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Railway की एडवायजरी! समय से पहले न खोले आरक्षित कोच में मिडिल सीट

Indian Railway Advisory: भारतीय रेलवे देश की रीढ़ की हड्डी मानी जाती है. दरअसल ट्रेन में निर्धारित समय से पूर्व मिडिल बर्थ खोलना अथवा देर तक खुला रखना कई बार विवाद व परेशानी का कारण बन जाता है. इस प्रकार की शिकायतों पर रेलवे ने रिजर्व कोचों में मिडिल बर्थ के उपयोग के लिए जागरूकता बढ़ाने व नियमों की पालना के लिए एडवाइजरी जारी की है.

इंडियन रेलवे की अपील

गौरतलब है कि भारतीय रेलवे में सीट को लेकर लडाई एक दम आम बात है इसी लड़ाई का हिस्सा यह भी है कि, ट्रेन यात्रा के दौरान बीच वाली सीट यानी मिडिल बर्थ को खोलने बंद करने को लेकर कई बार लडाई हो जाती है. ऐसे में Railway ने कोच में चढ़ने के बाद निर्धारित समयानुसार ही मिडिल बर्थ खोलने व सुबह निर्धारित समय पर बर्थ को समेटने की अपील की है. ताकि अन्य सहयात्रियों को बैठने-उठने में असुविधा न हो.

मिडिल बर्थ की लड़ाई पर क्या करें पैसेंजर्स

आपको बता दें कि, जोधपुर रेल मंडल महाप्रबंधक अनुराग त्रिपाठी ने बताया कि मिडिल बर्थ से संबंधित शिकायतों के समाधान के लिए हेल्पलाइन नंबर 139 पर संपर्क किया जा सकता है. इसके अलावा रेल मदद एप के माध्यम से ऑनलाइन शिकायत दर्ज करा सकते है.

स्टाफ को निर्देश

रेलवे ने रेलवे स्टाफ व ऑन-बोर्ड टिकट निरीक्षक (टीटीई) को यात्रा के दौरान मिडिल बर्थ के उपयोग के संबंध में यात्रियों को मार्गदर्शन के निर्देश दिए है. हालांकि कई बार TTE भी इसे नहीं संभाल पाते तो फिर RPF के जवानों की मदद लेनी पड़ जाती है. इसीलिए रेलवे ने अपने स्टाफ को निर्देश दिए हैं की इन मामलों को सुलझाएं और सामंजस्य बनाकर रखने में मदद करें.

मिडिल बर्थ खोलने का निर्धारित समय

अब एक सबसे अहम और जरूरी बात आती है की आखिर भारतीय रेलवे के नियमानुसार मिडिल बर्थ यानी बीच वाली सीट कब खोलनी और कब बंद करनी चाहिए तो आपको बताएं रेलवे के नियम के मुताबिक सोने का समय, रात 10 से सुबह 6 बजे तक ही है और इस दौरान यह सीट खोलने की अनुमति है.

अब दिन की भी बात कर लें कि आखिर दिन में क्या करें तो आपको बताएं दिन का समय सुबह 6 बजे के बाद मिडिल बर्थ को बंद रखना है, ताकि लोअर बर्थ वाले यात्रियों को बैठने की सुविधा मिल सके.

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