Kiren Rijiju On Muslim Voters : आज जहां एक तरफ भाजपा को नया अध्यक्ष मिल गया तो वहीं दूसरी तरफ केंद्रीय मंत्री और बीजेपी नेता किरेन रिजिजू ने हिन्दू और मुस्लिम वोटर्स को लेकर ऐसी बात कह दी कि खुद पार्टी के बड़े नेता भी सख्ते में आ गए। किरेन रिजीजू ने कहा कि मुसलमान बीजेपी को वोट क्यों नहीं देते हैं। रिजिजू ने राहुल गांधी और मुसलमानों के बारे में भी बयान दिया है।
भाजपा को मुस्लिम वोटर्स वोट नहीं देते – रिजिजू
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि उन्होंने अल्पसंख्यक मंत्री रहते हुए मुसलमानों के लिए बहुत काम किया है। उन्होंने कहा कि हज और उमराह को आसान बनाने का काम किया। उन्होंने यह भी कहा कि पहले के किसी भी मंत्री ने इतना काम नहीं किया है। रिजिजू ने कहा कि यह सही नहीं है कि बीजेपी मुस्लिम उम्मीदवार नहीं खड़ा करती। अगर बीजेपी मुस्लिम इलाकों में भी मुस्लिम उम्मीदवार खड़ा करती है, तो भी जीत नहीं होती। उन्होंने कहा कि मोदी की किसी भी स्कीम का फायदा मुस्लिम समुदाय को जरूर मिलता है। हर योजना और प्रोग्राम से मुसलमानों को लाभ मिलता है।
कांग्रेस ने मुस्लिमों को भाजपा के खिलाफ भड़काया
रिजिजू ने कहा कि कांग्रेस ने बहुत साल से मुस्लिम लोगों के दिमाग में यह बात फैलाई है कि बीजेपी मुस्लिम विरोधी है। इसी वजह से मुस्लिम बहुल इलाकों में बीजेपी मुस्लिम उम्मीदवार खड़ा करने के बाद भी जीत नहीं पाती। उन्होंने कहा कि बीजेपी की सरकार राशन से लेकर घर तक, हर तरह के फायदे मुसलमानों को भी देती है। बहुत से मुसलमानों ने उनके लिए दुआ भी की है।
राहुल गांधी को लेकर क्या कहा रिजिजू ने?
रिजिजू ने कहा कि उन्होंने मजाक-मजाक में कहा था कि क्या तुम्हें ठंड नहीं लगती, तो राहुल गांधी ने कहा कि उन्हें व्यायाम करना चाहिए। राहुल ने उन्हें अपने घर जिम करने का न्यौता भी दिया। रिजिजू ने कहा कि यह मजाक था। जब उनसे पूछा गया कि वह जिम क्यों नहीं गए, तो उन्होंने कहा कि मैं संसदीय कार्य मंत्री हूं। अगर मैं हर रोज़ नेता विपक्ष के घर जिम करने जाऊं, तो यह ठीक नहीं होगा। उन्होंने कहा कि मजाक की भी हद होती है, हमें सीमा में रहना चाहिए।
बीजेपी अध्यक्ष पद के लिए रिजिजू ने क्या कहा?
रिजिजू ने कहा कि बीजेपी का संविधान बहुत सख्त है। पार्टी का अध्यक्ष बनाने का प्रोसेस नियमों के मुताबिक होता है। जब मोदी से साइन हो जाता है, तब ही नॉमिनेशन फॉर्म की जाँच की जाती है। उन्होंने कहा कि नितिन नबीन को पार्टी अध्यक्ष बनाने के लिए बहुत सोच-समझकर चुना गया है। बहुत लोगों की इच्छा होती है कि वे पार्टी अध्यक्ष बनें, लेकिन जिम्मेदारी सिर्फ चुनिंदा लोगों को ही मिलती है, जो उस पर खरे उतरते हैं।
रिजिजू ने कहा कि पार्टी युवा नेतृत्व चाहती थी, इसलिए नितिन नबीन का नाम आगे आया। जब उनसे पूछा गया कि आप भी तो युवा हैं, तो हंसते हुए कहा- “मैं अब इतना युवा नहीं हूँ।”
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