Kidney Damage Signs : किडनी शरीर के जरूरी अंगों में से एक है। यह खून को साफ करने और शरीर से गंदगी व अतिरिक्त पानी बाहर निकालने का काम करती है। साथ ही, किडनी ब्लड प्रेशर और शरीर में सोडियम-पोटेशियम जैसे जरूरी तत्वों का संतुलन बनाए रखने में मदद करती है। यह लाल रक्त कोशिकाएं बनाने में भी भूमिका निभाती है।
आसान शब्दों में कहें तो किडनी शरीर के फिल्टर की तरह काम करती है। जब इसकी काम करने की क्षमता कम होने लगती है, तो शरीर में गंदगी और अतिरिक्त पानी जमा हो सकता है। लंबे समय तक ऐसा होने से सेहत को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है। किडनी की परेशानी हमेशा अचानक नहीं होती। कई बार शरीर पहले कुछ संकेत देता है। इन संकेतों को पहचानकर समय पर डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। हालांकि, ये लक्षण दूसरी वजहों से भी हो सकते हैं, इसलिए केवल लक्षण देखकर किडनी की बीमारी का फैसला नहीं किया जा सकता।
किडनी खराब होने के कुछ कारण
पॉलीसिस्टिक किडनी रोग (पीकेडी) : यह एक आनुवंशिक बीमारी है, जो परिवार से मिल सकती है। इसमें किडनी के अंदर पानी से भरी छोटी-छोटी गांठें बन जाती हैं।
डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर : अगर इन दोनों स्थितियों पर सही तरह से काबू न रखा जाए, तो समय के साथ किडनी को नुकसान पहुंच सकता है।
किडनी डैमेज होने के 5 संकेत
पैरों या टखनों में सूजन : किडनी ठीक से काम न करे तो शरीर में अतिरिक्त पानी जमा हो सकता है। इससे पैरों और टखनों में सूजन दिख सकती है। ऐसी सूजन लगातार बनी रहे तो डॉक्टर से सलाह लें।
पेशाब की आदतों में बदलाव : पेशाब पहले से ज्यादा या कम आना, रात में बार-बार उठना, या पेशाब के रंग और रूप में बदलाव होना ध्यान देने लायक है। इन बदलावों के कई कारण हो सकते हैं, इसलिए जांच कराना बेहतर है।
भूख कम लगना या जी मिचलाना : किडनी की गंभीर समस्या में शरीर में गंदगी जमा हो सकती है। इससे जी मिचलाना, उल्टी, भूख कम लगना या पेट में तकलीफ हो सकती है।
सांस फूलना : किडनी की परेशानी में शरीर में अतिरिक्त पानी जमा हो सकता है। कुछ मामलों में इससे सांस लेने में दिक्कत हो सकती है। सांस फूलने के कई कारण होते हैं, इसलिए इसे नजरअंदाज न करें।
लगातार थकान : किडनी की बीमारी में थकान और कमजोरी महसूस हो सकती है। खून की कमी या शरीर में गंदगी जमा होना इसके संभावित कारणों में शामिल हैं।
त्वचा में खुजली या रूखापन : किडनी की बीमारी बढ़ने पर शरीर में कुछ खनिजों का संतुलन बिगड़ सकता है। इससे त्वचा में खुजली या रूखापन हो सकता है।
नींद में परेशानी : कुछ लोगों को किडनी की समस्या के साथ नींद आने में दिक्कत होती है। बार-बार पेशाब की जरूरत या दूसरी तकलीफें भी नींद को प्रभावित कर सकती हैं।
इनमें से कोई लक्षण लगातार बना रहे या बढ़ रहा हो, तो डॉक्टर से संपर्क करें। किडनी की स्थिति जानने के लिए डॉक्टर जरूरत के अनुसार खून और पेशाब की जांच कर सकते हैं।
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