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IRB Infra share price: मार्केट क्रैश के दिन शेयर में उछाल, दिखी 11% तेजी

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IRB Infra share सोमवार को एक्स बोनस होने के दिन करीब 11% तक चढ़ गया था। कंपनी ने 1:1 का बोनस इशू करने की घोषणा की है, जिसके कारण निवेश करने वाले लोगों में उत्साह का माहौल देखा जा रहा है। इसकी तेजी का असर स्टॉक की ट्रेडिंग वॉल्यूम और रिटेल निवेश करने वाले लोगों के भागीदारी पर पड़ा है।

Infra share Issue के बीच प्रदर्शन बढ़ता दिखा

स्टॉक एक्सचेंज डाटा के अनुसार IRB Infra share पुराने बोनस से पहले मजबूत बढ़त के साथ कारोबार करता दिख रहा है। दिन के दौरान इसमें करीब 11% तक की तेजी देखी गई थी हालांकि पुराने बोनस एडजस्टमेंट होने के बाद शेर की कीमत तकनीकी रूप से बैलेंस हो गई है जिससे वास्तविक वैल्यू पर इसका कोई बड़ा असर नहीं पड़ा है। इंट्राडे में शेर की ऊपरी लेवल को छुआ गया है जबकि क्लोजिंग प्राइस एडजेस्टेड आधार पर नीचे ही दिख रही है। यह गिरावट कुछ तकनीकी कर्म से थी ना कि किसी फंडामेंटल कमजोरी के कारण।

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Bonus Issue से क्यों बढ़ा निवेश करने वालों का रुझान

1:1 Bonus Issue होने का मतलब है कि हर एक शेर पर निवेश करने वाले लोगों को एक एक्स्ट्रा शेयर मिलेगा। कंपनी की ऑफिशियल बयान में बताया गया है कि यह कदम शेयर करने वाले लोगों के लिए वैल्यू अनलॉक करने और लिक्विडिटी को बढ़ाने के उद्देश्य से लिया गया है। बाजार विश्लेषण के अनुसार भोजनास इशू से शेर की कीमत कम देखने लगती है जिससे रिटेल निवेशकों की भागीदारी बढ़ जाती है। इसके अलावा बाजार यह भी संकेत देता है कि कंपनी को अपने भविष्य के ग्रोथ पर भरोसा रखना चाहिए।

निवेशकों पर क्या है प्रभाव और तकनीकी एडजस्टमेंट

पुराना बोनस होने के बाद शेर की कीमत आमतौर पर समायोजित यानी एडजेस्टेबल हो जाती है जैसे इसको उदाहरण से समझाऊं तो अगर पहले शेयर ₹100 पर था तो बोनस के बाद या लगभग ₹50 पर आ सकता है लेकिन निवेश करने वाले लोगों की कुल शेयर डॉग ने हो सकते हैं। इसलिए कुल निवेश के दाम में कोई वास्तविक बदलाव नहीं होता है स्टॉक एक्सचेंज डाटा के अनुसार या केवल एक तकनीकी बदलाव होता है जिसे कई बार नए निवेश गिरावट समझ लिया जाता है।

IRB का पिछले प्रदर्शन और सेक्टर से तुलना

पिछले एक साल में IRB Infra share का प्रदर्शन सीमित ही दिख रहा है इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर के अनस्टॉप की तुलना में इसका प्रदर्शन मिला-जुला माना जा सकता है। मार्केट कैंप पर बोनस इश्यू का सीधा असर नहीं होता है क्योंकि यह केवल शेयरों की संख्या को बढ़ाता है ना की कंपनी की कुल वैल्यू को।

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क्या है बाजार का आगे का आउटलुक

मार्केट एनालिसिस करने वाले लोगों के अनुसार बोनस इशू होना अल्पकालिक रूप से पॉजिटिव भावना बताता है। लेकिन लंबे समय में स्टॉक का प्रदर्शन कंपनी की फंडामेंटल वैल्यू जैसे रेवेन्यू कर्ज और प्रोजेक्ट पाइपलाइन पर ही निर्भर करता है। निवेश करने वाले लोगों को केवल बोनस के आधार पर ही निर्णय लेने से बचना चाहिए, आप इसको निवेश की सलाह नहीं समझ ले, केवल जानकारी के उद्देश्य से था।

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