Iran Supreme Leader : ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई की मौत नहीं हुई, पूर्व जासूस ने बताया सच

Iran Supreme Leader Ali Khamenoi Alive : ईजराइल और अमेरिका का ईरान के साथ युद्ध अब बड़े स्तर पर पहुंच गया है। इस जंग में पूरा मिडिल ईस्ट पर तनाव बढ़ रहा है। न तो ईरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आगे झुकने को तैयार है और न ही अमेरिका जंग रोकने को तेयार हो रहा है। इस बीच एक सवाल, सभी के मन में उमड़ रहा है कि आखिर ईजराइल और अमेरिका जैसे शक्तिशाली देशों के सामने अकेला ईरान डटकर कैसे खड़ा है? क्या कोई शक्तिशाली देश ईरान के पीछे बड़े मददगार बनकर खड़े हैं? ईसी दौरान ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई के जिंदा होने की अटकलें भी शुरू हो गई हैं।

क्या ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई जिंदा है?

दरअसल, एक मार्च को इजराइली हमले में अली खामेनेई की हत्या होने की बात सार्वजनिक की गई थी। लेकिन, 8 दिन बीत जाने के बाद भी अभी तक अली खामेनेई को सुपुर्द-ए-खाक करने की कोई खबर ईरान से सामने नहीं आई और न ही अली खामेनेई के मृत शरीर की कोई तस्वीर सामने आई है। जिससे दुनिया में अली खामेनेई के जिंदा होने की चर्चा शुरू हो गई है। ईरान और इजराइल-अमेरिका के बीच हो रही जंग के बीच एक पूर्व भारतीय जासूस लकी बिष्ट ने आशंका जताई है कि ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत नहीं हुई है, वह जिंदा है और किसी सुरक्षित स्थान पर छिपे हैं।

लकी बिष्ट ने दावा किया है कि ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत की खबर सही नहीं हो सकती है। वह जिंदा हैं। अली खामेनेई कहां हैं, ये कुछ ही लोग जानते हैं। लकी बिष्ट ने अपने स्टेटमेंट में कहा है, “ईरान अकेले ये जंग नहीं लड़ रहा है। कोई तो है जो ईरान को गाईड कर रहा है।”

क्यों अली खामेनेई के जिंदा होने का हो रहा दावा?

पहला कारण- ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत की खबर सबसे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और फिर इजराइल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने दी थी। ट्रंप ने दावा किया था अली खामेनेई की मौत 28 फरवरी को ही इजराइली हमले में हो गई थी। मगर ईरान ने इसे नकार दिया था।

दूसरा कारण – महज, एक दिन बाद, 01 मार्च को ईरान अपने सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मौत की खबर की पुष्टि कर दी और ईरान में 40 दिनों का राजकीय शोक भी घोषित कर दिया।

तीसरा कारण – एक मार्च को ही ईरान ने बिना शोक मनाएं अली खामेनेई की मौत का बदला लेने की बात कहकर अमेरिका और ईजराइल के साथ-साथ पड़ोसी खाड़ी देशों पर मिसाइलें दागना शुरू कर दिया और जंग को बड़ा रूप दे दिया।

चौथा कारण – इस बीच ईरान ने न तो अपने दिवंगत सुप्रीम लीडर अली खामेनेई के पार्थिव शरीर को सुपुर्द-ए-खाक करने का कार्यक्रम रखा और न ही मीडिया के सामने उनके शव की कोई तस्वीर सार्वजनिक की।

पांचवा कारण – इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी दावा किया था कि अली खामेनेई की मौत के बाद उन्हें शव की तस्वीर दिखाकर पुष्टि की गई थी, लेकिन उन्होंने भी कोई तस्वीर सार्वजनिक नहीं की। यहां बता दें कि ट्रंप के दावे इससे पहले भी कई बार झूठे साबित हुए हैं।

छठा कारण – अली खामेनेई की मौत के 9 दिन बीत जाने के बाद भी ईरान ने अब तक कोई नया लीडर घोषित नहीं किया है।

ईरानी सेना को कौन दे रहा कमांड?

ऐसे में यह कहा जा सकता है कि अली खामेनेई की मौत को लेकर सार्वजनिक की गई खबर की वास्तविकता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। क्या ईरान अमेरिका और इजराइल को घुमराह कर रहा है? ईरान में 40 दिनों का शोक घोषित कर जंग के लिए इमरजेंसी लगाई गई हो। क्या ईरानी सेना खुद अली खामेनेई ही कमांड कर रहे हैं या कोई और देश इसमें बैकग्राउंड से गाईड कर रहे हैं? क्योंकि अगर खामेनेई मारे गए हैं तो बिना किसी सुप्रीम लीडर के ईरानी सेना को जंग को बढ़ावा देने के लिए और उकसा रहा है? ये माना जा सकता है कि दुश्मनों को धोखा देने के लिए ईरान ने गलत सूचना फैलाई हो, ताकि पड़ोसी देशों से सहानुभूति लेकर अमेरिका और इजराइली हमलों का सामना कर सके।

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