Kalonji को लेकर लोगों में कई तरह की मान्यता प्रचलित होती हैं खासतौर पर वजन को घटाने और पेट की समस्याओं के लिए। AIIMS-trained गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ. सौरभ सेठी ने स्पष्ट बताया है, कि Kalonji के कुछ स्वास्थ्य लाभ जरूर होते हैं। लेकिन इसे चमत्कारी इलाज समझना बिल्कुल ही गलत है। इसकी सही मात्रा और सही जानकारी बेहद जरूरी होती है।
Kalonji में मौजूद पोषक तत्व और उनका महत्व
डॉ. सेठी के अनुसार Kalonji छोटे से काले बीज होते हैं, जिनमें विटामिन A, B, C, नियासिन, कैल्शियम, आयरन, पोटैशियम, मैग्नीशियम, जिंक और सेलेनियम जैसे भरपूर पोषक तत्व पाए जाते हैं। साथ ही इसमें फाइबर, प्रोटीन और हेल्दी फैटी एसिड भी मौजूद होते हैं। यही कारण है कि इसे पारंपरिक तौर पर पाचन और सामान्य स्वास्थ्य समस्या के लिए उपयोग किया जाता रहा है।
ये भी पढ़े : Heart attack symptoms
ब्लड प्रेशर, शुगर और सूजन पर Kalonji का प्रभाव
डॉक्टर के मुताबिक Kalonji का असर हृदय और मेटाबॉलिक स्वास्थ्य पर देखा गया है। यह ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने, कोलेस्ट्रॉल को संतुलित रखने और ब्लड शुगर के मैनेजमेंट में मददगार हो सकता है। इसके एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण सूजन और जोड़ों के दर्द में भी बहुत राहत दे सकती हैं। अस्थमा और एलर्जी जैसी स्थितियों में भी इसे मददगार माना गया है, हालांकि यह इलाज़ का ऑप्शन नहीं है।
क्या Kalonji से वजन कम होता है? विशेषज्ञ ने किया साफ
डॉ. सेठी ने स्पष्ट रूप से कहा कि केवल Kalonji खाने या इसका पानी पीने से ही वजन कम नहीं होता है। कई लोग इसे खाली पेट लेने को वजन घटाने का आसान उपाय मानते हैं, लेकिन इसका सीधा असर वजन पर नहीं है। यदि संतुलित आहार और एक अच्छी जीवनशैली के साथ इसे लिया जाए तो अप्रत्यक्ष रूप से इसका लाभ मिल सकता है, पर यह कोई जादुई उपाय नहीं होता है।
लिवर, किडनी और अन्य बीमारियों पर Kalonji की सीमा
फैटी लिवर, किडनी स्टोन या गंभीर पाचन रोगों को Kalonji से ठीक करने के दावे वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित नहीं होते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी स्थितियों में घरेलू नुस्खों पर निर्भर रहना रिस्क वाला हो सकता है। Kalonji को केवल सपोर्टिंग फूड की तरह देखा जाना चाहिए, इलाज के रूप में नहीं देखना चाहिए।
ये भी पढ़े : सेहत के लिए सही Morning Drink: thyroid, dibities आदि के लिए डॉक्टर…
कलौंजी की सही मात्रा और सावधानियाँ
डॉक्टर के अनुसार सलाह दी जाती है की कलौंजी की मात्रा सीमित होनी चाहिए लगभग आधा से एक चम्मच हर दिन पर्याप्त होता है। अधिक मात्रा में कलौंजी का सेवन करने से गैस, पेट दर्द और पाचन की दिक्कत हो सकती है। डायबिटीज, ब्लड प्रेशर या अन्य दवाइयां को लेने वाले लोग इसे रोज लेने से पहले डॉक्टर की सलाह ले। Kalonji पोषक तत्वों से भरपूर होता है और सामान्य स्वास्थ्य में सहायक भूमिका निभा सकता है। लेकिन इसे वजन घटाने या गंभीर बीमारियों के इलाज के रूप में देखना सही नहीं होता है।

