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Kirloskar Ferrous को ₹128 करोड़ का निर्यात ऑर्डर, ग्रीन एनर्जी पर बढ़ा फोकस

Kirloskar Ferrous bags export order worth ₹128 crore; focus on green energy also increases.Kirloskar Ferrous bags export order worth ₹128 crore; focus on green energy also increases.

Kirloskar Ferrous bags export order worth ₹128 crore; focus on green energy also increases.

Kirloskar Ferrous Industries ने फाइनेंशियल ईयर 2027 की प्लानिंग को मजबूत करते हुए 30000 टन पिग आयरन की निर्यात के लिए लगभग 13.5 मिलियन करोड़ यानी भारतीय रुपए में करीब 128 करोड रुपए का ऑर्डर हासिल किया है। कंपनी के साथ ही नवीकरणीय ऊर्जा प्रोजेक्ट और उत्पादन क्षमता विस्तार के प्रोजेक्ट को लेकर भी घोषणा की जा रही है। कंपनी के अनुसार या कम निर्यात बिजनेस को बढ़ाने लागत को कम करने और लंबे समय की प्रतिस्पर्धा को मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण है।

Kirloskar Ferrous को मिला सबसे बड़ा एक्सपोर्ट ऑर्डर

कंपनी के ऑफिशियल बयान के अनुसार प्राप्त ऑर्डर के अनुसार 3000 टन पिग आयरन की आपूर्ति अगस्त 2026 तक पूरा कर लिया जाएगा। ये आर्डर किर्लोस्कर फेरस कि निर्यात पोर्टफोलियो को मजबूत कर पाएगा और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कंपनी की मौजूदगी को बढ़ाने में मदद कर सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार वैश्विक बाजार में भारतीय मेटल और इंजीनियरिंग प्रोडक्ट की मांग बढ़ने से निर्यात आधारित कंपनियों के लिए नए अवसर बनते जा रहे हैं। ऐसे भी यह आर्डर कंपनी के राजस्व प्रवाह को समर्थन दे पाएगा।

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ग्रीन एनर्जी प्रोजेक्ट से घट सकती है इसकी लागत

Kirloskar Ferrous के द्वारा 35 मेगावाट सौर ऊर्जा और 25 मेगावाट पवन ऊर्जा प्रोजेक्ट पर भी काम शुरू कर दिया गया है। कल 60 मेगावाट की इस नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता से कंपनी की बिजली लागत कम करने में मदद मिलेगी। स्टील और फ्रॉड्री उद्योग में ऊर्जा लागत का एक बड़ा हिस्सा उत्पादन से भी जुड़ा होता है। ऐसे में ग्रीन एनर्जी प्रोजेक्ट का प्रभाव आने वाले सालों में परिचालन मार्जिन पर पॉजिटिव रूप से दिखाई दे सकता है।

इसकी क्षमता विस्तार पर भी कंपनी का जोर

कंपनी अपनी ओलिवर फाउंड्री यूनिट की उत्पादन क्षमता को बढ़ाने की प्लानिंग पर काम कर रही है। प्रबंधन का लक्ष्य मार्च 2027 तक इस इकाई की क्षमता को लगभग दोगुणा करना है। बाजार विश्लेषकों के मुताबिक अगर ऑटोमोबाइल कृषि उपकरण और औद्योगिक मशीनरी क्षेत्र में मांग मजबूत रहती है तो यह विस्तार कंपनी की इनकम में वृद्धि कर सकता है।

निवेशकों के लिए इसमें क्या हैं प्रमुख संकेत?

बाजार के अनुसार निवेश करने वाले लोगों को आने वाली तिमाहियों में निर्यात ऑर्डर के निष्पादन ग्रीन एनर्जी प्रोजेक्ट की प्रगति पूंजीगत खर्च और कर्ज की स्थिति पर ध्यान देने की जरूरत है। हालांकि कंपनी की प्लानिंग लंबे समय को विकास को देखते हुए काम कर रही है। लेकिन कच्ची माल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और वैश्विक मांग में बदलाव इसके रिस्क अभी भी बने रह सकते हैं।

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क्या होगा आगे का आउटलुक

Kirloskar Ferrous का निर्यात विस्तार ऊर्जा लागत में संभावित कमी और क्षमता वृद्धि का संयुक्त प्रभाव फाइनेंशियल ईयर 2027 में कंपनी के प्रदर्शन को समर्थन दे सकता है। हालांकि वास्तविक लाभ प्रोजेक्ट की समय पर पूरा होने और बाजार की मांग की स्थिति पर ही निर्भर होगा। यह रिपोर्ट केवल सूचना के उद्देश्य से है इसको निवेश की सलाह नहीं समझे।

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