Site iconSite icon SHABD SANCHI

भारत का Forex Reserves रिकॉर्ड 740.8 $ अरब पर, जानें RBI प्लान…

India's forex reserves hit a record $740.8 billion; RBI's strategyIndia's forex reserves hit a record $740.8 billion; RBI's strategy

India's forex reserves hit a record $740.8 billion; RBI's strategy

Forex Reserves record: भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 28 अगस्त 2026 को समाप्त सप्ताह में बढ़कर रिकॉर्ड 740 पॉइंट 803 डॉलर अब पर पहुंच गया है। आरबीआई के आंकड़ों के अनुसार यह लगातार नौवां सप्ताह है जब देश के विदेशी मुद्रा भंडार में बढ़ोतरी देखने को मिली है। लगभग एक सप्ताह पहले ये 729 पॉइंट 338 अरब पर था, यानी एक सप्ताह में लगभग 11.475 अरब की बढ़ोतरी देखने को मिली है।

RBI की पहल से बढ़ा है विदेशी मुद्रा प्रवाह

इस बढ़ोतरी होने के बीच आरबीआई की जून में शुरू हुई Forex Reserves के विशेष पहल चर्चा में देखने को मिल रही है। इन उपाय के तहत बैंक को विदेशी मुद्रा जमा जताने और विदेश से होने वाले उधर के लिए स्वैप के साथ हेजिंग से जुड़ी सुविधाएं दी जा रही है। आरबीआई की जानकारी के अनुसार 5 जून से 31 अगस्त 2026 के बीच इन सभी व्यवस्थाओं के अनुसार टोटल 136.37 डॉलर अब का विदेशी मुद्रा मोबाइलडिशन हुआ है। इसमें एफसीएनआर जमा होने से करीब 127 पॉइंट 22 अरब डॉलर आए हैं। ये आंकड़ा 31 अगस्त का बताया जा रहा है। जबकि 740 पॉइंट 803 अरब डॉलर का विदेशी मुद्रा भंडार 28 अगस्त की स्थिति को ही दर्शाता है इसलिए दोनों आंकड़ों को एक ही अवधि का समझ लेना सही नहीं होगा।

ये भी पढ़े : Tempsens IPO: GMP तेज, लेकिन क्या इसमे निवेश करना सही रहेगा?

विदेशी मुद्रा भंडार में है सबसे बड़ा हिस्सा FCA का

28 अगस्त तक का टोटल भंडार फॉरेन करंसी ऐसेट 600 पॉइंट 670 अरब डॉलर का था इसमें एक सप्ताह में 9.337 डॉलर अरब की बढ़ोतरी देखने को मिली है। वही सोने का भंडार 116 पॉइंट 409 डॉलर अब हो गया है जो एक सप्ताह में 2.191 अरब डॉलर बढ़ गया है। इसके अलावा भारत के एसडीआरएस 18.810 अरब डॉलर और आईएफ में रिजर्व पोजीशन 4 पॉइंट 914 अरब डॉलर रही है। इस तरह इन सभी घटक को मिलाकर कुल विदेशी मुद्रा भंडार 740 पॉइंट 803 अरब डालर रहा है।

ये भी पढ़े : HSBC म्यूचुअल फंड ने खोले 3 इंटरनेशनल फंड, जानें लिमिट

रुपये के लिए क्यों अहम है यह सभी रिकॉर्ड?

विदेशी मुद्रा भंडार का मजबूत होना भारत के लिए एक बड़ा सुरक्षा कवच है वैश्विक बाजार में अचानक उतार-चढ़ाव या रुपए पर दबाव बढ़ जाने की स्थिति में आरबीआई के पास Forex Reserves यानी विदेशी मुद्रा बाजार में हस्तचेप करने के लिए ज्यादा गुंजाइश रहती है। हालांकि रिकॉर्ड भंडार का मतलब यह नहीं होता है कि रुपया अपने आप मजबूत हो जाएगा रुपए की चाल पर कच्चे तेल की कीमत डॉलर की वैश्विक मजबूती विदेश के निवेश और अन्य बाहरी कारक का भी असर देखने को मिलता है। हेली की रिपोर्ट के अनुसार मजबूत विदेशी मुद्रा प्रवाह ने आरबीआई को रुपए में अधिक उत्तर चढ़ाव को संभालने के लिए ज्यादा गुंजाइश दिए हैं।

Exit mobile version