सीधी जिले के ग्राम बगैहा में लगभग 10.30 किलोमीटर लंबी सड़क के निर्माण की मांग को लेकर सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर लीला साहू और स्थानीय ग्रामीणों ने सोमवार, 14 सितंबर को दोपहर 12 बजे से जोरदार धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया है। ग्रामीणों का साफ तौर पर कहना है कि जब तक सड़क निर्माण का काम ज़मीन पर शुरू नहीं होता, तब तक उनका यह आंदोलन लगातार जारी रहेगा।
यह रास्ता चुरहट और धौहनी विधानसभा क्षेत्रों को आपस में जोड़ने वाला एक बेहद अहम संपर्क मार्ग है। दिलचस्प बात यह है कि इस सड़क के दोनों छोर पर पक्की सड़कें बनी हुई हैं, लेकिन बीच के हिस्से में आने वाले करीब 7 से 8 गांवों में आज भी सड़क की कोई सुविधा नहीं है। मार्ग के अभाव में ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है, और बरसात के दिनों में तो स्थिति इतनी बदतर हो जाती है कि लोगों का यहां से निकलना तक दूभर हो जाता है।
लीला साहू ने बताया कि वह पिछले करीब दो सालों से इस सड़क के निर्माण के लिए लगातार अधिकारियों और बड़े जनप्रतिनिधियों के संपर्क में हैं। वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और स्थानीय सांसद डॉ. राजेश मिश्रा सहित कई दिग्गजों के सामने अपनी यह मांग रख चुकी हैं। हालांकि उन्हें कई बार ज्ञापन देने पर केवल आश्वासन ही मिले, लेकिन धरातल पर कोई बदलाव देखने को नहीं मिला।
उन्होंने यह भी बताया कि सांसद डॉ. राजेश मिश्रा द्वारा सड़क स्वीकृत होने की बात कही गई थी, लेकिन दो साल बीत जाने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है। ग्रामीण पिछले दो वर्षों से किसी तरह बरसात के कठिन दिन काट रहे हैं, लेकिन अब उनका धैर्य जवाब दे चुका है। लीला साहू और ग्रामीणों का कहना है कि अब कोरे आश्वासनों से काम नहीं चलने वाला, इसलिए उन्होंने सड़क के पास ही धरना शुरू कर दिया है और निर्माण प्रक्रिया शुरू होने तक आंदोलन खत्म नहीं होगा।
गौरतलब है कि लीला साहू सीधी जिले के खड्डी खुर्द क्षेत्र के बगैहा टोला की रहने वाली लोकप्रिय बघेली सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर हैं। वर्ष 2024 में उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह फैला था, जिसमें उन्होंने ठेठ बघेली अंदाज में पीएम मोदी से अपने गांव की खस्ताहाल सड़क बनवाने की अपील की थी। उनका चर्चित संवाद— “ओ मोदी जी, एमपी से 29 की 29 सीट जीते हैं, हमरे ईहन की रोड ते बनवाई देई…” देशभर में सुर्खियों में आया था, जिसके बाद से वह लगातार अपने गांव के विकास और सड़क की आवाज बुलंद करती आ रही हैं।

