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Iran Israel War: LPG और कच्चे तेल को लेकर भारत सरकार का ताजा बयान!

Iran Israel War: ईरान-इजरायल युद्ध के कारण हॉर्मुज जलडमरूमध्य (होर्मुज स्ट्रेट) बंद होने की खबरों से विश्व भर में कच्चे तेल की सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ गई है, बावजूद इसके भारत में फिलहाल स्थिति उतनी गंभीर नहीं बताई जा रही है. सरकार के ताजा बयान की बात करें तो सरकार का कहना है कि क्रूड ऑयल की सप्लाई को बनाए रखने के लिए जरूरी कदम उठाए गए हैं. सरकार के अनुसार, अब भारत का करीब 70% कच्चा तेल का आयात हॉर्मुज के अलावा दूसरे समुद्री रास्तों से किया जा रहा है.

डिपार्टमेंट ऑफ ऑयल मार्केटिंग एंड रिफाइनरीज की जॉइंट सेक्रेटरी सुजाता शर्मा ने आज (12 मार्च) एक प्रेस ब्रीफिंग में बताया कि कच्चे तेल के मामले में भारत की स्थिति फिलहाल काफी आरामदायक है. उन्होंने कहा कि भारत दुनिया का चौथा सबसे बड़ा रिफाइनिंग देश है, इसलिए देश के पास क्रूड ऑयल को प्रोसेस करने और सप्लाई को मैनेज करने की मजबूत क्षमता है.

9 मार्च को सरकार ने आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत एक आदेश जारी किया था. इसके बाद देशभर में लगभग 1 लाख पेट्रोल और डीजल के रिटेल आउटलेट्स नॉर्मल रूप से काम कर रहे हैं और कहीं से भी ईंधन खत्म होने की कोई खबर नहीं मिली है. इसके अलावा इस आदेश के बाद देश में घरेलू उत्पादन भी बढ़ा है. पहले जहां उत्पादन करीब 25% था, वह बढ़कर 28% तक पहुंच गया है.

LPG को लेकर चिंताजनक स्थिति

गौरतलब है कि, LPG (रसोई गैस) को लेकर स्थिति थोड़ी चिंता वाली बनी हुई है. सुजाता के मुताबिक, भारत अपनी करीब 60% LPG जरूरत आयात से पूरी करता है और इसमें से लगभग 90% सप्लाई हॉर्मुज के रास्ते आती है. इसलिए अगर इस रास्ता पर लंबे समय तक असर पड़ता है, तो LPG सप्लाई पर दबाव आ सकता है.

सरकार की अपील घबराकर LPG बुकिंग न करें

आपको अहम बात बताएं कि, सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे घबराकर LPG सिलेंडर की ज्यादा बुकिंग न करें. सुजाता ने बताया कि देश में रिफाइनिंग क्षमता बढ़ा दी गई है और ईंधन की सप्लाई को बनाए रखने के लिए लगातार कदम उठाए जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि जहां संभव हो, ईंधन की बचत करने की भी कोशिश की जा रही है.

LPG के विकल्प?

सरकार ने LPG के विकल्प के रूप में राज्यों को अतिरिक्त 40,000 किलोलीटर केरोसीन आवंटित किया है. इसके अलावा पर्यावरण मंत्रालय ने बायोमास के इस्तेमाल की सलाह दी है. सरकार अगले एक महीने तक केरोसीन और कोयले को भी वैकल्पिक ईंधन के रूप में इस्तेमाल करने के विकल्प पर विचार कर रही है.

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