्फ 2 महीने, इसे इसी साल फरवरी में अपडेट किया गया है.
पियूष बंसल के पोस्ट पर X में कम्युनिटी नोट भी लगा जिसमे लिखा है कि Lenskart स्टाइल गाइड (संस्करण 1.1/11, दिनांक 2 फरवरी, 2026) में कंपनी के ब्रांडिंग/लोगो हैं और इसमें “धार्मिक टीका/तिलक और बिंदी/स्टिकर”, कलावा धागे और दिखाई देने वाले सिंदूर पर प्रतिबंध है, जबकि हिजाब/पगड़ी की अनुमति है। कोई अद्यतन नीति दस्तावेज़ जारी नहीं किया गया है।

