Land dispute in Rewa took the life of an innocent girl: रीवा जिले में एक जमीनी विवाद ने अब बेहद दर्दनाक और भावुक रूप ले लिया है। ग्राम लोही निवासी सेन परिवार की डेढ़ वर्षीय मासूम बच्ची अन्नपूर्णा की मौत के बाद परिवार ने प्रशासन की लापरवाही को सीधे जिम्मेदार ठहराया है। परिवार का आरोप है कि रामनाथ सेन और उनके छोटे भाई बृजभान साकेत के घर से कब्जा हटाने के नाम पर प्रशासन ने जेसीबी से मकान ध्वस्त कर दिया। घर गिरने के बाद बच्ची अन्नपूर्णा रातभर खुले आसमान के नीचे पन्नी में रही, जिससे उसे निमोनिया हो गया। हालत बिगड़ने पर उसे पहले संजय गांधी चिकित्सालय, रीवा में भर्ती कराया गया और फिर एम्स भोपाल रेफर किया गया। वहां लंबे इलाज के बाद बच्ची ने दम तोड़ दिया।
शनिवार दोपहर करीब 12 बजे सेन समाज के लोग मासूम बच्ची का शव लेकर आईजी कार्यालय पहुंचे। परिवार ने प्रशासनिक कार्रवाई और लापरवाही को मौत का जिम्मेदार बताते हुए लगभग दो घंटे तक धरना दिया और न्याय की जोरदार मांग की। आक्रोशित पिता अमर सेन ने कहा, “हमने शांतिपूर्वक दो महीने तक कलेक्टर कार्यालय के सामने धरना दिया, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। अधिकारियों की बेरुखी का खामियाजा मेरी बेटी को भुगतना पड़ा।” उन्होंने शुभम मिश्रा सहित अन्य लोगों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज करने की मांग की।
प्रशासन ने लिखित आश्वासन देने के बाद परिवार को शांत किया, जिसके बाद वे घर लौटे और बच्ची का अंतिम संस्कार किया। इस घटना ने रीवा में जमीनी विवादों, अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई और प्रशासनिक संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोग और सामाजिक संगठन अब मामले की निष्पक्ष जांच और पीड़ित परिवार को न्याय व मुआवजे की मांग कर रहे हैं। पुलिस और प्रशासन ने स्थिति पर नजर रखी हुई है, लेकिन अब तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

