निशानेबाजी। म्यूनिख में आयोजित नशानेबाजी प्रतियोगिता में देश की होनहार निशानेबाज ईशा सिंह ने महिलाओं की 25 मीटर पिस्टल स्पर्धा में विश्व रिकॉर्ड तोड़ते हुए स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया है। ईशा ने 43 के स्कोर के साथ एक नया विश्व रिकॉर्ड भी कायम किया है।
तीन बार से बन रही पदक विजेता
ईशा सिंह ने शानदार प्रदर्शन करते हुए विश्व रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण पदक अपने नाम किया। तीन बार की विश्व चौंपियनशिप पदक विजेता ईशा ने आईएसएसएफ विश्व कप के दूसरे दिन भारत का पदक खाता खोला। 21 वर्षीय भारतीय निशानेबाज ने फाइनल में 43 अंक का विश्व रिकॉर्ड स्कोर बनाकर मेजबान जर्मनी की पूर्व विश्व चौंपियन डोरीन वेनेकैंप को पांच अंकों से पीछे छोड़ा। बुल्गारिया की मिरोस्लावा मिनचेवा ने कांस्य पदक जीता।
ऐसे हासिल किए स्वर्ण पदक
ईशा ने क्वालिफिकेशन के प्रिसिजन राउंड में 293 और रेपिड फायर राउंड में 294 अंक हासिल किए। कुल 587 अंक के साथ उन्होंने फाइनल के लिए चौथे स्थान पर क्वालीफाई किया। भारत की अन्य निशानेबाज मनु भाकर और राही सरनोबत क्रमशः 582 और 581 अंक के साथ 12वें और 14वें स्थान पर रहीं।
कौन है निशानेबाज ईशा सिंह
ईशा सिंह का जन्म 1 जनवरी 2005 को हुआ था। वह एक भारतीय खेल निशानेबाज हैं। 2018 में, महज 13 वर्ष की आयु में, वह 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में सबसे कम उम्र की राष्ट्रीय चौंपियन बनीं। उन्होंने 2024 पेरिस ओलंपिक में महिलाओं की 25 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में भारत का प्रतिनिधित्व किया। म्यूनिख में आयोजित 2026 आईएसएसएफ विश्व कप राइफल/पिस्टल में, सिंह ने फाइनल में 43 निशाने लगाकर महिलाओं की 25 मीटर पिस्टल स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता और इस स्पर्धा में वरिष्ठ और कनिष्ठ दोनों विश्व रिकॉर्ड बनाए।

