Indore Contaminated Water: इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी पीने से अब तक 10 से 15 लोगों की मौत हो चुकी है और 1,400 से अधिक लोग बीमार पड़ चुके हैं। लैब रिपोर्ट में पेयजल में बैक्टीरियल कंटामिनेशन की पुष्टि हुई है, जिसके कारण मुख्य पाइपलाइन में लीकेज से सीवेज का पानी मिल गया। इस घटना की जांच जारी है।
Indore Contaminated Water: देश के सबसे स्वच्छ शहर के रूप में मशहूर इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पेयजल की सप्लाई से बड़ा संकट खड़ा हो गया है। पाइपलाइन लीकेज के कारण सीवेज का पानी पीने के जल में मिलने से अब तक 15 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 100 से अधिक लोग अस्पताल में भर्ती हैं। कई अन्य लोग उल्टी-दस्त और डायरिया जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं। इस घटना ने पूरे शहर में हड़कंप मचा दिया है।
राज्य सरकार ने गठित की उच्च स्तरीय जांच टीम
घटना की गंभीरता को देखते हुए मध्य प्रदेश सरकार ने तत्काल कार्रवाई की है। उच्च स्तरीय जांच टीम का गठन किया गया है, जो मौतों के सटीक कारणों की पड़ताल करेगी। लैब रिपोर्ट में पानी में खतरनाक बैक्टीरिया की पुष्टि हुई है, जिससे स्वास्थ्य विभाग भी अलर्ट मोड में है।
सीएम मोहन यादव की सख्त कार्रवाई और सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर के दूषित पेयजल प्रकरण को बेहद गंभीरता से लेते हुए मुख्य सचिव और अन्य अधिकारियों के साथ बैठक में कार्रवाई की समीक्षा की तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। अपर मुख्य सचिव (नगरीय प्रशासन एवं विकास) की रिपोर्ट पर चर्चा के बाद उन्होंने इंदौर नगर निगम आयुक्त एवं अपर आयुक्त को कारण बताओ नोटिस जारी करने, अपर आयुक्त को तत्काल इंदौर से हटाने, प्रभारी अधीक्षण यंत्री से जल वितरण विभाग का प्रभार वापस लेने तथा नगर निगम में रिक्त पदों पर तत्काल भर्ती करने के निर्देश जारी किए। सीएम यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर इसकी जानकारी साझा की और लापरवाही पर सख्त रुख अपनाने का संकेत दिया।
आकाश विजयवर्गीय ने जताई बड़ी साजिश की आशंका
पूर्व विधायक और भाजपा नेता आकाश विजयवर्गीय ने घटना पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा कि इतनी मौतों का असली कारण क्या है। केवल दूषित पानी से इतनी बड़ी संख्या में मौतें होना संभव नहीं लगता और इसके पीछे किसी बड़ी साजिश की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
पार्षद ने भी साजिश की संभावना जताई
क्षेत्रीय पार्षद कमल वाघेला ने भी घटना के पीछे साजिश होने की बात कही। उन्होंने कहा कि पूरी जांच के बाद ही सच्चाई सामने आएगी और कारण स्पष्ट होंगे। उन्होंने प्रशासन से शिकायतों को पहले ही गंभीरता से लेने की मांग की।
डॉक्टर की राय: बैक्टीरिया से सीधी मौत मुश्किल
क्षेत्र के संजीवनी क्लीनिक के डॉ. जितेंद्र सिलावट ने बताया कि पानी में मौजूद बैक्टीरिया आमतौर पर इतने घातक नहीं होते कि सीधे मौत का कारण बनें। उल्टी, दस्त और निर्जलीकरण से अन्य जटिलताएं पैदा हो सकती हैं, जो जानलेवा साबित हो सकती हैं। लेकिन गंदगी वाले बैक्टीरिया अकेले मौत का मुख्य कारण नहीं बनते।
जांच रिपोर्ट का इंतजार, प्रशासन पूरी तरह सक्रिय
विभिन्न स्तरों पर जांच जारी है। सरकार और प्रशासन की टीमों की रिपोर्ट आने के बाद मौतों के पीछे के सटीक कारणों पर स्थिति और स्पष्ट होगी। फिलहाल प्रभावित इलाके में टैंकरों से पानी की सप्लाई की जा रही है और मरीजों का मुफ्त इलाज सुनिश्चित किया गया है। शहरवासियों से अपील की गई है कि नल का पानी उबालकर या फिल्टर करके ही पिएं।
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