Indore Contaminated Water Deaths: इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी से मचने वाला कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब तक 14 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 162 लोग अस्पताल में भर्ती हैं। (Indore Contaminated Water 14 Deaths 162 Hospitalized) दूषित पानी पाइपलाइन लीकेज से सीवेज मिक्स होने से आया, जिसकी शिकायतें महीनों से की जा रही थीं, लेकिन नगर निगम और अफसरों ने अनदेखी की। (Indore Pipeline Leak Sewage Contamination Negligence) अस्पतालों में मरीजों की भीड़ है, कई की हालत गंभीर बनी हुई है।
CM मोहन यादव ने जांच कमिटी बनाई और अफसरों को सस्पेंड किया, लेकिन पीड़ित परिवारों का गुस्सा फूट पड़ा है। (CM Mohan Yadav Action Indore Water Crisis) सबसे स्वच्छ शहर का तमगा अब दागदार लग रहा है।
मौतों का सिलसिला: 14वीं मौत, 162 भर्ती
Indore Water Deaths Toll: भागीरथपुरा में दूषित पानी से मौतों का सिलसिला जारी है। अब तक 14 लोगों की जान जा चुकी है। (Indore Contaminated Water Deaths Update) 162 लोग अस्पताल में भर्ती हैं, जिनमें से कई की हालत गंभीर है। लक्षण – तेज बुखार, उल्टी, दस्त, पेट दर्द। पहले 8 मौतें रिपोर्ट हुई थीं, अब संख्या 14 हो गई।
लापरवाही की वजह: पाइपलाइन लीकेज और शिकायतें दबाई गईं
पाइपलाइन में लीकेज से ड्रेनेज का पानी मिक्स हो रहा था। शिकायतें CM हेल्पलाइन और नगर निगम ऐप पर की गईं, लेकिन इग्नोर कर दी गईं। नई पाइपलाइन का टेंडर महीनों पहले हो चुका था, लेकिन काम शुरू नहीं हुआ। मौतें होने के बाद एक्शन लिया गया।
CM मोहन यादव ने अफसरों को सस्पेंड किया और जांच कमिटी गठित की। मृतकों के परिवारों को मुआवजा और घायलों को मुफ्त इलाज का ऐलान। अब टैंकर से पानी सप्लाई, क्लोरीन टैबलेट और ORS बांटे जा रहे हैं।

