Indigo Flight Cancel : देश की सबसे बड़ी एयरलाइन, इंडिगो, का हालात इस वक्त बिल्कुल खराब है। इसके पास 70% से ज्यादा मार्केट शेयर, 434 एयरक्राफ्ट, और रोजाना 2300 से ज्यादा उड़ानें हैं। फिर भी, पिछले 96 घंटों से लगातार फ्लाइट्स कैंसल हो रही हैं, घंटों देरी हो रही है, और एयरपोर्ट्स पर कोहराम मचा हुआ है। सवाल सिर्फ इतना है कि आखिर हो क्या रहा है इंडिगो के साथ? दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद और अहमदाबाद- ये देश के टॉप 5 एयरपोर्ट्स इस वक़्त जंग के मैदान जैसे दिख रहे हैं। यात्रियों की लंबी कतारें, जमीन पर सोते हुए लोग, बच्चे भूखे-प्यासे रो रहे हैं, बुजुर्ग बीमार पड़ रहे हैं। यह क्रिसमस और न्यू ईयर का पीक सीजन है, जिसे इंडस्ट्री में ‘गोल्डन पीरियड’ कहा जाता है, लेकिन इस समय इंडिगो के लिए यह ‘ब्लैक पीरियड’ बन चुका है।
इंडिगो की उड़ान पर मडरा रहा संकट
देश की बड़ी एयरलाइन कंपनी इंडिगो इस वक्त गंभीर संकट से गुजर रही है। इंडिगो एयरलाइंस के लिए वर्तमान में स्थिति चिंताजनक बनी हुई है, क्योंकि देशभर में साढ़े 500 से अधिक उड़ानें रद्द कर दी गई हैं। एयरलाइन कंपनी की यह अचानक की गई उड़ान रद्दीकरण की कार्रवाई यात्रियों के बीच निराशा और असंतोष का कारण बन गई है। खासतौर पर दिल्ली में, जहां करीब 200 फ्लाइट्स को कैंसिल किया गया है, इससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसका सीधा असर यात्रियों पर पड़ रहा है, जो लगातार उड़ानें रद्द होने और देरी की समस्या का सामना कर रहे हैं। पिछले कुछ दिनों में हालात इतने बिगड़ गए हैं कि देश के 8 एयरपोर्ट्स पर 100 से ज्यादा फ्लाइट्स रद्द करनी पड़ीं। इससे हजारों यात्री फंस गए हैं, उनकी यात्रा पूरी तरह प्रभावित हो रही है। साथ ही, इन उड़ानों में देरी और रद्दीकरण का असर हवाई किराए पर भी दिख रहा है। कई प्रमुख रूट्स पर टिकटों की कीमतें अचानक कई गुना बढ़ गई हैं, जिससे यात्रियों की जेब पर और भी बोझ बढ़ गया है।
इंड़िगों की उड़ानें क्यों हो रही रद्द?
इन दिनों बड़ी संख्या में यात्री क्रिसमस और नए साल की छुट्टियां मनाने के लिए यात्रा कर रहे हैं। इंडिगो का देश में सबसे बड़ा एयरक्राफ्ट बेड़ा है- 434 विमान, और रोजाना 2300 से अधिक उड़ानें। घरेलू उड़ानों में इसका हिस्सा 60 प्रतिशत से ज्यादा है। कंपनी के पास 5456 पायलट, 10,212 केबिन क्रू और कुल 41 हजार से अधिक कर्मचारी हैं। बावजूद इसके, कंपनी को क्रू की भारी कमी का सामना करना पड़ रहा है। सबसे ज्यादा असर बड़े शहरों में नजर आया है। बेंगलुरु में 42 फ्लाइट्स रद्द हुईं, दिल्ली में 38, अहमदाबाद में 25, हैदराबाद में 19, इंदौर में 11 और कोलकाता में 10 उड़ानें नहीं उड़ सकीं। इन सात शहरों में ही कुल 150 से ज्यादा उड़ानें रद्द हो गईं, जिससे यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। बीते दो दिनों में कंपनी की 200 से ज्यादा उड़ानें रद्द हो चुकी हैं, और सैकड़ों उड़ानें घंटों देरी से आ-जा रही हैं।
दिल्ली एयरपोर्ट पर यात्रियों की लंबी कतारें
गुरुवार को दिल्ली एयरपोर्ट पर यात्रियों की लंबी कतारें देखी गईं। कई लोग घंटों अपने फ्लाइट का इंतजार करते रहे। सोशल मीडिया पर भी वीडियो वायरल हुए, जिनमें यात्रियों की परेशानियां साफ देखी जा सकती हैं- एयरलाइन स्टाफ से बहस, असहज स्थिति, और खफा यात्रियों का गुस्सा। अब सवाल उठता है कि उड़ानों में देरी और रद्दीकरण के पीछे आखिर क्या वजहें हैं? तकनीकी खामियां तो बताई जा रही हैं, लेकिन कई मामलों में यात्रियों को कोई स्पष्ट कारण भी नहीं बताया गया है। एयरलाइन पायलट्स एसोसिएशन का आरोप है कि इंडिगो की सबसे बड़ी समस्या है-पायलटों की भारी कमी। उनका कहना है कि कंपनी इसे छुपाने की कोशिश कर रही है, और इसी वजह से डिले और कैंसिलेशन हो रहे हैं। साथ ही, आरोप है कि कंपनी इस संकट का इस्तेमाल फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिट में छूट पाने के लिए भी कर रही है। माना जा रहा है कि कंपनी इस स्थिति का लाभ उठाकर सरकार से FDTL नियमों में ढील चाह रही है।
