MP: इंदौर में दूषित पानी का कहर, मेयर ने 7 मौतों की पुष्टि की, 111 मरीज अस्पताल में भर्ती

Patients admitted in Indore hospital during contaminated water crisis affecting public health

Indore Contaminated Water: इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी पीने से अब तक कई लोगों की मौत की खबरें हैं। स्थानीय निवासियों और कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार 7 से 8 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि प्रशासन ने आधिकारिक तौर पर 3 मौतों की पुष्टि की है। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने 2703 घरों का सर्वे किया है, जिसमें करीब 12,000 लोगों की जांच की गई और हल्के लक्षण वाले 1,146 मरीजों को मौके पर प्राथमिक उपचार दिया गया। क्षेत्र में डॉक्टरों की बड़ी टीम तैनात है, जो घर-घर जाकर लोगों का इलाज कर रही है। साथ ही, गंभीर मरीजों को अस्पतालों में भर्ती किया गया है।

Indore Contaminated Water: देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी पीने से बड़ा हादसा हुआ है। मेयर पुष्यमित्र भार्गव ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि अब तक 7 लोगों की मौत हो चुकी है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग ने आधिकारिक तौर पर 3 मौतों की पुष्टि की है।

मौतों का आंकड़ा बढ़ सकता है

भागीरथपुरा में दूषित पानी से उल्टी, दस्त और पेट दर्द की शिकायत के बाद लोग बीमार पड़े। मृतकों में नंदराम (70), उर्मिला (60) और ताराबाई कोरी (70) शामिल हैं। सूत्रों के अनुसार सबसे पहले 26 दिसंबर को गोमती रावत की मौत हुई थी। कई मरीजों की हालत गंभीर है, इसलिए मौतों का आंकड़ा बढ़ सकता है।

अस्पतालों में भर्ती मरीज

दूषित पानी से प्रभावित 111 मरीज अभी इंदौर के विभिन्न अस्पतालों में भर्ती हैं। इनमें वर्मा अस्पताल में 30, ईएसआईसी अस्पताल में 11, एमवाई अस्पताल में 5, त्रिवेणी अस्पताल में 7 और अरविंदो अस्पताल में 2 मरीज शामिल हैं। शेष मरीज अन्य अस्पतालों में इलाज करा रहे हैं। राहत की बात यह है कि 18 मरीज ठीक होकर अपने घर लौट चुके हैं।

प्रशासन का सर्वे और राहत कार्य

प्रशासन ने भागीरथपुरा क्षेत्र में 2703 घरों का सर्वे पूरा कर लिया है, जिसमें करीब 12,000 लोगों की स्वास्थ्य जांच की गई। इनमें से 1146 लोगों को मौके पर ही प्राथमिक उपचार प्रदान किया गया। सर्वे का काम अभी भी जारी है।क्षेत्र में राहत कार्यों के लिए 4 एंबुलेंस, 14 डॉक्टर, 24 एमपीडब्ल्यू तथा पैरामेडिकल स्टाफ और एमवाई अस्पताल की कम्युनिटी मेडिसिन टीम तैनात की गई है। सभी प्रभावित मरीजों का इलाज मुफ्त किया जा रहा है। दूषित पानी की वजह पाइपलाइन में लीकेज बताई जा रही है, जिसकी जांच चल रही है।

लापरवाही पर कार्रवाई

लापरवाही बरतने वाले तीन अधिकारियों पर कार्रवाई की गई। दो को निलंबित किया गया और एक की सेवाएं समाप्त की गईं। सरकार ने सभी जरूरी कदम उठाने का आश्वासन दिया है।प्रशासन ने लोगों से पानी उबालकर पीने की अपील की है।

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