Indian Express Hindi Hindi : हिंदी पत्रकारिता के लिए अहम कदम अब “द इंडियन एक्सप्रेस हिंदी”की कमान संभालेंगे लल्लनटॉप के”सौरभ”-हिंदी पत्रकारिता के डिजिटल और प्रिंट परिदृश्य में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है। वरिष्ठ पत्रकार सौरभ द्विवेदी अब द इंडियन एक्सप्रेस के नए हिंदी संस्करण का नेतृत्व करेंगे। इस नई जिम्मेदारी के तहत वे न केवल अख़बार के संपादकीय संचालन को संभालेंगे, बल्कि ई-पेपर और वीडियो शोज़ जैसी डिजिटल पहलों की दिशा भी तय करेंगे। यह कदम हिंदी भाषी पाठकों तक द इंडियन एक्सप्रेस की गहन और तथ्यपरक अंग्रेज़ी पत्रकारिता को पहुंचाने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।वरिष्ठ पत्रकार सौरभ द्विवेदी संभालेंगे द इंडियन एक्सप्रेस हिंदी संस्करण की कमान। जानिए उनके करियर, इंडिया टुडे से इस्तीफे और हिंदी पत्रकारिता पर असर।
इंडियन एक्सप्रेस की हिंदी विस्तार रणनीति
द इंडियन एक्सप्रेस लंबे समय से अपनी खोजी और विश्वसनीय पत्रकारिता के लिए जाना जाता है। हिंदी संस्करण के नेतृत्व के लिए सौरभ द्विवेदी का चयन यह संकेत देता है कि समूह हिंदी हार्टलैंड के पाठकों से गहरा और भरोसेमंद जुड़ाव बनाना चाहता है। इस संस्करण में प्रिंट,अख़बार, डिजिटल ई-पेपर,समसामयिक मुद्दों पर वीडियो शोज़ को एकीकृत रणनीति के तहत आगे बढ़ाया जाएगा।
इंडिया टुडे ग्रुप से 12 साल बाद विदाई
इसी महीने सौरभ द्विवेदी ने लगभग 12 वर्षों के लंबे सफर के बाद इंडिया टुडे ग्रुप से इस्तीफा दिया था। वे द लल्लनटॉप के संस्थापक संपादक,इंडिया टुडे हिंदी के संपादक रह चुके हैं। उनके नेतृत्व में द लल्लनटॉप ने हिंदी डिजिटल मीडिया में एक अलग पहचान बनाई और खासकर युवा दर्शकों के बीच मजबूत भरोसा और लोकप्रियता हासिल की।
सोशल मीडिया पर भावुक विदाई
5 जनवरी को सौरभ द्विवेदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर दो पोस्ट के ज़रिए अपने इस्तीफे की जानकारी दी। पहली पोस्ट में उन्होंने लिखा…“शुक्रिया लल्लनटॉप, पहचान, सबक और हौसले के लिए… अपना साथ यहां समाप्त होता है. अध्ययन अवकाश और फिर आगे के संकल्प की बात करूंगा” इसके बाद उन्होंने एक तस्वीर के साथ एक हिंदी शेर साझा किया, जिसे उनके नए सफर की ओर इशारा माना गया।
आज तक से लल्लनटॉप तक का सफर
सौरभ द्विवेदी ने अपने करियर की शुरुआत आज तक में फीचर्स एडिटर के रूप में की थी। बाद में उन्होंने कमलेश सिंह के साथ मिलकर द लल्लनटॉप की सह-स्थापना की, जो आगे चलकर हिंदी डिजिटल पत्रकारिता का एक प्रभावशाली मंच बना।
कली पुरी का बयान-इंडिया टुडे ग्रुप की वाइस चेयरपर्सन कली पुरी ने उनके इस्तीफे पर कहा……“सौरभ और उनके काम पर मुझे बेहद गर्व है। उन्होंने लल्लनटॉप को भारत के हिंदी हार्टलैंड के युवाओं के लिए एक भरोसेमंद और पसंदीदा मंच बनाया।” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सौरभ समूह से आगे बढ़कर नई रचनात्मक संभावनाओं को तलाशना चाहते थे।
निष्कर्ष-Conclusion-सौरभ द्विवेदी का द इंडियन एक्सप्रेस हिंदी से जुड़ना हिंदी पत्रकारिता के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ माना जा सकता है। उनके अनुभव, डिजिटल समझ और युवाओं से संवाद की शैली के चलते यह उम्मीद की जा रही है कि हिंदी संस्करण न केवल विश्वसनीय होगा, बल्कि समकालीन पाठकों की अपेक्षाओं पर भी खरा उतरेगा। यह कदम हिंदी मीडिया को गुणवत्ता, गहराई और भरोसे की नई दिशा दे सकता है।
