India US Relations : भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच दोस्ती वास्तविक और मजबूत है। गोर ने मोदी को ट्रंप का ‘डियर फ्रेंड’ बताया और दोनों नेताओं के बीच विश्वास और सम्मान का जिक्र किया।
अमेरिका पैक्ससिलिका में भारत को देगा निमंत्रण
अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने घोषणा की है कि अमेरिका की नई वैश्विक पहल पैक्ससिलिका में भारत को अगले महीने पूर्ण सदस्य के रूप में आमंत्रित किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य महत्वपूर्ण खनिज, ऊर्जा, उन्नत मैन्युफैक्चरिंग, सेमीकंडक्टर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे क्षेत्रों में सुरक्षित और इनोवेशन-आधारित सप्लाई चेन बनाना है। इसमें जापान, दक्षिण कोरिया, यूके और इजरायल पहले ही शामिल हो चुके हैं, और अब भारत की भी प्रक्रिया शुरू हो रही है।
ट्रंप भारत दौरे पर आएंगे
सर्जियो गोर ने बताया कि अगले एक-दो साल में राष्ट्रपति ट्रंप भारत आ सकते हैं, जो दोनों देशों के संबंधों के लिए बहुत महत्वपूर्ण होगा। 13 जनवरी को भारत-अमेरिका के बीच ट्रेड डील पर बातचीत होगी, जिसमें सकारात्मक नतीजों की उम्मीद है।
अमेरिका का महत्वपूर्ण साझेदार है भारत – गोर
गोर ने कहा कि भारत को अमेरिका का सबसे महत्वपूर्ण साझेदार माना जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि दोनों देशों के बीच व्यापार और रणनीतिक मामलों में बातचीत तेज़ी से आगे बढ़ रही है। दोनों नेताओं के बीच मजबूत दोस्ती का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि कभी-कभी असहमति भी होती है, लेकिन दोनों इसे सुलझा लेते हैं।
पीएम मोदी से दोस्ती करना चाहते हैं ट्रंप
बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भारत के साथ साझेदारी करना चाहते हैं, लेकिन वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने झुकना भी नहीं चाहते। इसलिए वह इन दिनों पीएम मोदी की तारीफे करते दिख रहें हैं। हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत को लेकर कई बातें कहीं, जिसमें भारत पर 500% टैरिफ़ लगाने की बात भी शामिल है। डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वे अगले एक-दो साल में भारत का दौरा कर सकते हैं। साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को “महान नेता” और “दोस्त” कहा है।
मोदी को झुकाने के लिए लगा सकते हैं 500% टैरिफ़
दरअसल, डोनाल्ड ट्रंप ने रूस प्रतिबंध बिल को भी मंजूरी दी है, जिसके तहत वह रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर 500 फीसदी तक का टैरिफ लगा सकते हैं। इसमें भारत, चीन और ब्राजील जैसे देश आते हैं। गौरतलब है कि भारत अब रूस से सबसे अधिक तेल लेने वाला दूसरा देश है, इससे पहले चीन है। पिछले साल अगस्त में ट्रंप ने भारत पर 50 फीसदी का टैरिफ लगाया था।
वहीं, अमेरिका के वाणिज्य मंत्री हॉवर्ड लुटनिक ने खुलासा किया है कि भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील अटकने की वजह मोदी और ट्रंप के बीच बातचीत का न होना है। उन्होंने कहा कि यह इसलिए नहीं हुआ क्योंकि दोनों के बीच बात नहीं हुई, बल्कि इसलिए हुआ क्योंकि मोदी ने ट्रंप को फोन नहीं किया।
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