भारत के पास होगा अपना Space Station! जानें कबतक होगा तैयार?

Indian Space Station Launch Date: भारत अब अंतरिक्ष में सिर्फ सैटेलाइट और लॉन्च व्हीकल तक सीमित नहीं रहेगा – अब भारत अपना खुद का Indian Space Station (भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन) बनाने की ओर तेजी से बढ़ रहा है। ISRO के चेयरमैन वी. नारायणन (V. Narayanan) ने दिसंबर 2025 के चित्रकूट यूनिवर्सिटी कन्वोकेशन में ऐलान किया था कि 2028 तक स्पेस स्टेशन का पहला मॉड्यूल अंतरिक्ष में स्थापित हो जाएगा। अब खबर है कि ISRO ने इस दिशा में चुपके से काम शुरू कर दिया है।

विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र (Vikram Sarabhai Space Centre – VSSC) ने Expression of Interest (EOI) जारी किया है। इसमें भारतीय एयरोस्पेस कंपनियों से BAS-01 (Basic Aerospace Structure-01) मॉड्यूल विकसित करने के लिए प्रस्ताव मांगे गए हैं। यह मॉड्यूल भारतीय स्पेस स्टेशन की रीढ़ बनेगा।

BAS-01 मॉड्यूल क्या होगा?

  • वजन: लगभग 20 टन
  • उद्देश्य: लंबे समय तक चलने वाले मिशन, वैज्ञानिक रिसर्च और अंतरिक्ष में इंसानों की मौजूदगी
  • निर्माण: दो सेट तैयार होंगे, जो पूरी तरह भारतीय होंगे।
  • शर्तें: कंपनियों के पास कम से कम 5 साल का एयरोस्पेस मैन्युफैक्चरिंग अनुभव, पिछले 3 साल में औसतन 50 करोड़ रुपये का टर्नओवर, कोई ब्लैकलिस्ट रिकॉर्ड नहीं और क्वालिटी सर्टिफिकेशन जरूरी।

भारत ने कितना निवेश किया और क्या है प्लान?

  • बजट: सरकार ने पहले मॉड्यूल के लिए 720 करोड़ रुपये का बजट दिया है।
  • लॉन्ग लीड आइटम्स: जरूरी उपकरणों की खरीद प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
  • समयसीमा: 2028 तक BAS-01 अंतरिक्ष में स्थापित होगा। 2035 तक पूरे 5 मॉड्यूल तैयार हो जाएंगे

दुनिया में कितने स्पेस स्टेशन हैं?फिलहाल अंतरिक्ष में सिर्फ दो स्पेस स्टेशन पूरी तरह ऑपरेशनल हैं:

  • International Space Station (ISS): 2000 से लगातार काम कर रहा है। अमेरिका, रूस, जापान, यूरोप और कनाडा का संयुक्त प्रोजेक्ट।
  • Tiangong Space Station (China): 2022 से पूरी तरह चालू। चीन का अपना स्पेस स्टेशन।

भारत अब तीसरा देश बनने की दौड़ में है। यह भारत के Gaganyaan Mission के बाद की सबसे बड़ी छलांग होगी। पहले भारत का स्पेस सेक्टर सैटेलाइट और लॉन्च व्हीकल तक सीमित था। अब भारत अंतरिक्ष में लंबे समय तक रहने की क्षमता विकसित कर रहा है।

यह परियोजना Atmanirbhar Bharat (आत्मनिर्भर भारत) का सबसे बड़ा प्रतीक है। पूरी तरह भारतीय तकनीक और कंपनियों से बनने वाला यह स्पेस स्टेशन भारत को वैश्विक अंतरिक्ष शक्ति बनाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम होगा। 2028 में जब BAS-01 अंतरिक्ष में पहुंचेगा, तो भारत का परचम अंतरिक्ष में लहराएगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *