भोपाल। मध्यप्रदेश की नगरीय विकास राज्य मंत्री प्रतिमा बागरी के गांव में डुगी पिटवाकर उनके जाति प्रमाण पत्र की जानकारी लोगो को दी गई थी। इस मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। मध्यप्रदेश के आधा दर्जन मंत्रियों ने प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव एवं आदिमजाति कल्याण मंत्री से मुलाकात करके प्रतिमा बागरी के गांव स्थित सुसराल और मायके में डुगी पिटवाने के लिए नाराजगी जताई है।
सुनवाई से पहले डुगी
मंत्रियों का कहना है कि जाति प्रमाण पत्र से जुड़े मामलों की जांच के लिए स्क्रीनिंग कमेटी अपना काम कर रही है, लेकिन सुनवाई से पहले बागरी के पैतृक गांव और ससुराल वाले गांव में ढोल पिटवाकर लोगों से उनकी जाति के संबंध में जानकारी मांगना उचित नहीं था। मंत्रियों की मुख्यमंत्री से हुई मुलाकात को लेकर चर्चा तेज हो गई है। जो जानकारी आ रही है उसके तहत मुख्यमंत्री ने मंत्रियों को अस्वस्थ किए है कि इस मामले पर वे जानकारी लेगें। माना जा रहा है कि संबंधित विभाग के अधिकारियों पर सरकार का एक्शन हो सकता है, क्योकि मंत्रियों तर्क दिए है कि इससे पूर्व भी जाति प्रमाण पत्र की जांच हुई है, लेकिन ढ़ोल नही पिटवाया गया।
कांग्रेस नेता की शिकायत पर हो रही है जांच
दरअसल कांग्रेस नेता प्रदीप अहिरवार की शिकायत स्क्रीनिंग कमेटी प्रतिमा बागरी के जाति प्रमाण पत्र की जांच कर रही है। इसके लिए 6 जुलाई को मंत्री प्रतिमा बागरी मंत्रालय में हाजिर होकर बागरी एससी वर्ग से है। इसके लिए प्रमाण पत्र और कई तरह के तर्क दी है, तो वही शिकायत कर्त्ता ने जाति को लेकर जांच समिति के समक्ष दस्तावेज प्रस्तुत किए है। जिस पर अब समिति जांच कर रही है। बता दें कि प्रदेश सरकार की मंत्री प्रतिमा बागरी सतना जिले के रैगांव विधानसभा से विधायक है।

