MP: कुबेरेश्वर धाम में रुद्राक्ष महोत्सव की तैयारियां जोरों पर, हटाया गया अतिक्रमण

Sehore News Kubereshwar Dham

Kubereshwar Dham Rudraksh Mahotsav 2026: पिछले वर्ष कुबेरेश्वर धाम में भारी भीड़ के कारण उत्पन्न हुई अव्यवस्था को ध्यान में रखते हुए, इस बार प्रशासन किसी भी जोखिम से बचने के पूर्ण मूड में है। कलेक्टर बालागुरू के. ने कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि मुख्य आयोजन से दो दिन पहले अनिवार्य रूप से मॉक ड्रिल आयोजित की जाएगी।

Kubereshwar Dham Rudraksh Mahotsav 2026: मध्य प्रदेश के सीहोर जिले में स्थित प्रसिद्ध कुबेरेश्वर धाम में 14 फरवरी से 20 फरवरी तक प्रस्तावित भव्य रुद्राक्ष महोत्सव को लेकर प्रशासनिक तैयारियां तेज हो गई हैं। लाखों श्रद्धालुओं की अपेक्षित भीड़ को देखते हुए पुलिस और जिला प्रशासन ने धाम परिसर, पहुंच मार्गों और आसपास के क्षेत्रों में व्यवस्थाओं को मजबूत करने का अभियान छेड़ दिया है। इसी क्रम में शुक्रवार को बड़े पैमाने पर अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई की गई, जिसमें सड़कों पर अवैध रूप से फैले दुकानों के सामान को जब्त कर लिया गया।

चेतावनी के बाद भी नहीं माने दुकानदार, की गई सख्त कार्रवाई

प्रशासन ने कुछ दिन पहले ही स्थानीय दुकानदारों को स्पष्ट निर्देश दिए थे कि वे सड़क पर दुकानें न फैलाएं और आवागमन में कोई बाधा न डालें। हालांकि, कई विक्रेताओं ने इन निर्देशों की अनदेखी की। इसके जवाब में शुक्रवार को एसडीएम तन्मय वर्मा, तहसीलदार भरत नायक, मंडी थाना प्रभारी सुनील मेहर और पुलिस बल ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए अतिक्रमण हटाया। सड़क पर रखा सामान जब्त किया गया और दुकानदारों को कड़ी चेतावनी दी गई कि दोबारा ऐसा करने पर सख्त कानूनी कार्रवाई होगी।

मॉक ड्रिल से पहले की जाएगी पूरी तैयारी की जांच

पिछले वर्ष महोत्सव के दौरान हुई भीड़भाड़ और अव्यवस्था को ध्यान में रखते हुए इस बार प्रशासन अतिरिक्त सतर्क है। कलेक्टर बालागुरू के. ने कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित बैठक में निर्देश दिए कि मुख्य आयोजन से दो दिन पहले मॉक ड्रिल अनिवार्य रूप से की जाएगी। इस ड्रिल का मकसद भीड़ प्रबंधन, आपातकालीन निकासी मार्गों की जांच और सुरक्षा व्यवस्था की मजबूती को परखना है। कलेक्टर ने साफ कहा कि किसी भी स्तर पर सुरक्षा में चूक बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान, कई महत्वपूर्ण फैसले

रुद्राक्ष वितरण पर रोक : पिछले साल भीड़ का मुख्य कारण रहे मुफ्त रुद्राक्ष वितरण को इस बार पूरी तरह बंद कर दिया गया है, ताकि एक जगह पर बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा न हों और भगदड़ जैसी स्थिति से बचा जा सके।

घरेलू गैस सिलेंडर पर प्रतिबंध : धाम परिसर में लगने वाली दुकानों में केवल कमर्शियल गैस सिलेंडरों की अनुमति होगी। घरेलू सिलेंडरों के उपयोग पर तत्काल कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं।

खाद्य सुरक्षा पर निगरानी : खाद्य विभाग की टीमें लगातार दुकानों और भंडारों से नमूने लेकर जांच कर रही हैं, ताकि श्रद्धालुओं को शुद्ध और सुरक्षित भोजन मिल सके।

हाईवे और पार्किंग का प्रबंधन : अमलाहा हाईवे पर यातायात सुगम बनाने के लिए अतिक्रमण हटाने का काम जारी है। भीड़ बढ़ने पर अतिरिक्त ट्रैफिक पुलिस और सुरक्षा बल तैनात किए जाएंगे।

कलेक्टर ने एसडीएम और जनपद सीईओ को निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की नियमित जांच के निर्देश दिए हैं। प्रशासन का पूरा फोकस इस बात पर है कि 14 से 20 फरवरी के बीच आने वाले लाखों भक्तों को कोई असुविधा न हो और महोत्सव शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हो।

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