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Dhurandhar प्रोपेगेंडा पर Javed Akhtar ने उठाए सवाल, बोले- ‘ये सही नहीं…

Javed Akhtar's statement on Dhurandhar controversy, questions the 'propaganda' tagJaved Akhtar's statement on Dhurandhar controversy, questions the 'propaganda' tag

Javed Akhtar's statement on Dhurandhar controversy, questions the 'propaganda' tag

हाल ही में रणवीर सिंह की फिल्म धुरंधर को लेकर प्रोपेगेंडा का विवाद तेज हो गया है। ये मुद्दा तब सामने आया जब कुछ ऑडियंस ने फिल्म के नरेटिव पर कई प्रकार के सवाल किए। इस पर वरिष्ठ गीतकार और लेखक Javed Akhtar ने भी अपना रिएक्शन दिया। जहां मुख्य कारण फिल्म के कंटेंट को लेकर मतभेद बताया जा रहा है।

Dhurandhar Controversy पर जावेद अख्तर का क्या है बयान

Javed Akhtar ने धुरंधर फिल्म पर होने वाली कंट्रोवर्सी पर अपना रिएक्शन देते हुए कहा कि किसी फिल्म को केवल इसलिए प्रोपेगेंडा कहना सही नहीं हो सकता क्योंकि उसका नैरेक्टिव कुछ लोगों को पसंद नहीं आ रहा। हर कहानी में एक दृष्टिकोण होता है जिससे नकारना सिनेमा की प्रकृति के बिल्कुल खिलाफ है।

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फिल्म के प्रोपेगेंडा टैग पर उठे सवाल

धुरंधर फिल्म के कंट्रोवर्सी में सबसे बड़ा मुद्दा प्रोपेगेंडा शब्द का इस्तेमाल है। Javed Akhtar के अनुसार अगर किसी फिल्म के विचारधारा अलग है तो उसे तुरंत नेगेटिव रूप में टैग करना सही नहीं होताहै। जानकारी के मुताबिक फिल्म के कंटेंट को लेकर ऑडियंस के बीच वैचारिक विभाजन देखने को मिला है जिससे यह बहस और बढ़ी है।

सोशल मीडिया पर बढ़ी हुई है बहस

फिल्म को लेकर दो अलग-अलग रिएक्शन देखने को मिले हैं एक वर्ग इसे देशभक्ति आधारित सिनेमा मान रहा है जबकि दूसरा वर्ग इसे एक तरफ प्रस्तुति बता रहा है। किसी विभाजन ने धुरंधर फिल्म के कंट्रोवर्सी को और भी अधिक व्यापक बना दिया है।

फिल्म की सफलता और विवाद का क्या है संबंध

धुरंधर फिल्म के बॉक्स ऑफिस सफलता भी इसी बात का एक कारण बनी हुई है बड़े लेवल पर ऑडियंस तक पहुंचाने के कारण फिल्म पर अधिक चर्चा हुई है जिससे इसकी आलोचनाएं भी मिली हैं। ये अक्सर देखा जाता है की लोकप्रिय फिल्मों को ज्यादा जांच पर रखा संता करना पड़ता है।

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इंडस्ट्री में रिएक्शन और व्यापक प्रभाव

सिनेमा को क्रिएटिव अभिव्यक्ति के रूप में देखना चाहिए लेकिन साथ ही ये जरूरी है की कंटेंट समाज पर प्रभाव को ध्यान में रखें धुरंधर कॉन्ट्रोवर्सी ने सिनेमा और विचारधारा की संबंध पर एक नई बहस शुरू कर दी है।

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