एयर टिकटों की कीमतों पर भी पड़ा असर
इंडिगो की फ्लाइटों के रद्द होने का असर एयर टिकट कीमतों पर भी पड़ा है। कई रूट्स पर टिकटों की कीमतें अचानक आसमान छूने लगी हैं। दिल्ली-मुंबई रूट पर, जहां सामान्य दिनों में टिकट 4,000 से 5,000 रुपये के बीच मिलते थे, अब वह 21,000 से 25,000 रुपये तक पहुंच गए हैं। यानी, टिकट की कीमतें पांच गुना तक बढ़ चुकी हैं, जो यात्रियों की परेशानियों को और बढ़ा रही हैं। इंडिगो ने इन भारी संख्या में उड़ान रद्द होने के बाद माफी मांगी है। कंपनी ने कहा है कि वे आने वाले 48 घंटों में हालात को सामान्य बनाने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। बयान में कहा गया है, ‘हम मानते हैं कि पिछले दो दिनों में हमारा नेटवर्क बुरी तरह प्रभावित हुआ है। हम यात्रियों से हुई परेशानी के लिए खेद प्रकट करते हैं।’ कंपनी ने यह भी बताया कि वे तकनीकी गड़बड़ियों, खराब मौसम, भीड़भाड़ और डीजीसीए के FDTL नियमों को जिम्मेदार मानते हैं।
यात्रियों को टिकट कैंसिल के बाद रिफंड का इंतजार
इंडिगो ने अपनी उड़ानों को रद्द करने का कारण कंपनी की तकनीकी खामियों, कर्मचारियों की हड़ताल, या मौसम की खराबी जैसी विभिन्न संभावित वजहें बताई हैं। हालांकि, यात्रियों का कहना है कि इससे उनकी यात्रा योजनाएं अस्त-व्यस्त हो गई हैं और उन्हें अपने गंतव्य तक पहुंचने में देरी हो रही है। कई यात्रियों ने सोशल मीडिया और मीडिया के माध्यम से अपनी नाराजगी जाहिर की है, क्योंकि उन्हें लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ रहा है और अतिरिक्त चार्ज भी देना पड़ रहा है। दिल्ली एयरपोर्ट पर, करीब 200 फ्लाइट्स के रद्द होने से हजारों यात्री प्रभावित हुए हैं। बहुत से यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करनी पड़ रही है। कुछ यात्रियों को अपने टिकट रिफंड का इंतजार है, तो वहीं कई को नई टिकट बुक करने में दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। जिन यात्रियों का कार्यक्रम फंस गया है, वे एयरलाइन कंपनी के कस्टमर सर्विस से भी कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं।
क्या कहा इंडिगो ने?
इंडिगो ने बयान में बताया है कि उड़ान रद्दीकरण का कारण तकनीकी खराबी और कर्मचारियों की हड़ताल है। कंपनी ने यात्रियों से माफी मांगी है और कहा है कि वे जल्द से जल्द स्थिति सामान्य करने का प्रयास कर रहे हैं। साथ ही, यात्रियों को रिफंड और नए टिकट की व्यवस्था के लिए उचित सहायता दी जा रही है। यह स्थिति एयरलाइन की व्यवस्थाओं और तकनीकी स्वास्थ्य पर सवाल खड़े कर रही है। यात्रियों का सवाल है कि इतनी बड़ी संख्या में उड़ानें रद्द क्यों की गईं और इससे पहले से ही बढ़ी हुई यात्रियों की समस्या का समाधान क्यों नहीं किया गया। सरकार और संबंधित प्रशासन से भी यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित करने की मांग उठ रही है।
इंडिगो के इस संकट से न केवल यात्रियों का भरोसा डगमगा रहा है, बल्कि वायु सेवा क्षेत्र की विश्वसनीयता पर भी सवाल उठ रहे हैं। जरूरी है कि एयरलाइन कंपनी जल्द ही इन समस्याओं का समाधान निकाले ताकि यात्रियों को बेहतर सेवा मिल सके और उनका भरोसा फिर से स्थापित हो सके।
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