IndiGo Flight Cancellations Reason: भारत की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो ने गुरुवार को 550 से ज्यादा फ्लाइट्स कैंसल कर दीं, वजह – पायलट और क्रू मेंबर्स की भारी कमी। (IndiGo Flight Cancellations 2025) दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु जैसे बड़े एयरपोर्ट्स पर सैकड़ों पैसेंजर्स रातभर फंस गए, झगड़े हुए, चीखें गूंजीं। DGCA के नए FDTL (फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन) नियमों ने एयरलाइंस को पांवों तले जमीन खिसका दी – ज्यादा रेस्ट टाइम और कम फ्लाइंग आवर्स से स्टाफ शॉर्टेज हो गया। सिविल एविएशन मिनिस्टर राम मोहन नायडू ने मीटिंग में एयरलाइन को फटकार लगाई – “तैयारी क्यों नहीं की?” इंडिगो ने माफी मांगी, लेकिन रिकवरी में 3 महीने लगेंगे। क्या ये एविएशन सेक्टर का ‘ब्लैकआउट’ है? आइए, स्टेप बाय स्टेप जानें पूरा बवाल!
DGCA के नियम 1 जुलाई से दो फेज में लागू हुए – दैनिक फ्लाइंग टाइम 8 घंटे, नाइट लैंडिंग्स 6 से घटकर 2, क्रू को 24 घंटे में 10 घंटे रेस्ट। सेफ्टी के नाम पर ये बदलाव तो अच्छे हैं, लेकिन एयरलाइंस तैयार न होने से हाहाकार। नवंबर में कुल 1,232 फ्लाइट्स कैंसल, जिनमें 755 FDTL की वजह से। इंडिगो के पास 5,456 पायलट, 10,212 कैबिन क्रू और 41,000+ स्टाफ हैं, लेकिन 2,300 डेली फ्लाइट्स चलाने वाली कंपनी में 10-20% डिसरप्शन से 200-400 फ्लाइट्स रोज प्रभावित। (DGCA FDTL Rules Impact) मिनिस्टर ने कहा, “पैसेंजर्स को होटल, खाना तुरंत दें, किराया न बढ़ाएं।” लेकिन पिछले साल से ही इंडिगो पर शिकायतें लगातार – अब तो हद हो गई!
कैंसिल फ्लाइट्स का धमाका: कहां-कहां मचा बवाल? (Flight Cancellations Breakdown)गुरुवार को 10+ एयरपोर्ट्स पर 550+ कैंसिलेशन – यहां स्टेप बाय स्टेप डिटेल:
- दिल्ली: 172 फ्लाइट्स कैंसल, बुधवार रात पैसेंजर्स एयरपोर्ट पर रुके, चिल्लाहट मची।
- मुंबई: 118 कैंसिल, 86 फ्लाइट्स (41 इनकमिंग, 45 आउटगोइंग) प्रभावित – स्टाफ से तीखी बहस।
- बेंगलुरु: 100 कैंसिल, यात्री निराश होकर स्टाफ से उलझे।
- हैदराबाद: 75 कैंसल, बुधवार को 19 कैंसल, गुरुवार को 33 आउटगोइंग-35 इनकमिंग रिस्क में – पैनिक फैला।
- कोलकाता: 35 कैंसल।
- चेन्नई: 26 कैंसल।
- गोवा: 11 कैंसल।
- जयपुर: 4 कैंसल, बेंगलुरु-हैदराबाद-मुंबई-कोलकाता रूट्स प्रभावित।
- इंदौर: 3 कैंसल, जयपुर-दिल्ली-मुंबई-गोवा-चेन्नई-कोलकाता रूट्स पर असर।
- अन्य: जोधपुर में भी डिले, कुल मिलाकर हजारों पैसेंजर्स फंसे।
इंडिगो का सफाई पत्र: माफी, लेकिन 3 महीने का वादा (IndiGo Response)इंडिगो ने स्टेटमेंट जारी कर माफी मांगी: “हम ऑपरेशंस को जल्द नॉर्मलाइज करने पर काम कर रहे हैं।” (IndiGo Apology Statement) कंपनी ने DGCA से नियमों में छूट मांगी, लेकिन रिकवरी में 3 महीने लगेंगे। 434 विमानों वाली ये एयरलाइन देश की 60%+ डोमेस्टिक फ्लाइट्स चलाती है – एयर इंडिया से दोगुनी! लेकिन नए नियमों के लिए तैयार न होने का ठीकरा सेफ्टी पर फोड़ा।DGCA की लताड़ और 4 सुझाव: ठीक करने का रोडमैप (DGCA Directives)DGCA ने इंडिगो अधिकारियों से मीटिंग की और 4 डायरेक्टिव्स दिए:
- क्रू रिक्रूटमेंट: ज्यादा पायलट-क्रू हायर करें।
- ट्रेनिंग रोडमैप: सिस्टेमेटिक ट्रेनिंग प्लान बनाएं।
- रोस्टर रिस्ट्रक्चर: ड्यूटी शेड्यूल रिवाइज करें।
- सेफ्टी प्लान: प्रोग्रेस रिपोर्ट हर 15 दिन में दें।
नए FDTL नियम पैसेंजर्स की सेफ्टी के लिए तो जरूरी हैं, लेकिन एयरलाइंस की अनएक्सपेक्टेड शॉर्टेज से सेक्टर हिल गया। इंडिगो जैसी बड़ी कंपनी पर असर पड़ेगा तो छोटी एयरलाइंस का क्या? विशेषज्ञ कहते हैं, “रिक्रूटमेंट तेज करो, वरना 2026 तक कैंसिलेशन बढ़ेंगी।” पैसेंजर्स के लिए राहत? कंप्लेंट पोर्टल पर शिकायत करें, रिफंड-रिबुकिंग डिमांड करें।
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