Budget 2026 : आगामी 1 फरवरी 2026 को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए जाने वाले संघीय बजट से देश के उद्योग जगत ने बड़ी उम्मीदें लगा रखी हैं। फिक्की (FICCI) के हालिया सर्वे के अनुसार, लगभग 100 कंपनियों ने स्पष्ट किया है कि वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भारत को ‘रोजगार सृजन’ और ‘निर्यात’ को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता बनाना चाहिए।
- वित्तीय अनुशासन और घाटा
कंपनियों ने सरकार को वित्तीय अनुशासन बनाए रखने की सलाह दी है। लगभग 42% प्रतिभागियों को उम्मीद है कि सरकार वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 4.4% का राजकोषीय घाटा (Fiscal Deficit) लक्ष्य हासिल कर लेगी। इसके साथ ही MSME और मैन्युफैक्चरिंग को इस बजट में ‘ग्रोथ इंजन’ के रूप में देखा जा रहा है। - विकास दर पर अटूट भरोसा
सर्वे के दौरान लगभग 80% प्रतिभागियों ने भारत की विकास संभावनाओं को लेकर भारी उत्साह दिखाया है। आधे से अधिक प्रतिभागियों का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2026-27 में भारत की GDP वृद्धि दर 7-8 प्रतिशत के मजबूत दायरे में रहेगी। यह आंकड़ा दर्शाता है कि घरेलू बाजार में मांग और निवेश का माहौल सकारात्मक बना हुआ है। - निर्यात: वैश्विक चुनौतियों से निपटने की तैयारी
दुनिया भर में बढ़ते व्यापार संघर्ष और ‘कार्बन बॉर्डर एडजस्टमेंट मैकेनिज्म’ (CBAM) जैसे कड़े नियमों को देखते हुए उद्योग जगत ने निर्यात सुरक्षा की मांग की है।
सुझाव: कस्टम प्रक्रियाओं को सरल बनाना और लॉजिस्टिक्स बाधाओं को दूर करना।
RoDTEP स्कीम: निर्यातकों ने मांग की है कि निर्यातित उत्पादों पर कर छूट (RoDTEP) के लिए बजट आवंटन बढ़ाया जाए ताकि वैश्विक बाजार में भारतीय उत्पाद प्रतिस्पर्धी बने रहें। - रोजगार और इन्फ्रास्ट्रक्चर: विकास के दो स्तंभ
सर्वे के अनुसार, बजट की तीन सबसे बड़ी मैक्रो-इकोनॉमिक प्राथमिकताएं होनी चाहिए:
रोजगार के नए अवसर पैदा करना।
इन्फ्रास्ट्रक्चर (बुनियादी ढांचे) पर निवेश जारी रखना।
निर्यात को मजबूत समर्थन देना। - रक्षा और MSME क्षेत्र के लिए खास मांग
उद्योग जगत ने रक्षा विनिर्माण में आत्मनिर्भरता पर जोर देते हुए सिफारिश की है कि:
रक्षा आवंटन में पूंजीगत हिस्से को 30% तक बढ़ाया जाए।
ड्रोन PLI योजना के लिए 1,000 करोड़ रुपये का प्रावधान हो।
एक समर्पित ड्रोन R&D फंड की स्थापना की जाए।
