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KCC Loan Recovery: कर्ज न चुकाने वाले किसानों की संपत्ति होगी कुर्क, जारी हुई 9 बड़े बकाएदारों की लिस्ट

KCC Loan RecoveryKCC Loan Recovery

KCC Loan Recovery

किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) के तहत बैंक से कर्ज लेकर लंबे समय से भुगतान न करने वाले किसानों पर प्रशासन ने अब तक की सबसे सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। तहसील प्रशासन और बैंक ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए ऐसे 9 बड़े बकाएदारों को चिह्नित किया है, जिन्होंने बार-बार नोटिस दिए जाने के बावजूद बकाया राशि जमा नहीं की। उप जिलाधिकारी (SDM) सदर विक्रम राघव के आदेश पर इन बकाएदारों की कुल 41 अचल संपत्तियों को कुर्क करने के लिए कुर्की वारंट जारी कर दिए गए हैं।

इस कार्रवाई से क्षेत्र के उन किसानों में हड़कंप मच गया है जिन्होंने KCC का कर्ज लंबे समय से रोक रखा है। प्रशासन और बैंक का स्पष्ट कहना है कि सरकारी पैसे की वसूली के लिए सख्त कदम उठाना अनिवार्य हो गया था।

क्या है पूरा मामला? (88 लाख रुपये के बकाया का विवरण)

आगरा जिले के सदर तहसील अंतर्गत बैंक की कुण्डौल शाखा से कई किसानों ने फसल उत्पादन और कृषि संबंधी जरूरतों के लिए किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) के माध्यम से ऋण लिया था। कर्ज की अवधि पूरी होने के बाद भी जब किसानों ने मूलधन और देय ब्याज का भुगतान नहीं किया, तो बैंक ने मामले को राजस्व विभाग को सौंप दिया।

तहसील स्तर से राजस्व संग्रह अमीनों द्वारा वसूली (Recovery) की लगातार कोशिशें की गईं। इसके बावजूद बकाएदारों ने राशि जमा करने में कोई रुचि नहीं दिखाई। अंततः प्रशासन को वसूली प्रमाण पत्र (RC) के आधार पर अचल संपत्ति कुर्क करने का अंतिम कानूनी कदम उठाना पड़ा।

मुख्य आंकड़े एक नजर में:

9 KCC बकाएदारों की सूची और उन पर बकाया राशि (Defaulter List)

प्रशासन द्वारा जारी की गई आधिकारिक सूची में शामिल 9 प्रमुख बकाएदार और उन पर बकाया राशि का विवरण निम्नलिखित है:

बकाएदार किसान का नाम एवं पिता/पति का नामनिवासी स्थानकुल बकाया राशि (रुपये में)
जितेन्द्र सिंह पुत्र स्व. अजमेरी सिंह आदिकुण्डौल₹55,10,824 + ब्याज
राजेन्द्र सिंह पुत्र स्व. खेम चन्द आदिझील जाटव तनौरा नूरपुर₹21,00,833 + ब्याज
चन्द्रपाल सिंह पुत्र मेवारामगोला बरौली गूजर₹15,94,254 + ब्याज
जय नरायन पुत्र राम प्रकाशकुण्डौल₹13,10,198 + ब्याज
सरवन सिंह पुत्र जगन सिंहसैय्यद कुण्डौल₹11,77,270 + ब्याज
नेकराम पुत्र विद्या रामकुण्डौल₹10,39,777 + ब्याज
बादामी देवी पत्नी मानसिंहहौद कुण्डौल₹8,05,311 + ब्याज
पप्पू सिंह पुत्र राम स्वरूपविसारना₹5,18,163 + ब्याज
जमुना देवी पत्नी चन्द्रमोहनसीताराम की मढैया नदौता₹3,35,743 + ब्याज

KCC कर्ज डिफ़ॉल्ट होने पर बैंक और प्रशासन की रिकवरी प्रक्रिया

जब कोई किसान KCC खाते की समय पर समीक्षा (Renewal) नहीं कराता या किस्तें नहीं भरता, तो बैंक चरणबद्ध तरीके से कार्रवाई करता है:

