खजुराहो। सोमवार को खजुराहो स्थित कन्वेंशन सेंटर में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने निर्देश दिए कि हर पात्र हितग्राही तक खाद्यान्न वितरण का लाभ सुगमता से पहुंचे। जरूरतमंद गरीबों, श्रमिकों, किसानों और महिलाओं का कल्याण हमारी प्राथमिकता है। बैठक में मुख्य रूप से लक्षित सार्वजनिक प्रणाली, उपार्जन प्रक्रिया, तकनीकी नवाचार, सिंहस्थ 2028 की तैयारियों सहित विभिन्न विषयों पर रिव्यू किया गया। इस दौरान डॉ. यादव ने विभाग द्वारा किए गए नवाचारी प्रयासों की सराहना की, वहीं अन्य विषयों पर आवश्यक दिशा निर्देश भी दिए। बैठक में विभाग द्वारा पात्र हितग्राहियों के ई-केवाइसी एवं राइट फुल टारगेटिंग कार्य की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि यह प्रक्रिया नियमित अंतराल में दोहराई जाए, ताकि प्रत्येक पात्र हितग्राही को निरूशुल्क खाद्यान प्राप्त हो सके।
जन पोषण केंद्र की शुरुआत
सार्वजनिक प्रदाय में नवाचार करते हुए इंदौर जिले की 30 उचित मूल्य की दुकानों को जन पोषण केंद्र के रूप में बदला गया है, जिसके माध्यम से दुकानदारों की मासिक आय में भी 10 से 15 हजार रुपये तक की वृद्धि हुई। जल्द ही प्रदेश के अन्य जिलों में भी इसका विस्तार किया जाएगा।
मॉनिटरिंग में तकनीक का उपयोग
मुख्यमंत्री युवा अन्नदूत योजना के वाहनों में जीपीएस के माध्यम से स्टेट लेवल कमाण्ड कन्ट्रोल सेंटर से मॉनिटरिंग की व्यवस्था की गई। इसके अलावा मध्यप्रदेश वेयर हाउसिंग एण्ड लॉजिस्टिक कार्पाेरेशन की गतिविधिर्या की रियल टाईम मानिटरिंग के लिए माईश्चर एप, फ्यूमिगेशन एप तथा इंस्पेक्शन एप विकसित किए गए हैं।
उचित मूल्य की दुकानों पर लगेंगी आधुनिक पीओएस मशीनें
समीक्षा बैठक में विभाग द्वारा आगामी तीन वर्ष की कार्ययोजना के बारे में बताया गया कि राशन वितरण व्यवस्था को अधिक तेज और पारदर्शी बनाते हुए उचित मूल्य दुकानों पर आधुनिक पीओएस मशीन लगाई जाएगी, जिसमें पीओएस मशीन से तौल कांटे का इंटिग्रेशन एवं आईरिस स्केनर का प्रावधान है। लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत स्मार्ट पीडीएस योजना का क्रियान्वयन किया जाएगा। इसके अलावा शासकीय गोदामों की छत पर सोलर पैनल लगाने, भण्डारण प्रक्रिया का मॉर्डनाइजेशन और गोदामों का अपग्रेडेशन करने के साथ उन्न्त तकनीकी की सहायता से विभिन्न स्तरों पर डेटा सिंक्रोनाइजेशन के कार्य भी किए जाएंगे।
सिंहस्थ-2028 में अखाड़ों के लिए जारी होंगे अस्थायी राशन कार्ड
सिंहस्थ-2028 के लिए खाद्यान्न सामग्री के वितरण के लिए तैयार की गई योजना की जानकारी भी बैठक में दी गई। अधिकारियों ने बताया कि खाद्य विभाग, मध्यप्रदेश राज्य सहकारी नागरिक आपूर्ति निगम, मध्यप्रदेश वेयरहाउसिंग एवं लॉजिस्टिक्स कॉर्पाेरेशन सहयोग से समन्वित व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। अखाड़ों की मांग के अनुसार अस्थायी राशन कार्ड जारी किया जाएगा। साथ ही, मेला क्षेत्र में 40 उचित मूल्य दुकानों की स्थापना की जाएगी। यह व्यवस्था सुचारू रहे इसलिए मेला क्षेत्र को 8 जोन और 16 सेक्टर में विभाजित मध्यप्रदेश राज्य सहकारी नागरिक आपूर्ति निगम द्वारा भंडारण के लिए गोदामों की स्थापना की जाएगी।
आगामी 3 वर्ष की कार्ययोजना
- उचित मूल्य दुकानों पर आधुनिक पीओएस मशीन लगाई जाएगी, जिसमें पीओएस मशीन से तौल कांटे का इंटिग्रेशन एवं आईरिस स्केनर का प्रावधान किया गया है।
