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रीवा संभाग में उद्योगों को मिलेगी नई रफ्तार: कमिश्नर ने उद्योगपतियों के साथ बैठक में समस्याओं के तुरंत समाधान का दिया भरोसा

Industries in Rewa division to gain new momentum.Industries in Rewa division to gain new momentum.

Industries in Rewa division to gain new momentum.

रीवा: रीवा संभाग के सभी जिलों को औद्योगिक क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ाने और क्षेत्र में निवेश को प्रोत्साहन देने के लिए संभागायुक्त शीलेंद्र सिंह की अध्यक्षता में एमपीआईडीसी (औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग) की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक के दौरान कमिश्नर ने संभाग भर से आए उद्योगपतियों और निवेशकों से ‘वन-टू-वन’ चर्चा कर उनकी व्यावहारिक समस्याओं को समझा। कमिश्नर ने स्पष्ट किया कि जिला प्रशासन निवेशकों को हर संभव सहयोग और सकारात्मक माहौल देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि संभाग में उद्योगों के विस्तार से स्थानीय युवाओं का पलायन रुकेगा और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। युवाओं को स्थानीय उद्योगों की मांग के अनुसार आईटीआई (ITI) में विशेष प्रशिक्षण भी दिलाया जाएगा।

करोड़ों का निवेश और हजारों नौकरियों की संभावनाएं
बैठक में एमपीआईडीसी के क्षेत्रीय प्रबंधक यू.के. तिवारी ने रीवा संभाग के औद्योगिक परिदृश्य की रिपोर्ट प्रस्तुत की। वर्तमान में संभाग में 44 बड़ी औद्योगिक इकाइयां स्थापित हैं, जिनमें ₹41,981.87 करोड़ का पूंजी निवेश हुआ है और 33,203 लोगों को रोजगार मिला हुआ है। इसके अलावा 276 सूक्ष्म, लघु और मध्यम (MSME) इकाइयां कार्यरत हैं। आने वाले वर्षों में रीवा आईटी पार्क में ₹2,000 करोड़, बगहा, शिवसागर और नयागांव में ₹10,000 करोड़, सिंगरौली में ₹22,000 करोड़ तथा मैहर, मऊगंज व सीधी में ₹3-3 हजार करोड़ के निवेश संभावित हैं। साथ ही, मेसर्स अडानी ग्रुप द्वारा ₹28,000 करोड़ की लागत से पावर प्लांट और रॉक स्टोन डेवलपर्स द्वारा ₹5,180 करोड़ के स्पंज आयरन प्रोजेक्ट पर काम प्रस्तावित है।

निवेशकों ने उठाई बिजली, सड़क और भूमि अतिक्रमण की समस्याएं
चर्चा के दौरान रीवा, सतना, सिंगरौली और मैहर से आए उद्योगपतियों ने अपनी समस्याओं को प्रमुखता से रखा। राइस मिलर्स और चैंबर ऑफ कॉमर्स ने बार-बार बिजली ट्रिपिंग से हो रहे नुकसान की शिकायत की। एनटीपीसी विंध्याचल के प्रतिनिधियों ने सिंगरौली में खस्ताहाल रोड कनेक्टिविटी का मुद्दा उठाया। कुछ निवेशकों ने आवंटित जमीनों पर अवैध कब्जे और पानी की किल्लत की बात कही, तो टिंबर मर्चेंट एसोसिएशन ने सतना में शहर से बाहर आरा मिलों के लिए भूमि आवंटन की मांग की।

कमिश्नर का कड़ा रुख: अतिक्रमण हटेगा, खाली पड़ी जमीनों का आवंटन होगा निरस्त
उद्योगपतियों की समस्याएं सुनने के बाद संभागायुक्त ने अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने आश्वासन दिया कि आवंटित जमीनों से एक सप्ताह के भीतर अतिक्रमण हटाया जाएगा और बिजली-पानी से जुड़ी दिक्कतों का प्राथमिकता से समाधान होगा। इसके साथ ही कमिश्नर ने कड़ा निर्देश दिया कि जिन निवेशकों को उद्योग लगाने के लिए जमीनें आवंटित की गई हैं और वे उनका उपयोग नहीं कर रहे हैं, उनका आवंटन निरस्त कर नए इच्छुक उद्योगपतियों को भूमि दी जाएगी। बैठक में अडानी ग्रुप, अल्ट्राटेक, मैहर सीमेंट, हिंडालको, डालमिया सीमेंट सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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