  1. स्मरण पत्र एवं नोटिस (Reminder Notices): शुरुआती महीनों में बैंक किसान को बकाया चुकाने के लिए नोटिस भेजता है।
  2. NPA घोषित करना: यदि लोन 90 दिनों से अधिक समय तक अतिदेय (Overdue) रहता है, तो खाता गैर-निष्पादित परिसंपत्ति (NPA) में डाल दिया जाता है।
  3. रिकवरी सर्टिफिकेट (RC) जारी होना: बैंक जिला प्रशासन/तहसीलदार को वसूली प्रमाण पत्र भेजता है। इसके बाद मामला भू-राजस्व की भांति सरकारी वसूली के दायरे में आ जाता है।
  4. अमीनों द्वारा तकादा: तहसील के संग्रह अमीन किसान से व्यक्तिगत संपर्क कर बकाया वसूली का प्रयास करते हैं।
  5. कुर्की और नीलामी (Kurki & Attachment): यदि फिर भी भुगतान नहीं होता, तो SDM या तहसीलदार धारा 145/भू-राजस्व संहिता के तहत किसान की भूमि या अचल संपत्ति कुर्क कर सार्वजनिक नीलामी (Public Auction) के आदेश देते हैं।

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KCC कर्जदार किसान कुर्की से बचने के लिए क्या करें?

यदि किसी किसान के पास बैंक का नोटिस या RC आया है, तो पैनिक होने के बजाय निम्नलिखित समाधान अपनाए जा सकते हैं:

KCC से जुड़े अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Q1. क्या KCC लोन न चुकाने पर जेल हो सकती है?

उत्तर: सामान्य परिस्थितियों में KCC लोन न चुकाना एक सिविल (दीवानी) मामला है, जिसके लिए सीधे जेल नहीं होती। हालांकि, यदि किसान ने जाली दस्तावेज दिए हों या चेक बाउंस का मामला बनता हो, तो आपराधिक मामला दर्ज हो सकता है। आमतौर पर संपत्ति कुर्क कर वसूली की जाती है।

Q2. KCC लोन का सेटलमेंट (OTS) कैसे कराया जाता है?

उत्तर: किसान अपनी बैंक शाखा में जाकर One Time Settlement (OTS) के लिए आवेदन कर सकते हैं। बैंक किसान की आर्थिक स्थिति का आकलन कर ब्याज में छूट देता है और तय की गई एकमुश्त राशि जमा कराकर लोन खाता पूरी तरह बंद कर देता है।

Q3. संपत्ति कुर्की (Kurki Notice) की स्थिति में पहला कदम क्या होना चाहिए?

उत्तर: कुर्की नोटिस मिलते ही किसान को तुरंत संबंधित SDM कार्यालय या बैंक शाखा प्रबंधक से संपर्क करना चाहिए। बकाया राशि का कुछ हिस्सा जमा करके या किस्तों में भुगतान का हलफनामा (Affidavit) देकर कुर्की की कार्रवाई पर रोक लगवाई जा सकती है।

Q4. क्या किसान की पूरी जमीन नीलाम की जा सकती है?

उत्तर: प्रशासन केवल उतनी ही संपत्ति या जमीन का हिस्सा कुर्क व नीलाम कर सकता है, जिससे बैंक का बकाया ऋण और उस पर बना ब्याज पूरा हो सके। आवश्यकता से अधिक संपत्ति की नीलामी कानूनन नहीं की जाती।

Q5. KCC डिफ़ॉल्ट का सिबिल स्कोर (CIBIL Score) पर क्या असर पड़ता है?

उत्तर: KCC लोन में डिफ़ॉल्ट होने से किसान का CIBIL/क्रेडिट स्कोर बुरी तरह खराब हो जाता है। इसके बाद किसी भी सरकारी या निजी बैंक से भविष्य में नया ट्रैक्टर लोन, पर्सनल लोन या कृषि लोन मिलना लगभग असंभव हो जाता है।

निष्कर्ष (Conclusion)

किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) किसानों को सशक्त बनाने और उन्हें साहूकारों के चंगुल से बचाने का एक बेहतरीन जरिया है। लेकिन इसका समय पर पुनर्भुगतान न करना कानूनी संकट और संपत्ति जब्ती का कारण बन सकता है। कुण्डौल क्षेत्र में 9 बकाएदारों की 41 संपत्तियों पर जारी कुर्की वारंट इस बात का स्पष्ट संकेत हैं कि बैंक और प्रशासन अब कड़ा रुख अपना रहे हैं। यदि आपका भी KCC लोन बकाया है, तो कुर्की की नौबत आने से पहले बैंक से संपर्क कर सेटलमेंट या री-पेमेंट प्लान बनवाएं।

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