- एण्ड-टू-एण्ड कम्प्यूटराईज़ेशन के अंतर्गत – खाद्य संचालनालय, डच्ैब्ैब् एवं डच्ॅस्ब् के साफ्टवेयर का इंटिग्रेशन किया जाएगा।
- लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली अंतर्गत स्मार्ट पीडीएस योजना का क्रियान्वयन।
- उपार्जन हेतु एग्रीस्टेक डाटा एवं कृषि उपज मंडी में विक्रय उपज एवं उपार्जन डाटा से लिंक की व्यवस्था का प्रस्ताव।
- उपार्जन केन्द्रों पर नॉन थ्।फ स्कंध के अपग्रेडेशन के लिये ऑटोमेटेड क्लीनिंग की व्यवस्था का प्रस्ताव।
- उपार्जित खाद्यान परिवहन करने वाले वाहनों का ळच्ै से ट्रैकिंग एवं रूट ऑप्टीमाईजेशन किया जायेगा, जिससे परिवहन व्यय में कमी आएगी।
- खाद्यान्न के उपार्जन, भण्डारण व वितरण में संलग्न विभिन्न संस्थाओं के सॉफ्टवेयर सिस्टम का इंटीग्रेशन।
- गोदाम की क्षमता के अधिकतम उपयोग के लिये निजी गोदाम संचालकों को विशेषज्ञों के माध्यम से प्रशिक्षण।
- शासकीय गोदामों की छत पर 28.87 हजार वर्गमीटर एवं परिसर में 3.30 लाख वर्गमीटर क्षेत्र में सोलर पैनल की स्थापना का प्रस्ताव।
- डप्ै, नवीन तकनीकों तथा ऑनलाईन वेरिफिकेशन के माध्यम से भण्डारण प्रक्रिया का मार्डनाईजेशन तथा गोदामों का अपग्रेडेशन।
मुख्य बिंदु
प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना में 5.25 करोड़ से अधिक हितग्राहियों को 22 हजार 800 करोड़ की लागत का 66.25 लाख मेट्रिक टन निरूशुल्क खाद्यन्न वितरण।
पीडीएस अंतर्गत 536.23 लाख हितग्राहियों में से 497.08 लाख हितग्राहियों का हुआ ईकेवायसी।
ईकेवायसी के बाद 34.87 लाख हितग्राहियों का पोर्टल से बिलोपन। इससे प्रतिमाह 32.43 करोड़ की बचत। प्रतीक्षारत लगभग 14 लाख नवीन हितग्राहियों को पात्रता पर्ची जारी कर निरूशुल्क खाद्यन्न का वितरण।
केवायसी करने के 72 घण्टे में पात्रता पर्ची जारी की।
लाड़ली बहनों एवं उज्जवला योजना से लाभान्वित महिलाओं को विगत दो वर्ष में 911.3 करोड़ राशि का अनुदान।
शहरी गैस वितरण कंपनी को अपेक्षित सहयोग के लिए जिला स्तर पर सिंगल विडों पोर्टल का शुभारंभ।
इंदौर जिले की 30 उचित मूल्य दुकानों का जन पोषण केंद्र के रूप में उन्नयन।
पात्र हितग्राहियों के मोबाइल पर एसएमएस द्वारा राशन प्रदाय की सूचना।
मुख्यमंत्री युवा अन्नदूत योजना के वाहनों में जीपीएस के माध्यम से स्टेट लेवल से मॉनिटरिंग।
उचित मूल्य दुकानों पर आधुनिक पीओएस मशीन लगाई जाएंगी।
वर्ष 2024-25 में गेहूं के समर्थन मूल्य पर 125 रुपए और वर्ष 2025-26 में 175 रुपए का बोनस दिया गया।
खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में समर्थन मूल्य पर धान विक्रय करने वाले किसानों को मुख्यमंत्री कृषि उन्नति योजना में प्रोत्साहन राशि का भुगतान।
मध्य प्रदेश वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन द्वारा संचालित गतिविधियों की रियल टाइम मॉनिटरिंग के लिए इमेजिनेशन मेजरमेंट एप, फुमिगेशन एप और इंस्पेक्शन एप बनाए गए हैं।
गोदामो की छत पर सोलर पैनल की स्थापना प्रस्तावित है।
सिंहस्थ 2028 के लिए मेला क्षेत्र में 40 उचित मूल्य दुकानों की स्थापना और अखाड़ों की मांग अनुसार अस्थाई राशन कार्ड जारी किया जाना प्रस्तावित है। अखाड़ों को अस्थाई गैस कनेक्शन भी जारी किए जाएंगे।
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