भारतीय शेयर बाजार के दिग्गज शेयर ITC Share Price में जनवरी 2026 के दौरान ऐतिहासिक गिरावट दर्ज की गई है। सरकार द्वारा सिगरेट और तंबाकू उत्पादों पर टैक्स के नए ढांचे की घोषणा के बाद निवेशकों में घबराहट का माहौल है। बीते 11 सत्रों में से 10 दिन गिरावट के साथ बंद होने वाला यह स्टॉक अब दो दशक के अपने सबसे बुरे दौर से गुजर रहा है।
बजट से पहले टैक्स का झटका और ITC की स्थिति
नए साल की शुरुआत आईटीसी के निवेशकों के लिए काफी चुनौतीपूर्ण रही है। 31 दिसंबर 2025 को सरकार ने तंबाकू उत्पादों पर जीएसटी की दरों को 28 प्रतिशत से बढ़ाकर सीधा 40 प्रतिशत करने का नोटिफिकेशन जारी किया था। इसके अलावा, पैन मसाला और अन्य उत्पादों पर 20 से 55 प्रतिशत की अतिरिक्त लेवी लगाने के फैसले ने आग में घी डालने का काम किया है।
मार्केट डेटा के अनुसार, जनवरी महीने में अब तक ITC Share Price लगभग 18.3 प्रतिशत तक टूट चुका है। यदि गिरावट का यह सिलसिला महीने के अंत तक जारी रहता है, तो यह मई 2006 के बाद की सबसे बड़ी मासिक गिरावट साबित होगी। उस समय स्टॉक में करीब 18.9 प्रतिशत की कमजोरी देखी गई थी।
चार्ट पर दिख रहे हैं कमजोरी के संकेत
तकनीकी विश्लेषकों का मानना है कि स्टॉक अपने सभी महत्वपूर्ण मूविंग एवरेज से नीचे ट्रेड कर रहा है। 1 जनवरी को आई शुरुआती गिरावट के बाद से ही शेयर में ‘लोअर हाई और लोअर लो’ का पैटर्न बन रहा है। जानकारों के मुताबिक, यह गिरावट केवल एक सुधार नहीं है, बल्कि एक बड़े स्ट्रक्चरल बदलाव का संकेत दे रही है।
ट्रेडबुल्स सिक्योरिटीज के जानकारों का कहना है कि जुलाई 2023 से ही स्टॉक एक सुधारात्मक दायरे में फंसा हुआ था। मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए ऐसा लग रहा है कि स्टॉक अब ₹300 के मनोवैज्ञानिक स्तर की ओर बढ़ रहा है। वर्तमान भाव से यह करीब 9 प्रतिशत की और गिरावट की ओर इशारा कर रहा है।
हेड-एंड-शल्डर्स ब्रेकडाउन का असर
सैमको सिक्योरिटीज के विश्लेषकों ने उच्च समयावधि (Higher Timeframe) पर एक ‘हेड-एंड-शल्डर्स’ पैटर्न के टूटने की पुष्टि की है। ₹380 का स्तर, जो पहले एक मजबूत आधार का काम कर रहा था, अब पार करना मुश्किल लग रहा है। तकनीकी गणना के आधार पर, गिरावट का अगला लक्ष्य ₹265 के आसपास दिखाई देता है।
वहीं, डेरिवेटिव्स बाजार के आंकड़े भी मंदी की पुष्टि कर रहे हैं। पुट-कॉल रेशियो (PCR) 0.33 के स्तर पर पहुंच गया है। इसका सरल अर्थ यह है कि बाजार में हर एक ‘पुट’ पोजीशन के मुकाबले तीन से ज्यादा ‘कॉल’ राइटिंग (बिकवाली) हो रही है। यह स्थिति दिखाती है कि ट्रेडर्स को फिलहाल किसी बड़ी रिकवरी की उम्मीद नहीं है।
क्या खरीदारी का मौका है या और नीचे जाएगा भाव?
भले ही बाजार में मंदी हावी है, लेकिन कुछ इंडिकेटर्स जैसे RSI (रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स) अब ‘ओवरसोल्ड’ जोन में जा रहे हैं। इसका मतलब है कि लगातार बिकवाली के कारण स्टॉक में एक छोटी रिकवरी या ‘रिलीफ रैली’ आ सकती है। ऐसी स्थिति में शेयर ₹345 से ₹350 तक बाउंस कर सकता है।
हालांकि, निवेशक इस बात का ध्यान रखें कि जब तक स्टॉक ₹375 के ऊपर टिकने में कामयाब नहीं होता, तब तक हर उछाल पर बिकवाली का दबाव बना रहेगा। नए निवेशकों को फिलहाल बाजार के स्थिर होने का इंतजार करना चाहिए, क्योंकि 1 फरवरी से लागू होने वाले नए टैक्स रेट्स का वास्तविक असर कंपनी के अगली तिमाही के नतीजों में ही साफ होगा।
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