रीवा जिले के बिछिया थाना क्षेत्र में एटीएम कार्ड फंसाकर और मदद का झांसा देकर बैंक खातों से बड़ी रकम उड़ाने वाले एक शातिर ठग गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। इस मामले में पुलिस ने बिहार और झारखंड से संलिप्त पांच आरोपियों को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। आरोपियों के कब्जे से ठगी के 4 लाख रुपए नकद, एक लैपटॉप, पांच मोबाइल फोन, एक पीओएस मशीन, तीन सिम कार्ड और तीस फोन-पे स्कैनर बरामद किए गए हैं। सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से जेल वारंट मिलने पर उन्हें केंद्रीय जेल रीवा भेज दिया गया है।
मदद के बहाने दिया वारदात को अंजाम
पुलिस के मुताबिक, यह पूरी घटना 24 अगस्त की सुबह करीब 8.41 से 8.52 बजे के बीच एसएएफ चौराहा स्थित एसबीआई एटीएम में हुई। टीआरएस कॉलेज में शिक्षिका कल्पना त्रिपाठी का केनरा बैंक खाता है, जिनका एटीएम कार्ड लेकर उनके पति मुकेश मिश्रा पैसे निकालने गए थे। उन्होंने जैसे ही मशीन में कार्ड डालकर पिन दर्ज किया, स्क्रीन पर कैश डिस्पेंस का मैसेज तो आया लेकिन कार्ड मशीन के अंदर ही फंस गया। इसी दौरान वहां मौजूद शातिर ठगों ने मदद का नाटक करते हुए उनका पिन देख लिया। जब मुकेश अपनी पत्नी का फोन आने पर थोड़ी दूर गए, तो इसका फायदा उठाकर आरोपियों ने अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए खाते से कुल 5.40 लाख रुपए पार कर दिए।
साइबर सेल की मदद से बिहार-झारखंड तक पहुंची पुलिस
खाते से लगातार पैसे कटने के मैसेज आने पर पीड़ित परिवार ने तुरंत बैंक मैनेजर और साइबर हेल्पलाइन पर इसकी शिकायत दर्ज कराई। मामले की गंभीरता को देखते हुए बिछिया पुलिस ने बैंक डिटेल और साइबर सेल की मदद से तकनीकी जांच शुरू की। पुलिस ने मोबाइल टावर लोकेशन और अन्य डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की सुरागकशी की और एक विशेष टीम बिहार व झारखंड रवाना की। पुलिस ने दबिश देकर गया (बिहार) निवासी अभिषेक कुमार गुप्ता, इमरान अंसारी, कार्यानंद सरस्वती और कोडरमा (झारखंड) निवासी मोहम्मद फैज अंसारी व अभिमन्यु कुमार वर्मा को धर दबोचा। पूछताछ में आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है।

