Lecture on the subject of medieval period and folk culture in the Hindi department of the university: रीवा. अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय के हिन्दी विभाग में मध्यकाल और लोक संस्कृति विषय पर व्याख्यान प्रो. दिनेश कुशवाह विभागाध्यक्ष हिन्दी की अध्यक्षता में आयोजन किया गया। मुख्य वक्ता प्रो. बहादुर सिंह परमार छत्रसाल विश्वविद्यालय छतरपुर ने कहा कि आज लोक संस्कृति पर नए तरह का संकट है। जबकि मध्यकालीन हिन्दी साहित्य ने मनुष्यता की पक्षधरता को पुष्ट किया।
परमार ने आगे कहा कि बसंत पंचमी से लेकर रंग पंचमी तक लोक में उमंग था, अब उसका क्षरण हो रहा है। अध्यक्षता करते हुए डॉ. कुशवाह ने तुलसी के राम चरित मानस के प्रसंगों का चित्रण करते हुए लोक व्यवहारों की शाश्वतता को स्थापित किया। कहा कि लोक हर बंधन से मुक्त होता है। विषय प्रर्वतन डॉ. लक्ष्मीकांत चंदेला ने किया। संचालन डॉ. बारेलाल जैन ने किया। इस अवसर पर प्रो. समयलाल प्रजापति, डॉ. अनुराग मिश्रा, डॉ. निशा पटेल, डॉ. सीपी पटेल सहित शोधार्थी छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।