Digital Gold: आज के दौर में जहाँ एक ओर गोल्ड की रखवाली और सुरक्षा के डर से लोग डिजिटल गोल्ड खरीदने लगे हैं. जी हां निवेशक अब डिजिटल गोल्ड की सुरक्षा को लेकर भी काफी घबराए हुए हैं. SEBI के द्वारा Digital Gold को लेकर जारी की गई चेतावनी के बाद Zerodha के सह-संस्थापक और CEO Nitin Kamath ने भी डिजिटल गोल्ड खरीदने वालों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं.
तो क्या Digital Gold नहीं खरीदना चाहिए?
ऐसा नहीं है, SEBI या नितिन कामथ ने Digital Gold खरीदने से मना नहीं किया है, बल्कि बताया है कि ये पूरी तरह सुरक्षित नहीं है. Gold ETF, EGR या सेबी द्वारा अनुमोदित एक्सचेंज के अलावा भी ऐप और वेबसाइट के जरिए भी गोल्ड बेचा जा रहा है.
Nitin Kamath ने किया सचेत
Zerodha के CEO ने इंवेस्टर्स को बताया है कि डिजिटल गोल्ड खरीदते समय लोगों को लगभग 6% तक का नुकसान होता है. उन्होंने ऐसा इसलिए कहा क्योंकि जब आप डिजिटल गोल्ड खरीदते हैं तो उस पर आपको तीन प्रतिशत की दर से जीएसटी और दो-तीन प्रतिशत की दर से टैक्स के साथ प्लेटफार्म शुल्क कभी भुगतान करना पड़ सकता है.
क्या आपका सोना सेफ है?
अभी हाल ही में दिवाली के मौके पर कई ऐप्स और वेबसाइटों के द्वारा विज्ञापन जारी किए जा रहे थे, जिसमें आपको सस्ते में गोल्ड खरीदने के कई ऑफर मिल रहे थे. लेकिन ये वेबसाइट्स या ऐप कितनी सुरक्षित हैं? यदि किसी दिन ये बंद हो जाए तो हमारे गोल्ड का क्या होगा? इनके बारे में कोई क्लेरिटी नहीं है. इसके अलावा आप जो गोल्ड खरीद रहे हैं उसकी प्योरिटी क्या है? आपका वॉलेट कितना सुरक्षित है? ऐसे कई सवाल है जो डिजिटल गोल्ड निवेशकों के मन में आने चाहिए.
ये है सुरक्षित विकल्प
फोन पे, गूगल पे, पेटीएम जैसे कई ऐप के जरिए आपको सस्ते में गोल्ड खरीदने के विकल्प मिल जाएंगे. लेकिन उनकी सुरक्षा की गारंटी सेबी के द्वारा नहीं ली जाती है. क्योंकि सेबी के द्वारा पहले ही उनकी अनियमिताओं को लेकर चेतावनी जारी की जा चुकी है. यदि किसी दिन ये ऐप बंद हो जाते हैं और आपको नुकसान होता है तो उसके लिए किसकी जिम्मेदारी होगी? हालांकि अभी भी गोल्ड ईटीएफ जैसे कई विकल्प मौजूद है जो सेबी के अंतर्गत आते हैं.
जागरूकता की कमी
SEBI के द्वारा Digital Gold पर जारी हुई चेतावनी के बाद हंगामा मच गया. क्योंकि उसके पहले तक कई लोगों को यह एहसास ही नहीं था कि डिजिटल गोल्ड किसके नियंत्रण में आता है. आप यदि किसी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से डिजिटल गोल्ड खरीदने हैं और उन प्लेटफार्म या कंपनियों के साथ कुछ हो जाए जैसे यदि वह बंद हो जाए तो फिर आप क्या कर पाएंगे? कहां शिकायत करेंगे? सेबी आपकी मदद करेगा या नहीं?
हालांकि की 8 नवंबर को बाजार नियामक द्वारा जारी चेतावनी में यह साफ कर दिया गया है कि ई गोल्ड या डिजिटल गोल्ड उनके नियामक ढांचे से बाहर है और यह बहुत ज्यादा रिस्की भी है.
सेबी ने यह चेतावनी इसलिए भी जारी की क्योंकि कई प्लेटफार्म के द्वारा डिजिटल गोल्ड को फिजिकल गोल्ड के विकल्प के रूप में बताकर इन्हें बढ़ावा दिया जा रहा है। यदि आप भी कहीं से डिजिटल गोल्ड खरीद रहे हैं या खरीद चुके हैं तो थोड़ा सावधान रहें, प्लेटफार्म की सत्यता की अच्छे से जांच कर लें.
