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ईरान निकला अमेरिका का बाप! 23वें दिन पहुंची जंग, ट्रंप का हो गया 310 मिलियन डॉलर का नुकसान

Iran Israel us war

Iran Israel US War : अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रही मिडिल ईस्ट की जंग अभी भी जारी है। इस जंग में भले ही इजराइल और अमेरिका ने ईरान को कम ताकतवर समझा हो, लेकिन युद्ध के 23वें दिन तक ईरानी सेना ने ये साबित कर दिया बिना आका के ही वो इनती आक्रामक है कि डोनाल्ड ट्रंप और नेतन्याहू की सेना की रातों की नींद उड़ा दी है। ट्रंप ने सोचा था कि शायद ये युद्ध अली खामेनेई की मौत के साथ ही खत्म हो जाएगा, मगर अब खुद अमेरिकी राष्ट्रपति भी लंबी चल रही इस जंग से परेशान हैं। वह लगातार ईरान को बिना शर्त के सरेंडर करने को बोल रहे हैं, लेकिन ईरानी सेना ने अमिरका की किसी भी शर्त को मानने से इनकार कर दिया है। इस जंग में ईरान को भारी कीमत चुकानी पड़ रही है, खामेनेई के साथ-साथ कई बड़े व शक्तिशाली नेताओं की मौत हो चुकी है। उधर, इजराइल और अमेरिका को भी नुकसान कम नहीं हुआ है। आईए जानते हैं कि ईरान के साथ जंग लड़ने में अमेरिका को कितना नुकसान हुआ है?

ईरान से जंग में अमेरिका को हो रहा बड़ा नुकसान

मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध ने व्यापक तबाही मचा दी है। ईरान के साथ युद्ध में अब तक अमेरिका को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। ईरान के हवाई हमलों ने युद्ध के पहले दो हफ्तों में ही अमेरिकी सैन्य बेसों को करीब 800 मिलियन डॉलर (लगभग 75 करोड़ रुपये) का नुकसान पहुंचाया है। विश्लेषकों के अनुसार, इस आंकड़े का अधिकांश हिस्सा ईरान की जवाबी कार्रवाइयों के चलते हुआ है, जो 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल द्वारा संयुक्त रूप से किए गए हवाई हमलों के बाद के सप्ताहों में तेजी से बढ़ी। बीबीसी और अमेरिकी थिंक टैंक ‘सेंटर फॉर स्ट्रैटेजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज’ (CSIS) की रिपोर्ट में कहा गया है कि यह नुकसान अभी पूरी तरह से स्पष्ट नहीं है, लेकिन यह संकेत देता है कि युद्ध का लंबा दौर अमेरिकी सेना के लिए भारी आर्थिक और सैन्य बोझ लेकर आएगा।

अमेरिकी सैन्य ठिकानों को ईरान ने बना रहा निशाना

मध्य पूर्व में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ईरान की ओर से लगातार हमले किए गए हैं। ईरान ने जॉर्डन, संयुक्त अरब अमीरात और खाड़ी के अन्य देशों में अमेरिकी रक्षा और संचार प्रणालियों को निशाना बनाया है। जॉर्डन में एक अमेरिकी हवाई अड्डे पर मौजूद टर्मिनल हाई एल्टीट्यूड एरिया डिफेंस (THAAD) सिस्टम के रडार को भारी नुकसान पहुंचाया गया है, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 485 मिलियन डॉलर है। सीएसआईएस की समीक्षा के अनुसार, कुवैत के अली अल-सलीम बेस, कतर का अल-उदीद और सऊदी अरब का प्रिंस सुल्तान बेस जैसे महत्वपूर्ण सैन्य स्थलों पर ईरान ने कई बार हमला किया है। सैटेलाइट तस्वीरों से भी स्पष्ट हुआ है कि इन स्थानों पर संघर्ष के विभिन्न चरणों में नए नुकसान हुए हैं।

रिपोर्ट : अमेरिका को हुआ 310 मिलियन डॉलर से अधिक का नुकसान

इन हमलों के चलते वाशिंगटन डीसी को भी अनुमानित 310 मिलियन डॉलर से अधिक का नुकसान उठाना पड़ा है, क्य कि अमेरिकी हवाई अड्डों और बुनियादी ढांचे को भी निशाना बनाया गया है। युद्ध के परिणामस्वरूप जान-माल का भारी नुकसान हुआ है। अब तक, अमेरिका ने अपने 13 सैन्य कर्मियों को खो दिया है। ‘ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज एजेंसी’ की रिपोर्ट के अनुसार, इस संघर्ष में मृतकों की संख्या लगभग 3,200 पहुंच चुकी है, जिनमें से करीब 1,400 नागरिक हैं। इस युद्ध का असर पूरे क्षेत्र पर पड़ा है, और इसकी कीमत बहुत भारी साबित हो रही है।

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