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भारत विश्व के सबसे बड़े डिजिटल स्वास्थ्य इकोसिस्टम में शामिल, मध्यप्रदेश को उपकरणों की सौगात

नई दिल्ली। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने देश में डिजिटल सार्वजनिक स्वास्थ्य अवसंरचना को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से नई दिल्ली में आयोजित ‘डिजिटल हेल्थ इनिशिएटिव्स लॉन्च कार्यक्रम’ में आरोग्य सेतु 2.0 सहित कई नई डिजिटल स्वास्थ्य पहलों का शुभारंभ किया। इन पहलों का उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक एकीकृत, सुलभ, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित बनाना है।

शुभारंभ की गई प्रमुख पहलों में

आरोग्य सेतु 2.0, आयुष्मान ऐप, आयुष्मान सारथी व्हाट्सएप चौटबॉट, नेशनल हेल्थ क्लेम्स एक्सचेंज (एनएचसीएक्स), यूनिफाइड हेल्थ इंटरफेस (यूएचआई), ई-सुश्रुत क्लिनिक, ड्रग रजिस्ट्री, कॉमन कोड्स फॉर इंडिया (सीएलसीआई) तथा भारत हेल्थ टर्मिनोलॉजी सर्विस (बीएचटीएस) शामिल हैं। केंद्रीय मंत्री श्री नड्डा ने कहा कि 90 करोड़ से अधिक आभा खाते और 100 करोड़ से अधिक डिजिटल स्वास्थ्य रिकॉर्ड बनने के साथ भारत विश्व के सबसे बड़े डिजिटल स्वास्थ्य इकोसिस्टम में शामिल हो चुका है। उन्होंने कहा कि आरोग्य सेतु 2.0 मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, युवाओं, वरिष्ठ नागरिकों तथा दीर्घकालिक बीमारियों से ग्रस्त लोगों सहित सभी आयु वर्ग के नागरिकों को एक ही मंच पर विभिन्न स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराएगा।

ये रहे मौजूद

कार्यक्रम में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार, आयुष) श्री प्रतापराव जाधव, केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री श्रीमती अनुप्रिया पटेल, नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) डॉ. एम. श्रीनिवास, त्रिपुरा के मुख्यमंत्री डॉ. माणिक साहा, मध्यप्रदेश के उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल, उत्तरप्रदेश के उप मुख्यमंत्री श्री ब्रजेश पाठक, केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव श्रीमती पुण्य सलिला श्रीवास्तव, स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग के सचिव एवं आईसीएमआर के महानिदेशक डॉ. राजीव बहल तथा राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी डॉ. सुनील कुमार बर्नवाल सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी एवं गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।

मध्यप्रदेश को उपकरणों की सौगात

मध्यप्रदेश के लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग तथा भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के बीच एक महत्वपूर्ण एमओयू हुआ है। इसके तहत आगामी तीन वर्षों में पीएम-केयर्स के माध्यम से प्रदेश को 13 एमआरआई मशीनें, 11 मैमोग्राफी मशीनें तथा 308 एआई-सक्षम हैंडहेल्ड एक्स-रे उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे। इससे प्रदेश में स्वास्थ्य एवं निदान (डायग्नोस्टिक) सेवाओं को उल्लेखनीय मजबूती मिलेगी तथा आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार होगा।

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