MP: प्रदेश की 1.25 करोड़ लाड़ली बहनों के खाते में इस दिन आएंगे ₹1,500, CM मोहन जारी करेंगे 35वीं किस्त

Ladli Behna Yojana 35th Installment: मध्य प्रदेश की सवा करोड़ से अधिक लाड़ली बहनों के लिए रविवार को खुशियों भरा दिन आने वाला है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 12 अप्रैल को सीहोर जिले के आष्टा से ‘लाड़ली बहना योजना’ की 35वीं किस्त जारी करेंगे। इस किस्त के तहत प्रदेश की हर लाभार्थी महिला के बैंक खाते में ₹1,500 की राशि ट्रांसफर की जाएगी। साथ ही मुख्यमंत्री इस अवसर पर करीब ₹185 करोड़ की विभिन्न विकास परियोजनाओं की सौगात भी देंगे।

Ladli Behna Yojana 35th Installment: मध्य प्रदेश की सवा करोड़ से अधिक लाड़ली बहनों के लिए रविवार को खुशियों का दिन है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रविवार 12 अप्रैल को सीहोर जिले के आष्टा में आयोजित भव्य कार्यक्रम के दौरान ‘लाड़ली बहना योजना’ की 35वीं किस्त जारी करेंगे। इस किस्त में प्रदेश की हर लाभार्थी बहन के बैंक खाते में ₹1,500 की सम्मान राशि ट्रांसफर की जाएगी।

रविवार को खातों में आएंगे ₹1,500

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रविवार को आष्टा में राज्य स्तरीय कार्यक्रम के दौरान सिंगल क्लिक के जरिए पूरे प्रदेश की लाड़ली बहनों के खातों में 35वीं किस्त की राशि भेजेंगे। अब तक योजना की 34 किस्तें सफलतापूर्वक महिलाओं के खातों में भेजी जा चुकी हैं। सरकार का स्पष्ट लक्ष्य है कि महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत और आत्मनिर्भर बनाया जाए।

सीहोर जिले को विशेष सौगात

इस कार्यक्रम में सीहोर जिले की 2.40 लाख से अधिक महिलाओं को सीधा लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव जिले की बहनों के खातों में करीब ₹35.39 करोड़ की राशि हस्तांतरित करेंगे।

₹184 करोड़ के विकास कार्यों का शिलान्यास और लोकार्पण

लाड़ली बहनों को आर्थिक सहयोग देने के साथ-साथ मुख्यमंत्री क्षेत्र के विकास कार्यों का भी पिटारा खोलेंगे। कार्यक्रम के दौरान डॉ. मोहन यादव ₹184.92 करोड़ से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण करेंगे।

महिलाओं के सशक्तीकरण की दिशा में महत्वाकांक्षी योजना

लाड़ली बहना योजना मध्य प्रदेश सरकार की प्रमुख योजनाओं में शामिल है। हर महीने ₹1,500 की यह राशि न केवल महिलाओं की दैनिक छोटी-मोटी जरूरतों को पूरा कर रही है, बल्कि ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में महिलाओं के सामाजिक एवं आर्थिक स्तर को भी मजबूत बना रही है। योजना के माध्यम से लाखों महिलाएं अब आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रही हैं।

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