ITR-2 फाइल करने वाले टैक्स देने वाले लोगों के लिए आकलनवर्ष 2026 से 2027 की प्रक्रिया अब शुरू हो चुकी है इस बार रिटर्न भरते समय हाउस प्रॉपर्टी, कैपिटल गैंस, टैक्स डिडक्शन और अन्य आय से जुड़े क्षेत्र को सही तरीके से भरना बहुत जरूरी है। विशेषज्ञों के मुताबिक छोटी सी गलती भी टेक्स्ट कैलकुलेशन या फिर रिफंड प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती है।
ITR-2 में किन करदाताओं को रिटर्न दाखिल करना है?
इत्र तो उन व्यक्तिगत करदाताओं और हिंदू अविभाजित परिवार के लिए निर्धारित फार्म होता है जिनकी इनकम सैलरी एक या अधिक हाउस प्रॉपर्टी कैपिटल गैन या अन्य स्रोत से होती है। लेकिन उनकी कोई बिजनेस या फिर प्रोफेशनल इनकम मौजूद नहीं होती है। इसके अलावा विदेशी संपत्ति या फिर विदेशी आय रखने वाले कुछ करदाताओं पर भी यह फॉर्म लागू होता है।
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House Property और Capital Gains की सही जानकारी जरूरी
इस बार्बी हाउस प्रॉपर्टी क्षेत्र में किराए की इनकम होम लोन के ब्याज और नगर निगम का टैक्स जैसी जानकारियां सही देना जरूरीहै। वही शेयर म्युचुअल फंड जमीन या अन्य संपत्तियों की बिक्री से होने वाले कैपिटल गैन या नुकसान की सटीक रिपोर्टिंग भी जरूरी होती है। गलत जानकारी देने पर टैक्स देनदारी की गणना प्रभावित होने लगती है।
इन 15 सेक्शनों पर रखें अपना विशेष ध्यान
बाजार विश्लेषकों के मुताबिक ITR-2 बढ़ते समय अपनी व्यक्तिगत जानकारी, सैलेरी, इनकम ,हाउस प्रॉपर्टी, कैपिटल गैन अन्य स्रोतों से आने वाली इनकम चैप्टर 6 ए के तहत मिलने वाली कटौती टेक्स्ट भुगतान का विवरण बैंक खाते की सही जानकारी और वेरिफिकेशन के साथ-साथ सभी प्रमुख क्षेत्र की सावधानी से जांच करनी चाहिए। प्रतीक जानकारी मिले-जून डॉक्यूमेंट से मिलान करने के बाद ही उसमें देना सही है।
AIS, Form 26AS और Form 16 का मिलान
आयकर रिटर्न विशेषज्ञ के अनुसार अगर रिटर्न जमा करने से पहले एनुअल इनफॉरमेशन स्टेटमेंट फॉर्म 26as और फॉर्म 16 मे उपलब्ध जानकारी का मिलान करना जरूरी होता है। अगर किसी की इनकम टीडीएस या फिर निवेश का विवरण अलग हो जाता है तो उसे स्पष्ट कर लेना चाहिए इससे नोटिस या रिटर्न प्रोसेस में होने वाली देरी की संभावनाएं कम हो जाती है।
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कर देने वाले लोगों के लिए क्या है इसका महत्व?
सही डॉक्यूमेंट और सटीक जानकारी के आधार पर ITR-2 दाखिल करने से रिटर्न प्रोसेसिंग तेज हो जाती है और भविष्य में इनकम विभाग की तरफ से स्पष्टीकरण की मांग की संभावना घटने लगती है। हालांकि विदेश की संपत्ति जटिल कैपिटल गैन और विशेष टैक्स मामलों में चार्टर्ड अकाउंटेंट की सलाह लेना परफेक्ट होता है। ध्यान रहे आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से इस टैक्स संबंधित व्यक्तिगत सलाह नहीं समझे।

