Jharkhand Air Ambulance Crash : झारखंड की राजधानी रांची से एक ज़रूरी खबर सामने आ रही है। रांची एयरपोर्ट से उड़ान भरने के कुछ देर बाद ही एक एयर एम्बुलेंस गायब हो गई। रिपोर्ट्स के मुताबिक, टेकऑफ के कुछ देर बाद ही एयर एम्बुलेंस रडार से गायब हो गई और एयरपोर्ट का एयर एम्बुलेंस से संपर्क टूट गया। इसके कुछ देर बाद ही खबर आई कि रांची से दिल्ली जा रही एक एयर एम्बुलेंस झारखंड के चतरा में क्रैश हो गई। उसमें एक मरीज़ समेत सात लोग सवार थे।
DGCA और एयरपोर्ट ने क्या रिपोर्ट दी? Jharkhand Air Ambulance Crash
DGCA के सूत्रों से मिली रिपोर्ट्स से पता चला है कि रांची एयरपोर्ट से उड़ान भरने के कुछ देर बाद ही एक चार्टर प्लेन रडार से गायब हो गया। इस बीच, रांची एयरपोर्ट के सूत्रों ने बताया कि एक मेडिकल फ्लाइट ने उड़ान भरी, अगले स्टेशन से संपर्क बनाया और फिर अगले स्टेशन को कंट्रोल सौंप दिया। फिर संपर्क टूट गया। प्लेन का रांची एयरपोर्ट से संपर्क टूट गया। राज्य को इसकी जानकारी दे दी गई है और सभी ज़रूरी SOPs का पालन किया जा रहा है।
रांची एयरपोर्ट डायरेक्टर ने यह जानकारी दी।
PTI की दी गई जानकारी के मुताबिक, यह हादसा सोमवार शाम 7:10 बजे रांची एयरपोर्ट से एयर एम्बुलेंस के उड़ान भरने के बाद हुआ। रांची एयरपोर्ट के डायरेक्टर विनोद कुमार के मुताबिक, रांची से दिल्ली सात लोगों को ले जा रही एयर एम्बुलेंस झारखंड के चतरा जिले के सिमरिया के पास क्रैश हो गई। उन्होंने बताया कि राज्य प्रशासन से एक्सीडेंट की रिपोर्ट मिल गई है।
प्लेन क्रैश क्यों हुआ? Jharkhand Air Ambulance Crash
क्रैश हुई एयर एम्बुलेंस रेड बर्ड एयरवेज की बताई जा रही है। एयर एम्बुलेंस का शाम 7:34 बजे ATC से संपर्क टूट गया था। एयर एम्बुलेंस को कैप्टन विवेक विकास भगत और कैप्टन सवारदीप सिंह चला रहे थे। शक है कि खराब मौसम या टेक्निकल खराबी की वजह से एयर एम्बुलेंस क्रैश हुई। पुलिस सुपरिटेंडेंट सुमित अग्रवाल मौके के लिए निकल गए हैं। और जानकारी का इंतज़ार है।
प्लेन में कौन-कौन सवार था? Jharkhand Air Ambulance Crash
मिली जानकारी के मुताबिक, एयर एम्बुलेंस में 41 साल के संजय कुमार नाम का एक मरीज़ था, जो जलने की वजह से गंभीर हालत में था। संजय कुमार देव को कमल हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था और उन्हें एयर एम्बुलेंस से ले जाया जा रहा था। एयर एम्बुलेंस में सवार छह और यात्रियों में रितेश कुमार, सचिन कुमार मिश्रा, डॉ. विकास कुमार गुप्ता, अर्चना देवी और धुरु कुमार शामिल थे। इनमें एक डॉक्टर, एक पैरामेडिकल स्टाफ मेंबर, दो अटेंडेंट और एक पायलट शामिल थे। इनमें से किसी के भी बचने की उम्मीद नहीं है।
