International Mountain Day : पर्वत संरक्षण जागरूकता का महत्वपूर्ण दिन-11 दिसंबर का दिन वैश्विक स्तर पर दो महत्वपूर्ण संदेश लेकर आता है पर्वत संरक्षण और बच्चों के भविष्य की सुरक्षा। संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित अंतर्राष्ट्रीय पर्वत दिवस (International Mountain Day) का उद्देश्य पहाड़ों की जैव विविधता, जल-स्रोतों और पहाड़ी समुदायों के महत्व को उजागर करना है। वहीं इसी दिन को यूनिसेफ परिवर्तन दिवस के रूप में भी जाना जाता है, जो दुनिया भर के बच्चों के अधिकारों और उनके उज्ज्वल भविष्य की दिशा में किए जाने वाले प्रयासों की याद दिलाता है। यह दिन हमें बताता है कि पृथ्वी के प्राकृतिक संसाधनों और आने वाली पीढ़ियों दोनों की रक्षा हमारी जिम्मेदारी है।11 दिसंबर को अंतर्राष्ट्रीय पर्वत दिवस मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य पर्वतों के संरक्षण और सतत विकास के बारे में जागरूकता बढ़ाना है। इसी दिन यूनिसेफ परिवर्तन दिवस भी बच्चों के अधिकारों और उनके बेहतर भविष्य के लिए समर्पित माना जाता है। जानें महत्व, उद्देश्य, इतिहास और 2025 की थीम।
अंतर्राष्ट्रीय पर्वत दिवस (International Mountain Day) – 11 दिसंबर
पर्वतीय क्षेत्रों की पारिस्थितिकी और जैव विविधता के बारे में जागरूकता बढ़ाना। जलवायु परिवर्तन, ग्लेशियर पिघलने और मानवीय गतिविधियों से हो रहे खतरे पर ध्यान आकर्षित करना। पहाड़ी समुदायों के सतत विकास (Sustainable Development) को बढ़ावा देना।मीठे पानी के संरक्षण और पर्वतीय संसाधनों के महत्व को समझाना।
पर्वत क्यों महत्वपूर्ण हैं ?
दुनिया की 15% से अधिक आबादी पहाड़ों पर निर्भर है,विश्व के मीठे पानी का 60% से अधिक हिस्सा पर्वतीय ग्लेशियरों से आता है। पहाड़ जैव विविधता के हॉटस्पॉट हैं दुर्लभ पौधे, औषधियाँ और अनोखे जीव यहां पाए जाते हैं। पर्यटन, खेती, पशुपालन और प्राकृतिक संसाधनों के आधार पर लाखों लोगों का जीवन पर्वतों से जुड़ा है।
इतिहास और शुरुआत (History)
- 2002 को संयुक्त राष्ट्र ने ‘अंतर्राष्ट्रीय पर्वत वर्ष’ घोषित किया था।
- इसके बाद 2003 से प्रत्येक वर्ष 11 दिसंबर को अंतर्राष्ट्रीय पर्वत दिवस मनाया जाने लगा।
- इसका उद्देश्य पर्वतीय पारिस्थितिकी तंत्र की रक्षा करना और देशों को मिलकर कार्रवाई करने के लिए प्रेरित करना है।
थीम 2025
“ग्लेशियर हमारे लिए मायने रखते हैं” (Glaciers Matter for Our Future)
यह थीम ग्लेशियरों के तेज़ी से पिघलने, जल संकट, पर्वतीय आपदाओं और जलवायु परिवर्तन से होने वाले वैश्विक प्रभावों पर ध्यान केंद्रित करती है। यह बताती है कि ग्लेशियर केवल पहाड़ों के लिए नहीं, बल्कि पूरी मानवता के अस्तित्व के लिए महत्वपूर्ण हैं।
यूनिसेफ (UNICEF) व 11 दिसंबर : बच्चों के लिए परिवर्तन का संदेश
यूनिसेफ परिवर्तन दिवस क्या है ?
11 दिसंबर को कई देशों में UNICEF Day for Change के रूप में भी जाना जाता है। हालाँकि यह संयुक्त राष्ट्र का आधिकारिक अंतर्राष्ट्रीय दिवस नहीं है, लेकिन इसे बच्चों की सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य और अधिकारों की ओर वैश्विक जागरूकता बढ़ाने के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है।
यूनिसेफ परिवर्तन दिवस क्या है ? उद्देश्य
- ज़रूरतमंद और कमजोर बच्चों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना।
- उनके बेहतर भविष्य के लिए वैश्विक समुदाय को दान, सहयोग और जागरूकता के लिए प्रेरित करना।
- शिक्षा, टीकाकरण, पोषण, आपातकालीन सहायता और सुरक्षा जैसे मुद्दों पर कार्य को बढ़ावा देना।
यूनिसेफ दुनिया भर में क्या काम करता है ?- बच्चों के लिए पोषण और भोजन की व्यवस्था
- स्वच्छ पेयजल और स्वच्छता संबंधित सहायता
- शिक्षा, विशेषकर लड़कियों की शिक्षा का विस्तार
- स्वास्थ्य सेवाएं और टीकाकरण
- युद्ध, आपदा और संकट से प्रभावित बच्चों की राहत और सुरक्षा
- मानवाधिकारों और बाल अधिकारों के लिए नीति स्तर पर काम
निष्कर्ष – 11 दिसंबर का दिन हमें प्रकृति और मानवता दोनों के प्रति हमारी जिम्मेदारी की याद दिलाता है। अंतर्राष्ट्रीय पर्वत दिवस हमें यह समझाता है कि यदि हम पहाड़ों-ग्लेशियर, जंगल, जल स्रोत और वहाँ रहने वाले समुदायों-की रक्षा नहीं करेंगे, तो आने वाली पीढ़ियाँ गंभीर संकटों का सामना करेंगी। वहीं यूनिसेफ परिवर्तन दिवस बताता है कि सुरक्षित, शिक्षित और स्वस्थ बच्चे किसी भी समाज की सबसे बड़ी संपत्ति हैं। इसलिए, यह दिन हमें प्रेरित करता है कि हम पहाड़ों को भी बचाएं और बच्चों के भविष्य को भी।
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