Land for Jobs Case: दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट (Rouse Avenue Court) ने लैंड फॉर जॉब्स केस (Land for Jobs Case) में बड़ा फैसला सुनाया है। स्पेशल जज विशाल गोग्नेने लालू प्रसाद यादव (Lalu Prasad Yadav), उनकी पत्नी राबड़ी देवी (Rabri Devi), बेटियों मीसा भारती (Misa Bharti) और हेमा यादव (Hema Yadav) सहित सभी आरोपियों पर मनी लॉन्ड्रिंग (Money Laundering) के आरोप तय कर दिए हैं। कोर्ट ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि “लालू परिवार एक आपराधिक गिरोह (Lalu Family A Criminal Gang) की तरह काम कर रहा था”।
कोर्ट की मुख्य टिप्पणियां
- लालू परिवार ने रेलवे में ग्रुप-D नौकरियां देने के बदले जमीनें हड़पीं।
- यह “संगठित अपराध” का मामला है, जहां परिवार मिलकर साजिश रच रहा था।
- आरोपियों ने “आपराधिक साजिश” रची और अवैध संपत्ति अर्जित की।
- कोर्ट ने ED की चार्जशीट को प्राइमा फेसी सही माना और सभी आरोप तय किए।
किन-किन पर आरोप तय हुए?
- लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav – डिप्टी CM थे), मीसा भारती, हेमा यादव।
- पूर्व रेलवे अधिकारी भोला यादव और अन्य।
- कुल 16 आरोपी, जिनमें कुछ कंपनियां भी शामिल।
लैंड फॉर जॉब मामला क्या है
What Is Land For Job Case: यह केस रेल मंत्री रहते लालू प्रसाद (2004-2009) के समय का है। आरोप है कि रेलवे में ग्रुप-D नौकरियां देने के एवज में उम्मीदवारों से जमीनें लिखवाई गईं। ये जमीनें लालू परिवार या उनके करीबियों के नाम पर ट्रांसफर हुईं। ED ने 2022 में छापे मारे और चार्जशीट दाखिल की। CBI ने भी अलग से केस दर्ज किया था।
कोर्ट ने आरोप तय करने के बाद अगली तारीख फरवरी 2026 में रखी है। अब ट्रायल शुरू होगा, जहां गवाहों की पेशी और सबूत पेश किए जाएंगे। RJD ने इसे “राजनीतिक साजिश” बताया। लालू के बेटे तेज प्रताप यादव ने कहा कि “यह बदले की कार्रवाई है. जबकि BJP के प्रवक्ता ने कहा कि “कोर्ट ने सच्चाई उजागर की, लालू परिवार भ्रष्टाचार का पर्याय है”।
यह फैसला बिहार और राष्ट्रीय राजनीति में बड़ा झटका है। लालू परिवार पर मनी लॉन्ड्रिंग का ठप्पा लग गया है। अब ट्रायल में क्या होता है, यह देखना होगा।
