JNU नारेबाजी विवाद पर UP मंत्री राजभर का बयान, विपक्ष पर टिप्पणी

UP minister Om Prakash Rajbhar speaking to media on JNU slogan controversy

दिल्ली स्थित जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में सामने आए नारेबाजी प्रकरण पर JNU नारेबाजी विवाद अब राजनीतिक बयानबाज़ी का विषय बन गया है। उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने इस पूरे घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए विपक्ष की भूमिका और विरोध के तरीकों पर टिप्पणी की है।

JNU नारेबाजी विवाद पर मंत्री का बयान

Om Prakash Rajbhar ने कहा कि विपक्षी दलों का स्वभाव ही सरकार का विरोध करना होता है। उनके अनुसार यह विरोध कभी नारे लगाकर, कभी गीतों के माध्यम से और कभी शोर-शराबे के जरिए सामने आता है। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था का हिस्सा बताया।

राजभर का कहना था कि विश्वविद्यालय परिसरों में इस तरह की गतिविधियां पहले भी देखी जाती रही हैं और इन्हें राजनीतिक संदर्भ में समझा जाना चाहिए।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले से जुड़ा संदर्भ

यह टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब Supreme Court of India ने 2020 उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों से जुड़े कथित षड्यंत्र मामले में अहम फैसला सुनाया। कोर्ट ने उमर खालिद और शरजील इमाम को जमानत देने से इनकार किया, जबकि कुछ अन्य आरोपियों को राहत दी गई।

अदालत ने कहा कि उमर खालिद और शरजील इमाम के खिलाफ आरोप और सबूत अन्य आरोपियों से अलग स्तर के हैं। इसी फैसले के बाद JNU परिसर से जुड़े नारों की चर्चा एक बार फिर राजनीतिक विमर्श में आ गई।

राजनीतिक प्रतिक्रिया और विपक्ष की भूमिका

राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, JNU नारेबाजी विवाद को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच बयानबाज़ी नई नहीं है। सत्ता पक्ष इसे विरोध की राजनीति मानता है, जबकि विपक्ष इसे अभिव्यक्ति की आज़ादी से जोड़कर देखता है।

राजभर ने यह स्पष्ट किया कि सरकार आलोचना से नहीं डरती, लेकिन कानून और व्यवस्था से समझौता नहीं किया जा सकता।

ग्रामीण रोजगार कानून पर अलग बयान

इसी दौरान मंत्री राजभर ने VB-G RAM G Act, 2025 को लेकर भी बयान दिया। उन्होंने कहा कि यह कानून ग्रामीण श्रमिकों के लिए लाभकारी है और इससे साल में 125 दिन तक रोजगार की गारंटी मिलेगी। उन्होंने यह भी कहा कि मजदूरी भुगतान में देरी की समस्या को कम करने के लिए समयसीमा तय की गई है।

सरकार का मानना है कि यह अधिनियम ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगा और पलायन जैसी समस्याओं को कम करने में मदद करेगा।

UP minister reacts on JNU slogan controversy

कांग्रेस का विरोध और आंदोलन की घोषणा

वहीं दूसरी ओर, कांग्रेस पार्टी ने नए कानून के खिलाफ “MGNREGA बचाओ” अभियान की घोषणा की है। यह आंदोलन तीन चरणों में होगा और इसकी शुरुआत जनवरी से की जाएगी। कांग्रेस का आरोप है कि नया कानून पुराने रोजगार ढांचे को कमजोर करता है।

इस मुद्दे पर भी सरकार और विपक्ष के बीच टकराव साफ नजर आ रहा है।

राष्ट्रपति की मंजूरी और मौजूदा स्थिति

VB-G RAM G Bill, 2025 को 21 दिसंबर 2025 को राष्ट्रपति Droupadi Murmu की मंजूरी मिली थी। इसके साथ ही यह कानून औपचारिक रूप से लागू हो गया है।

सरकार इसे ग्रामीण भारत के लिए सुधारात्मक कदम बता रही है, जबकि विपक्ष इसके सामाजिक असर पर सवाल उठा रहा है।

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